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| पी.सी.शर्मा |
मध्यप्रदेश में सार्वजनिक स्थलों पर अब नेताओं के होर्डिंग्स, पोस्टर आदि लगाना आसान नहीं होगा. इसके लिए अनुमति लेनी होगी. बिना अनुमति के लगाए जाने वाले होर्डिंग्स, पोस्टर पर जुर्माना लगाया जाएगा.
यह फैसला आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि होर्डिंग्स , पोस्टर आदि लगाने संबंधी नियम बनेंगे. इस संबंध में नियम बनाने की अनुमति मंत्रिपरिषद ने दे दी है. उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन नियम 2017 को और सख्त बनाने के लिए एक प्रस्ताव को बैठक में मंजूरी दी है. इसमें नेताओं के स्वागत, जन्मदिन आदि के बैनर, पोस्टर, सड़कों और निजी मकानों पर लगाने के लिए अब नगर निगम से अनुमति लेनी होगी. उन्होंने बताया कि नियमों में प्रावधान किया जाएगा कि नगर निगम या अन्य संबंधित विभाग से विधिवत अनुमति के बाद ही निर्धारित प्रारूप में होर्डिंग्स आदि लगाए जा सकेंगे. ऐसा नहीं करने वालों पर जुर्माने का प्रावधान भी किया जा सकता है. शर्मा ने कहा कि ऐसा शहरों का सौंदर्य आदि बरकरार रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है. इसकी प्रेरणा चंडीगढ़ से ली गई है.
उन्होंने कहा कि बैठक में उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के कार्यों की 58 की उम्र के बाद समीक्षा की जाएगी. इसके बाद यह तय होगा कि संबंधित न्यायाधीश 60 साल की उम्र तक न्यायाधीश के रूप में कार्य कर सकेंगे अथवा नहीं. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य पुन निर्माण कोष का भी गठन किया गया है. यह कोष बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना. प्राकृतिक आपदा के दौरान इस कोष के माध्यम से मदद की जाएगी.
जनसंपर्क मंत्री ने बताया कि बैठक में वरिष्ठ पत्रकारों को मिलने वाली सम्मान राशि को 7 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किए जाने का फैसला भी किया गया. उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगने वाले 2640 मेगावाट बिजली प्लांट के लिए कोयले खरीदी का प्रस्ताव पास किया गया, बिजली उत्पादन के लिए कोल इंडिया से ये कोयला खरीदा जाएगा.
मुख्यमंत्री का किया सम्मान
मुख्यमंत्री कमल नाथ को मंत्रालय में मंत्रिमंडल की बैठक में इंदौर में 17 और 18 अक्तूबर को हुई मैग्नीफिसेंट एमपी के आयोजन पर मंत्रिमंडल के सदस्यों ने बधाई दी. मंत्रिमंडल के सदस्यों ने कहा कि इस आयोजन ने मध्यप्रदेश में निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है और प्रदेश को कई निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. सदस्यों ने कहा कि यह आयोजन निश्चित रूप से प्रदेश के विकास विशेषकर रोजगार के क्षेत्र में उपलब्धियों का एक नया कीर्तिमान बनाएगा. मंत्रिमंडल के सदस्यों ने हाल ही में झाबुआ में हुए विधानसभा उप चुनाव में कांतिलाल भूरिया की विजय होने का श्रेय मुख्यमंत्री द्वारा पिछले साढ़े सात माह में जनहित में लिए गए निर्णयों को दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री को इसके लिए बधाई दी.


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