रविवार, 6 अक्टूबर 2019

अधिकारी, मंत्रियों के निर्देश पर कर रहे काम

नेता प्रतिपक्ष के प्रचार पर रोक लगाए आयोग                

मध्यप्रदेश के झाबुआ विधानसभा चुनाव के लिए हो रहे उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों द्वारा प्रचार के साथ-साथ चुनाव आयोग को शिकायतें करने का सिलसिला भी तेज हो चला है. भाजपा ने मंत्रियों के निर्देश पर अधिकारियों द्वारा काम करने की शिकायत आयोग से की है, तो कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव को झाबुआ उपचुनाव में प्रचार के लिए प्रतिबंधित करने की मांग की है. 
भारतीय जनता पार्टी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत करते हुए कहा कि झाबुआ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के मंत्रियो के निर्देश पर काम कर रहे है सरकारी अधिकारियों को तुंरत अन्यत्र पदस्थ करने की मांग की है.  शिकायत में कहा गया है कि झाबुआ विधानसभा उपचुनाव में झाबुआ के सरकारी अधिकारी पूरी तरह प्रदेश शासन के मंत्रियो के निर्देश पर कार्य कर रहे है. पूर्व में कलेक्टर झाबुआ प्रबल सिपाहा के विरूद्ध शिकायत की थी, लेकिन इस समय जो तथ्य मिले है वह तो अत्यंत चौकाने वाले है. ऐसा लगता है कि झाबुआ उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी जीत से आशंकित होकर कांग्रेस किसी भी प्रकार कर्मचारियों के माध्यम से चुनाव जीतना चाहती है. 
 भाजपा ने शिकायत में कहा कि प्रबल सिपाहा कलेक्टर झाबुआ,  अभय सिंह खरारी निर्वाचन अधिकारी, एवं एस.डी.ओ. झाबुआ तथा अनिल भाना उप जिला निर्वाचन अधिकारी झाबुआ इनके पास जो घोषित टेलीफोन नंबर और मोबाईल नंबर है. इसके अलावा इनके पास अलग से मोबाईल नंबर है और वे कांग्रेस के मंत्रियो विशेषकर सज्जन सिंह वर्मा,बाला बच्चन एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह से निरंतर संपर्क में है और उनके निदेर्शो का अक्षरश: पालन कर रहे है जो कि लोकतांत्रिक के प्रक्रिया के विपरित है.  
कांग्रेस ने की नेता प्रतिपक्ष की शिकायत

प्रदेश कांगे्रस के प्रवक्ता एवं प्रभारी चुनाव आयोग कार्य जे.पी. धनोपिया ने उपचुनाव के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव को प्रचार-प्रसार में प्रतिबंधित किए जाने की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मांग की है. धनोपिया ने कहा कि हाल ही में बीते 30 सितंबर को झाबुआ में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव द्वारा कांगे्रस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया को पाकिस्तानी संबोधित कर मतदाताओं को चुनावी वातावरण में देश भक्ति की भावनाओं को भड़काकर मतदान को प्रभावित करने का अवैध कृत्य किया है. जिसकी शिकायत कांगे्रस द्वारा चुनाव आयोग को की गई थी और उसी के चलते झाबुआ में नेता प्रतिपक्ष भार्गव के खिलाफ रिटर्निंग आफीसर झाबुआ द्वारा एफआईआर भी दर्ज करायी गई.  धनोपिया ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मांग की है कि भार्गव को झाबुआ उपचुनाव के प्रचार-प्रसार पर प्रतिबंधित किया जाए ताकि उपचुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से संपन्न हो सके.

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