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मध्यप्रदेश में एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज हो गई है. हाल ही में झाबुआ से उपचुनाव जीत कर विधायक बने पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया का नाम इस पद के प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंंह वर्मा ने न केवल आगे बढ़ाया है, बल्कि यह भी कहा है कि इस पद के लिए भूरिया का नाम सबसे आगे है. वर्मा इसके पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन का नाम भी आगे बढ़ा चुके हैं. वर्मा के इस बयान से कांग्रेस में राजनीति गर्माने लगी है. वर्मा मुख्यमंत्री कमलनाथ समर्थक हैं. इस लिहाज से यह माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ भी इस पद पर आदिवासी कार्ड खेलना चाहते हैं.
मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चर्चा तेज हो गई है. झाबुआ में हुए उपचुनाव के बाद अब पद के दावेदार सक्रिय होते नजर आ रहे हैं. इसके चलते आज सबसे पहले राज्य के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंंह वर्मा ने इस पद के लिए हाल ही में झाबुआ से उपचुनाव जीतकर आए पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया का नाम आगे बढ़ाया है. वर्मा ने कहा कि कांतिलाल भूरिया प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे हैं. इसके साथ ही मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को राम बताया है, और कहा है कि उन्होंने 15 साल का वनवास काटा है. वर्मा भूरिया के पहले राज्य के गृह मंत्री बाला बच्चन का नाम आगे बढ़ाते रहे हैं, वे लगातार प्रदेश में आदिवासी नेता को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बैठाने की मांग करते आ रहे हैं.
ये भी हैं दावेदार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राज्य में भूरिया के पहले पूर्व केन्द्रीय मंत्री और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और गृह मंत्री बाला बच्चन सहित करीब आधा दर्जन नेता दावेदारी कर चुके हैं. मगर मामला अब भी अटका हुआ है. सिंधिया समर्थक लगातार सिंधिया को इस पद बैठते देखना चाहते हैं और वे कई बार शक्ति प्रदर्शन तक कर चुके हैं. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के लिए सक्रिय हैं.
कोई बना रहा मंत्री तो कोई उपमुख्यमंत्री
राज्य के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंंह वर्मा के बयान के पूर्व उपचुनाव जीतने के बाद से कांतिलाल भूरिया को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है. भूरिया समर्थक जहां उन्हें मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही राज्य में उपमुख्यमंत्री बनने की बात कह रहे हैं, तो कुछ समर्थक उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाए जाने को लेकर अटकलें लगा रहे हैं. भूरिया के अधिकांश समर्थक इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा.

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