घोगलगांव के बाद एक और गांव की काटी बिजलीमध्यप्रदेश के खण्डवा जिले के औंकारेश्वर बांध में जलस्तर कम करने की मांग को लेकर जलसत्याग्रह कर रहे सत्याग्रहियों के स्वास्थ्य में गिरावट आने लगी है. लगातार 7 दिनों से पानी में रहने के कारण वे अब चर्म रोग के शिकार होते जा रहे हैं.
खण्डवा जिले ग्राम कामनखेड़ा में नर्मदा आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का जल सत्याग्रह आज सातवें दिन जारी रहा. सभी जल सत्याग्रहियों के स्वास्थ्य स्वास्थ्य में गिरावट आती जा रही है सत्याग्रहियों को मुख्यत: बुखार व खुजली की शिकायत है और उनके पैरों की चमड़ी खराब होना प्रारंभ हो गई है. स्वास्थ्य में गिरावट के बावजूद सभी सत्याग्रहियों का संकल्प का है कि जब तक ओम्कारेश्वर बांध प्रभावितों के सभी अधिकार प्राप्त नहीं हो जाते तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा चाहे उनका संपूर्ण शरीर क्यों लगाई जाए गल जाए. सत्याग्रह के समर्थन में सत्याग्रह स्थल पर महिलाओं पुरुषों का बड़ी संख्या में संख्या में आना जारी है.
एक और गांव की काटी बिजली
खण्डवा जिले के ग्राम घोघलगांव के बाद एक और गांव एखण्ड की बिजली काट दी गई है. उल्लेखनीय है कि ग्राम घोघलगांव की बिजली की 8 दिन पहले बिजली काट दी गयी थी, जिससे अंधेरे के साथ उनकी पानी की व्यवस्था भी ठप हो गयी है. अब एखण्ड गांव जहां के तमाम विस्थापितों का पुनर्वास होना बाकी है उसकी भी बिजली काट दी है. यह वही गांव है जहां कल विस्थापित दशरथ पिता चैना की मकान तोड़ते समय पानी मे डूबने से मौत हो गयी थी. जल सत्याग्रह कर रहे नर्मदा आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ता आलोक अग्रवाल ने बिजली काटने की करवाई की निंदा करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश को बिजली देने वाली परियोजना से होने वाले प्रभावितों की ही बिजली काटी जा रही है. अपना सर्वस्व त्याग करने वाले प्रभावितों के जीवन मे भी अंधेरा किया जा रहा है और घर मे भी.
मंत्री ने मिली आंदोलन की कार्यकर्ता
नर्मदा बचाओ आंदोलन की कार्यकर्ता चित्तरूपा पालित ने मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल के साथ मुलाकात की और उनको संपूर्ण स्थिति से अवगत कराया. पालित ने मंत्री को बताया कि बांध में 2 मीटर पानी बढ़ने से किस प्रकार अनेक घरों में पानी भर गया है. गांव के रास्ते कट गए और सैकड़ों एकड़ जमीन टापू बन गई है. उन्होंने यह भी बताया कि अभी भी लगभग 2 हजार प्रभावितों का पुनर्वास नीति, राज्य सरकार के आदेशों एवं सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार पुनर्वास मिलना बाकी है. उन्होंने बघेल से आग्रह किया कि बांध का जलस्तर घटाया जाए और तेजी से सभी प्रभावितों का पुनर्वास किया जाए. समस्या के समाधान हेतु मंत्री बघेल ने के निर्देश पर अधिकारियों के साथ आज बैठक हुई है और समाधान होने तक बैठकों का दौर जारी रहेगा.
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