मध्यप्रदेश में पटवारियों के बाद अब तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने सरकार की मुसीबत बढ़ा दी है. तहसीलदार और नायब तहसीलदार आज से तीन दिन की सामूहिक अवकाश पर हैं. राजस्व अधिकारियों के सामूहिक अवकाश से सरकारी कामकाज तो प्रभावित होंगे साथ ही किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
प्रदेश के तहसीलदार और नायब तहसीलदार 3 दिन के सामूहिक अवकाश पर चले जाने से किसानों ओर आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के अवकाश पर चले जाने का असर आज ही तहसील कार्यालयों में दिखाई दिया. किसान और आमजन परेशान होते नजर आए. तहसीलदार संघ ने चेतावनी दी है कि 13 अक्तूबर की शाम तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो, 14 अक्तूबर से सामूहिक हड़ताल पर जाएंगे.
राजस्व अधिकारी संघ का कहना है कि अधिकारियों-कर्मचारियों की कमी की वजह से उन पर काम का बोझ बढ़ा है, जिससे मानसिक दबाव भी बढ़ा है, लेकिन शासन की ओर से उनकी समस्या की पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. यहां तक की खाली पदों को भी नहीं भरा जा रहा है, इसलिए विभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों की कमी है, जिसके कारण मौजूदा अधिकारियों-कर्मचारियों के पास अतिरिक्त प्रभार हैं. संसाधनों की कमी के बावजूद राजस्व विभाग में आनलाइन आवेदनों का निराकरण समय-सीमा में करने की बाध्यता है.
मध्यप्रदेश राजस्व अधिकारी संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार आज से सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं. तीन दिवसीय इस अवकाश के दौरान सरकार ने उनकी मांग को नहीं माना तो वे 14 अक्तूबर से हड़ताल पर चले जाएंगे.
मुख्यमंत्री को बताई अपनी समस्याएं
* नायब तहसीलदार, तहसीलदारों को सालों से पदोन्नतियां नहीं मिल रही हैं. कई तहसीलदार व डिप्टी कलेक्टर सेवानिवृत्त हो चुके हैं. संघ ने तत्काल पदोन्नति का रास्ता खोलने की मांग की है.
* मानवीय संसाधनों के अलावा कंप्यूटर आपरेटर, लिपिक, भृत्य, चौकीदार, भवन, फर्नीचर, नियमित मासिक बजट की कमी है. किसानों के प्रकरणों को समय पर निपटाने में दिक्कतें आती हैं, उन्हें परेशान होना पड़ता है.
* राजस्व अधिकारी 24 घंटे काम कर रहे हैं. फिर भी एक महीने का अतिरिक्त वेतन नहीं मिल रहा. साप्ताहिक अवकाश की सुविधा भी नहीं है. मानसिक तनाव से पूरा परिवार प्रभावित हो रहा है.
* मई-जून में तबादले करने थे, जो अभी तक किए जा रहे हैं. इसके कारण परिवार अस्त-व्यस्त हो रहा है, सरकार को इसकी चिंता नहीं है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें