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| भानु भूरिया |
मध्यप्रदेश के झाबुआ में 21 अक्तूबर को होने वाले चुनाव दो दिन पहले आज भाजपा प्रत्याशी भानु भूरिया ने कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया पर बड़ा आरोप लगाया है. भाजपा प्रत्याशी भानु भूरिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी के इशारे पर कर्ज माफी के फर्जी दस्तावेज पेश किए गए हैं. कांग्रेस सरकार ने कर्ज माफी के फर्जी दस्तावेज बनवाए हैं.
झाबुआ उपचुनाव में चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा और कांग्रेस नेताओं द्वारा बयानबाजी का दौर भी तेज हो चला है. चुनाव में एक बार फिर किसान कर्ज माफी का मुद्दा मतदान से पहले दोनों दलों ने उठाया है. कांग्रेस की ओर से गुरुवार को राज्य के कृषि मंत्री सचिन यादव ने ट्वीट कर यह कहा था कि भाजपा प्रत्याशी भानु भूरिया की मां वरदी भूरिया का एक लाख रुपए का कर्ज माफ सरकार ने किया है. यादव के इस ट्वीट के बाद कर्ज माफी को लेकर फिर से दोनों दलों में आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया था. मंत्री ने अपने ट्वीट के साथ ही किसान कर्ज माफी की एक सूची भी साझा की थी, जिसमें झाबुआ जिले के रानापुर तहसील के दोतड़ गांव की वरदी का 1,03,979 रुपए के कर्ज माफ किए जाने का उल्लेख है. मंत्री के इस ट्वीट के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के आरोप को खारिज किया और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वादे के अनुसार अब तक किसान कर्ज माफी नहीं की है. भाजपा प्रत्याशी भानु भूरिया ने इसे लेकर आज कांग्रेस प्रत्याशी और राज्य की कमलनाथ सरकार पर फर्जी दस्तावेज बनवाने का आरोप भी लगा दिया. भाजपा प्रत्याशी भानू भूरिया ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया के इशारों पर अधिकारियों ने बैक डेट पर कर्ज माफी कर दी है. उन्होंने कहा कि सरकार अफसरों, कर्मचारियों पर चुनाव जिताने के लिए दबाव डाल रही हैै.
उल्लेखनीय है कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए सबसे पहले किसानों का 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए थे. भाजपा लगातार किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ न होने का आरोप लगा रही है. वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ कह चुके है कि किसानों का 50 हजार रुपए तक का कर्ज पहले चरण में माफ हुआ है. दूसरे चरण में दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ होगा.

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