भोपाल नगर निगम को दो भागों में बांटने के खिलाफ भाजपा लगातार विरोध कर रही है, जिसके चलते भाजपा नेताओं न आज राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर भोपाल नगर निगम को दो भागों में बांटने के सरकार के फैसले का विरोध जताया. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने कहा कि प्रत्यक्ष चुनाव लोकतंत्र की आत्मा है, कांगे्रस उस आत्मा को मारने का काम कर रही है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के अलावा अन्य बड़े नेताओं ने राज्यपाल लालजी टंडन से राजभवन पहुंचकर मुलाकात की. साथ ही भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को अलग-अलग शहरों में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान के दस्तावेज भी सौंपे हैं. भाजपा ने नगर निगम को दो भागों में बांटने के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया था. राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज हमने राज्यपाल से भेंटकर भोपाल नगर निगम के विघटन पर आपत्ति दर्ज कराई है. प्रत्यक्ष चुनाव लोकतंत्र की आत्मा है. कांग्रेस उस आत्मा को मारने और सांप्रदायिक आधार पर लोगों को बांटने का काम कर रही है. हम कांग्रेस को इस षड्यंत्र में सफल नहीं होने देंगे.
भाजपा द्वारा राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि नगर पालिक निगम अधिनियम की विभिन्न धाराओं का उल्लेख करते हुए यह बताया गया है कि नगर निगमों में बंटवारे की घोषणा के लिए राज्यपाल किसी पर निर्भर नहीं हैं, यह राज्यपाल के स्वविवेक पर आधारित है. इसकी विभिन्न धाराओं में प्रावधान है कि मंत्री परिषद, सचिव या कलेक्टर इस बारे में किसी भी प्रकार की अधिसूचना जारी नहीं कर सकते हैं, जिसके कारण भोपाल नगर निगम में दो नगर निगम के बंटवारे को लेकर जारी की गई अधिसूचना असंगत है. साथ ही जिन धाराओं का उल्लेख किया गया है वह नगर निगम के परिसीमन से जुड़ी हैं, लेकिन उसके बंटवारे से उनका कोई संबंध नहीं है. भाजपा नेताओं ने भोपाल नगर निगम को दो भागों में बांटने के निर्णय को अदूरदर्शी, असंगत, अप्रासंगिक, विकास की गति को रोकने वाला और खर्चिला बताया है. भाजपा ने राज्यपाल से मांग की है कि इस मामले में कलेक्टर ने जो अधिसूचना जारी की उसे खारिज किया जाए.

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