गुरुवार, 17 अक्टूबर 2019

फर्जी नियुक्ति पत्र देकर महिलाओं से करते थे ठगी


मध्यप्रदेश पुलिस के एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को बड़ी कामयाबी मिली है. एसटीएफ ने एम्स (अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान) में नर्स के पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पदार्फाश किया है. इस गिरोह द्वारा फर्जी नियुक्ति पत्र देकर महिलाओं से धन की ठगी की जा रही थी. एसटीएफ ने इस गिरोह के सरगना दिलशाद खान निवासी जबलपुर तथा आलोक कुमार बामने निवासी भोपाल को गिरफ्तार कर लिया है. 
एसटीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक यह गिरोह नर्स के पद पर भर्ती कराने के नाम पर अब तक 50 से अधिक लड़कियों से लाखों रुपए की ठगी कर चुका है. एसटीएफ द्वारा की गई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी दिलशाद खान द्वारा पांच महिलाओं से निकाह किया गया है. पांचों महिलाओं के उच्च स्तरीय रहन-सहन का खर्चा उठाने के लिए वह इस प्रकार के गलत धंधे में लिप्त हो गया था. दिलशाद खान ने एसटीएफ को बताया कि उसकी चौथी पत्नी द्वारा जबलपुर में एक निजी अस्पताल का संचालन किया जा रहा है. दूसरे आरोपी आलोक बामने की पत्नी शासकीय कन्या छात्रावास पटेल नगर भोपाल में अधीक्षिका के पद पर पदस्थ है. एसटीएफ द्वारा इस प्रकरण में आलोक बामने की पत्नी की भूमिका की जांच भी की जा रही है.  

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