सिंधिया के फिर उठाए सरकार पर सवाल, कहा कार्रवाई के बजाय दोषियों को छोड़ा जा रहा है
पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर कमलनाथ सरकार को घेरा है. मिलावट के लिए सरकार द्वारा चलाए गए अभियान शुद्ध के लिए युद्ध को लेकर उन्होंने प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर संदेह जताया और कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं सिंधिया के इस बयान के आने के बाद राज्य के पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. नरोत्तम मिश्रा ने सिंधिया का समर्थन किया और कहा कि वे मिलावट के इस अभियान के लिए सरकार के खिलाफ युद्ध करें, हम उनके साथ हैं.
पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है. सोमवार को ग्वालियर में फूड टेस्टिंग लैब के भूमिपूजन पर पहुंचे सिंधिया का कहना है कि मिलावट रोकने के लिए छापे मारे जाते हैं, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई होने के बजाय उन्हें छोड़ दिया जाता है. सिंधिया ने कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार सख्ती नहीं कर रही है उन्हें छोड़ा जा रहा है. सिंधिया ने स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट की ओर इशारा करके कहा कि सिस्टम को पटरी पर लाने के लिए आपके आदेश के बगैर किसी मिलावटखोर को छोड़ा नहीं जाना चाहिए. सिंधिया ने कहा कि मैं प्रदेश में कई कहानियां सुन रहा हूं. मिलावट को रोकने के लिए छापा पड़ता है, लेकिन उन्हें छोड़ दिया जाता है. उन्होंने स्वास्थ मंत्री तुलसी सिलावट को नसीहत देते हुए कहा कि मंत्रीजी आपसे निवेदन है कि मिलावट पर सख्त कार्रवाई हो मिलावटखोरों को जेल की सलाखों में पहुंचाया जाए. आप खुद भोपाल में बैठकर मानिटरिंग कीजिए, किसी को बख्शा ना जाए और आपके आदेश के बिना केस क्लोज नहीं होना चाहिए.
पूर्व मंत्री ने दिया सिंधिया का साथ
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सिंधिया के इस बयान के बाद उनका साथ देते हुए कहा कि सरकार में मिलावट के लिए सिंधिया को युद्ध करना चाहिए. हम उनके साथ हैं. मिश्रा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मैं सिंधियाजी से कहूंगा कि सरकार में मिलावट के लिए वे युद्ध लड़ें. आज तक मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वरोजगार विवाह योजना कोई आंकड़ा नहीं दिया.एक भी बेरोजगार नौजवान को बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया. जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है, कू्ररता और अपराध की पराकाष्ठा हो रही है. हमने अपनी सरकार में महिलाओं सुरक्षा के लिए योजनाएं चलाई थी, अपराध कम हुए थे, लेकिन नौ माह की कमलनाथ सरकार में अपराध बढ़े हैं. मिश्रा ने दिल्ली में मुख्यमंत्री कमलनाथ की केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि राज्य सरकार ने अब तक अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए क्या किया और कितनी सहायता दी. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में किसानों के साथ अन्याय हो रहा है.
मंत्री को निर्देश देने का अधिकार मुख्यमंत्री या फिर हारे सांसद को
पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर ने कटाक्ष किया है. मिलावटखोरी को लेकर कार्रवाई नहीं होने के सिंधिया के बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सिंधिया की स्थिति ‘अरे दीवानों... मुझे पहचानो...मैं हूं कौन’ की तरह हो गई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सिंधिया को तबज्जो नहीं मिल रही है. उन्होंने कहा कि सिंधिया चुनाव हारने के बाद वजूद तलाशने की कोशिश में लगे हैं. उन्होंने सिंधियासे पूछा कि मंत्री को निर्देश देने का अधिकार मुख्यमंत्री को है या हारे हुए सांसद को?
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| ज्योतिरादित्य सिंधिया |
पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर कमलनाथ सरकार को घेरा है. मिलावट के लिए सरकार द्वारा चलाए गए अभियान शुद्ध के लिए युद्ध को लेकर उन्होंने प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर संदेह जताया और कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं सिंधिया के इस बयान के आने के बाद राज्य के पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. नरोत्तम मिश्रा ने सिंधिया का समर्थन किया और कहा कि वे मिलावट के इस अभियान के लिए सरकार के खिलाफ युद्ध करें, हम उनके साथ हैं.
पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है. सोमवार को ग्वालियर में फूड टेस्टिंग लैब के भूमिपूजन पर पहुंचे सिंधिया का कहना है कि मिलावट रोकने के लिए छापे मारे जाते हैं, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई होने के बजाय उन्हें छोड़ दिया जाता है. सिंधिया ने कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार सख्ती नहीं कर रही है उन्हें छोड़ा जा रहा है. सिंधिया ने स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट की ओर इशारा करके कहा कि सिस्टम को पटरी पर लाने के लिए आपके आदेश के बगैर किसी मिलावटखोर को छोड़ा नहीं जाना चाहिए. सिंधिया ने कहा कि मैं प्रदेश में कई कहानियां सुन रहा हूं. मिलावट को रोकने के लिए छापा पड़ता है, लेकिन उन्हें छोड़ दिया जाता है. उन्होंने स्वास्थ मंत्री तुलसी सिलावट को नसीहत देते हुए कहा कि मंत्रीजी आपसे निवेदन है कि मिलावट पर सख्त कार्रवाई हो मिलावटखोरों को जेल की सलाखों में पहुंचाया जाए. आप खुद भोपाल में बैठकर मानिटरिंग कीजिए, किसी को बख्शा ना जाए और आपके आदेश के बिना केस क्लोज नहीं होना चाहिए.
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| नरोत्तम मिश्रा |
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सिंधिया के इस बयान के बाद उनका साथ देते हुए कहा कि सरकार में मिलावट के लिए सिंधिया को युद्ध करना चाहिए. हम उनके साथ हैं. मिश्रा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मैं सिंधियाजी से कहूंगा कि सरकार में मिलावट के लिए वे युद्ध लड़ें. आज तक मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वरोजगार विवाह योजना कोई आंकड़ा नहीं दिया.एक भी बेरोजगार नौजवान को बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया. जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है, कू्ररता और अपराध की पराकाष्ठा हो रही है. हमने अपनी सरकार में महिलाओं सुरक्षा के लिए योजनाएं चलाई थी, अपराध कम हुए थे, लेकिन नौ माह की कमलनाथ सरकार में अपराध बढ़े हैं. मिश्रा ने दिल्ली में मुख्यमंत्री कमलनाथ की केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि राज्य सरकार ने अब तक अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए क्या किया और कितनी सहायता दी. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में किसानों के साथ अन्याय हो रहा है.
मंत्री को निर्देश देने का अधिकार मुख्यमंत्री या फिर हारे सांसद को
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| लोकेन्द्र पाराशर |
पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर ने कटाक्ष किया है. मिलावटखोरी को लेकर कार्रवाई नहीं होने के सिंधिया के बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सिंधिया की स्थिति ‘अरे दीवानों... मुझे पहचानो...मैं हूं कौन’ की तरह हो गई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सिंधिया को तबज्जो नहीं मिल रही है. उन्होंने कहा कि सिंधिया चुनाव हारने के बाद वजूद तलाशने की कोशिश में लगे हैं. उन्होंने सिंधियासे पूछा कि मंत्री को निर्देश देने का अधिकार मुख्यमंत्री को है या हारे हुए सांसद को?



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