मध्यप्रदेश में राज्यपाल द्वारा नगरीय निकाय संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने का भाजपा द्वारा द्वारा विरोध तेज हो गया है. भाजपा ने इसके विरोध की रणनीति बनाने के लिए कल 10 दिसंबर को प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठक बुलाई है, वहीं नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा है कि इस विधेयक को मंजूरी मिलने से अब पार्षदों की खरीद फरोख्त को बढ़ावा मिलेगा.
मध्य प्रदेश में पार्षदों के जरिए महापौर चुने जाने के राज्यपाल की मंजूरी के बाद नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने पार्षदों के खरीद फरोख्त की आशंका जताई है. भार्गव ने कहा है कि दल-बदल रोकने के लिए भी सरकार अध्यादेश लाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में बदलाव के लिए लाए गए अध्यादेश से पार्षदों की खरीद-फरोख्त बढ़ेगी. भार्गव ने कहा कि पार्षदों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए सरकार को नगरीय निकायों में भी दल बदल कानून लागू करना चाहिए. इसके लिए भी सरकार अध्यादेश लाए. भार्गव ने कहा कि सरकार के इस अध्यादेश लागू होने से प्रदेश के तमाम लोकप्रिय और आर्थिक रुप से कमजोर गरीब लोगों के प्रति सहानुभूति है,जो वर्षों से राजनीति के क्षेत्र में जनसेवा कर रहे हैं. भार्गव ने कहा कि भारत में शायद मध्य प्रदेश ही ऐसा राज्य है जहां पर जनता से सीधे अध्यक्ष और महापौर चुनने की व्यवस्था है और इसके साथ ही अगर चुना हुआ जनप्रतिनिधि भ्रष्ट, निकम्मा और अलोकप्रिय हो तो उसे वापिस बुलाने का अधिकार राइट टू रिकाल भी मध्यप्रदेश में सिर्फ भाजपा शासन में लागू हुआ, जो कि दुनिया के ताकतवर देश अमेरिका और यूरोप के देशों से एक कदम आगे बढ़कर क्रांतिकारी निर्णय था.
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के इस अध्यादेश से जनप्रतिनिधियों में निरंकुशता बढ़ेगी, क्योंकि एक ओर चुने गए जनप्रतिनिधि मनमानी करेंगे. वहीं दूसरी ओर शासन सिर्फ गिने चुने लोगों को साधकर सत्ता में बने रहेगी. और महापौर, अध्यक्ष पार्षदों को खुश करने में लगे रहेंगे.
भाजपा आज बनाएगी विरोध की रणनीति
नगरीय निकाय संशोधिन विधेयक में हुए परिवर्तन को लेकर भाजपा ने कल 10 अक्टूबर को प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक प्रदेश कार्यालय में बुलाई है. यह बैठक दोपहर 12 बजे से शुरु होगी. बैठक में बड़े नेता पार्षदों के जरिए महापौर चुनाव वाले विधेयक को लेकर सरकार के निर्णय के खिलाफ रणनीति बनाएंगे. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह सहित कई नगर निगमों के महापौर भी शामिल होंगे. बैठक के बाद विधेयक का पुरजोर विरोध किया जाएगा. पूरे प्रदेश में विरोध का तरीका क्या होगा,कैसे इसे जन-जन की आवाज बनाया जाएगा इस पर मंथन किया जाएगा.

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