
राजधानी में गांधी मेडिकल कालेज की डीन डा. अरुणा कुमार के इस्तीफे के बाद हमीदिया चिकित्सालय में चल रही जूनियर डाक्टरों की हड़ताल समाप्त हो गई. डीन ने बीती रात डा. टी.एन.दुबे को कार्यभार सौंप दिया. इसके बाद रात को ही जूनियर डाक्टर काम पर लौट आए.
राजधानी के गांधी मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टर पिछले चार दिनों से हड़ताल पर चल रहे थे. जूनियर डाक्टरों ने तीन दिन से डीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. जूनियर डाक्टरों की नाराजगी गर्ल्स हास्टल में महिला जूनियर डाक्टर के ेसाथ छेड़छाड़ और लूट की घटना के बाद सामने आई थी. इसी के चलते उन्होंने डीन के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया और वे डीन को हटाने की मांग कर रहे थे. जूडा की हड़ताल के चलते हमीदिया अस्पताल की ओपीडी बंद पड़ी थी, जिस कारण काफी ज्यादा मरीजों की भीड़ हो गई थी. सिर्फ एक आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी समेत 3 डाक्टरों की मौजूदगी मरीजों की ड्रेसिंग तक नहीं हो पा रही थी.
गांधी मेडिकल कालेज की डीन डा. अरुणा कुमार ने अंतत: बीती रात को जूडा के दबाव में अपना इस्तीफा दे दिया. साथ ही उन्होेंने डा. टी.एन.दुबे को कार्यभार सौंप दिया. डा. अरूणा कुमार ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि वे इन हालातों में काम नहीं कर सकती, और वे स्वेच्छा से अपना पद छोड़ रही है. वहीं प्रशासन ने अरुणा कुमार के कार्यकाल के जांच के आदेश भी दिए हैं. डॉ. अरूणा कुमार द्वारा इस्तीफा देने के बाद जूनियर डाक्टरों ने लगातार चार दिनों से चल रही हड़ताल को कर, रात करीब 11 बजे से फिर काम शुरू कर दिया है .
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