शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2023

29 सीटों पर दिखेगा महिला मतदाता का असर

बदल सकती है दलों के समीकरण


भोपाल। प्रदेश की सात जिलों की 29 विधानसभा सीटें ऐसी है, जहां महिला मतदाताओं का खासा वोट बैंक है। ये मतदाता राजनीतिक दलों के समीकरण बदल सकती है। भाजपा को इन सीटों पर लाड़ली बहना योजना का लाभ मिलता नजर आ रहा है। खास बात यह है कि इन सीटों पर आदिवासी वर्ग का मतदाता भी असर दिखाता है। करीब 25 सीटें ऐसी हैं जिन पर आदिवासी वर्ग के मतदाता की संख्या परिणामों पर असर डालती है। 

राज्य विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किए जाने के बाद अब राजनीतिक दल सीटों के हिसाब से बूथों की रणनीति तय करने लगे हैं। इसमें चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि राज्य की 29 विधानसभा सीटों पर महिला मतदाताओं का खासा प्रभाव है। इन सीटों पर महिला मतदाता की संख्या पुरूश मतदाता के अपेक्षा ज्यादा है। दस विधानसभा सीटें तो ऐसी हैं, जहां पर मलि मतदाताओं की संख्या पुरूश मतदाता  की संख्या में खासा अंतर है। इन विधानसभा सीटों पर महिला मतदाता निर्णायक भूमिका में है। ऐसी सीटें बैहर, निवास, बिछिया, अलीराजपुर, कुक्षी, मंडला, पानसेमल, परसवाड़ा, बालाघाट और सैलाना है। हालांकि अभी इन 29 सीटों में से 19 सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस का प्रभाव है। इन सीटों पर पिछले चुनाव में कांग्रेस का कब्जा रहा है। इस लिहाज से कांग्रेस यहां पर फिर से इन सीटों को फोकस कर रणनीति बनाने में जुट गई है।

वहीं दूसरी और भाजपा को सरकार की लाड़ली बहना योजना सहित महिलाओं के लिए चलाई गई योजनाओं के जरिए इस बात की उम्मीद है ि कवह इस बार इन सीटों पर खासा प्रभाव दिखाई और कांग्रेस के कब्जे वाली सीटों पर अपना कब्जा जमाएंगी। भाजपा के रणनीतिकार अब इन 29 सीटों पर बूथवार नई रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। 

इन सीटों पर है महिला मतदाताओं की संख्या ज्यादा

बिछिया, निवास, बैहर, परसवाड़ा, कुक्षी, सैलाना, पानसेमल, आलीराजपुर, बालाघाट, मंडला, बदनावर, मनावर, सरदारपुर, वारासिवनी, रतलाम सिटी, कटंगी, पेटलावद, बरघाट, डिंडौरी, जोबट, झाबुआ, थांदला, पुष्पराजगढ़, छिंदवाड़ा, शाहपुरा, उज्जैन उत्तर, जावरा, इंदौर-4 एवं सेंधवा ऐसी सीटें हैं, जहां पुरूश मदताता की अपेक्षा महिला मतदाता ज्यादा हैं। 


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