विधायकों को साधने की कोशिश, मंत्री लगातार रहे संपर्क में, करते रहे संवादमुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा द्वारा लगातार सरकार को अल्पमत की सरकार करने के लगाए जा रहे आरोपों को देखते हुए विधायकों को साधने का काम तेज कर दिया है. मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है कि एक मंत्री पांच-पांच विधायकों पर नजर रखे और उनसे संपर्क करते हुए लगातार संवाद करते रहें.
लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रदेश सरकार को अल्पमत की सरकार कहकर गिराने की बात भाजपा नेताआें द्वारा कहे जाने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ सक्रिय हो गए हैं. मुख्यमंत्री ने रविवार को मंत्रियों और विधायकों की अलग-अलग बैठकें ली. इन बैठकों में विधायकों के साथ बीती रात को हुई बैठक में जब यह बात सामने आई कि मंत्री, विधायकों से मिलते ही नहीं या मिलते हैं तो उनकी सुनते नहीं हैं. इस पर मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें साथ ही विधायकों की समस्याओं पर ध्यान दें. वहीं मंत्रियों को निर्देशित किया है कि वे पांच-पांच विधायकों पर नजरें रखें. विधायकों संपर्क रखते हुए उनसे लगातार संवाद बनाएं रखें.
बैठक में 119 विधायक उपस्थित रहे, जिनसे मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीधे वन-टू-वन चर्चा की. इस दौरान विधायकों की बातों को उन्होंने सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी बातों को सुना जाएगा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि सभी विधायकों की बातों को सुना जाए और वचन पत्र के बिन्दुओं को जल्द से जल्द पूरा करने का काम किया जाए. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी उपस्थित रहे उन्होंने भी विधायकों से चर्चा की और उनकी नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया.
विधायकों को अपने जैसा पावर देकर रखें
मंत्रियों को 5-5 विधायकों की जिम्मेदारी को लेकर गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि मंत्रियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने जैसा पावर विधायकों को दें. उन्होंने कहा कि विकास के कामों को रुकना नहीं चाहिए.उन्होंने दावा किया कि सारे विधायक मुख्यमंत्री के साथ है, सरकार पूरे पांच साल चलाएंगे. विपक्ष भ्रम फैला रहा है. गृह मंत्री का दावा सारे विधायक मुख्यमंत्री कमलनाथ के समर्थन में राजभवन तक परेड करने को भी तैयार हैं.
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