नगरीय विकास मंत्री ने कहा आवेदन, सुझाव आएंगे तो किया जाएगा विचार
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम को दो भागों में बांंटने के बाद अब जबलपुर और इंदौर नगर निगम को दो भागों में बांटने की मांग उठने लगी है. इस मांग पर राज्य के नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंंह न ेकहा कि अगर दोनों ही स्थानों से सुझाव या फिर आवेदन आता है तो वे फिर विचार करेंगे.
राजधानी भोपाल को दो नगर निगम में बांटने की प्रक्रिया चल ही रही है. वहीं भाजपा द्वारा इसे लेकर विरोध भी किया जा रहा है. शासन स्तर पर आपत्तियां भी बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने आपत्ति लगाई है. वहीं भाजपा इसे लेकर पहले ही सरकार को आंदोलन की चेतावनी दे चुकी है. भोपाल नगर निगम को दो भागों में बांटने की यह प्रक्रिया और विरोध चल रही रहा था कि अब इंदौर के अलावा जबलपुर नगर निगमों को दो भागों में बांटने की मांग उठने लगी है. इंदौर में कांग्रेस नेताओं द्वारा यह मांग पूर्व में ही उठाई जा चुकी है. वहीं जबलपुर में अब इस मांग को राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने उठाया है. तन्खा ने ट्वीट कर लिखा है कि यदि जयपुर, जोधपुर और कोटा में 2 नगर निगम हो सकते हैं (शहर के आकार और जनसंख्या को देखते हुए) तो मध्यप्रदेश में जबलपुर और इंदौर क्यों नहीं. सिर्फ भोपाल ही क्यों. प्रशासनिक सुविधा कारण सभी पर लागू होता है. इससे पहले एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि यह समय की डिमांड है, जबलपुर कार्पोरेशन 1956 के कानून तहत स्थापित हुआ था, तब जबलपुर की जनसंख्या 2 लाख होगी, अब 15 लाख होगी. आज लगभग 70 वार्ड है, अगर 2 कार्पोरेशन स्थापित होंंगे तो वार्ड संख्या दुगनी हो जाएगी. 2 महापौर भी मिलेंगे.
मंत्री ने दिया आश्वासन
राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा द्वारा की गई इस मांग पर राज्य के नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह ने आश्वस्त किया है कि अगर इस मामले को लेकर वहां से (इंदौर एवं भोपाल से) सुझाव या आवेदन आते हैं तो वे इस पर विचार करेंगे. तन्खा के इस ट्वीट के जवाब में मंत्री जयवर्धन सिंह ने ट्वीट किया है कि विवेक तन्खा के विचार उचित है. सिंह ने कहा है कि शहरी विकास के लिए छोटे जनसंख्या वाले वार्डो का होना जरूरी है. जबलपुर और इंदौर शहर में दो नगर निगम बनाने का कोई सुझाव या आवेदन आता है तो उस पर विचार किया जाएगा. एक अन्य ट्वीट में लिखा जब विवेक तन्खा बोलते हैं, तो पूरा देश सुनता है. फिलहाल हमें केवल भोपाल के लिए आवेदन मिले हैं. यदि इंदौर या जबलपुर के लिए कोई मामला बनता है तो हम निश्चित रूप से इस पर विचार करेंगे.
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम को दो भागों में बांंटने के बाद अब जबलपुर और इंदौर नगर निगम को दो भागों में बांटने की मांग उठने लगी है. इस मांग पर राज्य के नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंंह न ेकहा कि अगर दोनों ही स्थानों से सुझाव या फिर आवेदन आता है तो वे फिर विचार करेंगे.
राजधानी भोपाल को दो नगर निगम में बांटने की प्रक्रिया चल ही रही है. वहीं भाजपा द्वारा इसे लेकर विरोध भी किया जा रहा है. शासन स्तर पर आपत्तियां भी बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने आपत्ति लगाई है. वहीं भाजपा इसे लेकर पहले ही सरकार को आंदोलन की चेतावनी दे चुकी है. भोपाल नगर निगम को दो भागों में बांटने की यह प्रक्रिया और विरोध चल रही रहा था कि अब इंदौर के अलावा जबलपुर नगर निगमों को दो भागों में बांटने की मांग उठने लगी है. इंदौर में कांग्रेस नेताओं द्वारा यह मांग पूर्व में ही उठाई जा चुकी है. वहीं जबलपुर में अब इस मांग को राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने उठाया है. तन्खा ने ट्वीट कर लिखा है कि यदि जयपुर, जोधपुर और कोटा में 2 नगर निगम हो सकते हैं (शहर के आकार और जनसंख्या को देखते हुए) तो मध्यप्रदेश में जबलपुर और इंदौर क्यों नहीं. सिर्फ भोपाल ही क्यों. प्रशासनिक सुविधा कारण सभी पर लागू होता है. इससे पहले एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि यह समय की डिमांड है, जबलपुर कार्पोरेशन 1956 के कानून तहत स्थापित हुआ था, तब जबलपुर की जनसंख्या 2 लाख होगी, अब 15 लाख होगी. आज लगभग 70 वार्ड है, अगर 2 कार्पोरेशन स्थापित होंंगे तो वार्ड संख्या दुगनी हो जाएगी. 2 महापौर भी मिलेंगे.
मंत्री ने दिया आश्वासन
राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा द्वारा की गई इस मांग पर राज्य के नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह ने आश्वस्त किया है कि अगर इस मामले को लेकर वहां से (इंदौर एवं भोपाल से) सुझाव या आवेदन आते हैं तो वे इस पर विचार करेंगे. तन्खा के इस ट्वीट के जवाब में मंत्री जयवर्धन सिंह ने ट्वीट किया है कि विवेक तन्खा के विचार उचित है. सिंह ने कहा है कि शहरी विकास के लिए छोटे जनसंख्या वाले वार्डो का होना जरूरी है. जबलपुर और इंदौर शहर में दो नगर निगम बनाने का कोई सुझाव या आवेदन आता है तो उस पर विचार किया जाएगा. एक अन्य ट्वीट में लिखा जब विवेक तन्खा बोलते हैं, तो पूरा देश सुनता है. फिलहाल हमें केवल भोपाल के लिए आवेदन मिले हैं. यदि इंदौर या जबलपुर के लिए कोई मामला बनता है तो हम निश्चित रूप से इस पर विचार करेंगे.
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