शुक्रवार, 10 मई 2019

कर्जमाफी को लेकर थम नहीं रही सियासत, जारी है बयानबाजी


मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों कर्जमाफी को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों तरफ से लगातार बयानबाजी जारी है. कर्जमाफी की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भाई का नाम होने पर शिवराज सिंह ने कहा है कि कांग्रेस घबरा गई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अगर किसानों का कर्जा माफ किया है तो इतना घबरा क्यों रही है. उनके भाई द्वारा आवेदन पर फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कहे जाने को लेकर आज फिर कांग्रेस ने रोहित सिंह के हिन्दी में किए हस्ताक्षर वाले दस्तावेज जारी किए हैं.
 किसान कर्ज माफी के मुद्दे को लेकर आज भी भाजपा और कांग्रेस के बीच जमकर बयानबाजी का दौर जारी रहा. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भाई रोहित सिंह ने कांग्रेस द्वारा गुरुवार को जारी किए उनके आवेदन पत्र को फर्जी बताया और सीहोर पुलिस अधीक्षक को इसकी शिकायत की. शिकायत में उन्होंने कहा कि वे अंग्र्रेजी में हस्ताक्षर करते हैं. रोहित ने शिकायत में कहा कि जालसाजी करने वाले युवक के खिलाफ कार्रवाई की जाए.  रोहित सिंह द्वारा शिकायत करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  कांग्रेस घबरा गई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अगर किसानों का कर्जा माफ किया है तो इतना घबरा क्यों रही है.  उन्होंने कहा कि अगर किसान का कर्ज माफ हुआ है, तो वह कहेगा की उसका कर्ज माफ हुआ और किसान कांग्रेस का साथ देगा.
उन्होंनेक हा कि मैं कोई परिवार की बात नहीं कर रहा हूं. रोहित ने स्पष्ट रूप से कहा है मुझे सफाई देने की जरूरत नहीं है, शिवराज सिंह ने कहा कि वह आयकर दाता है पता नहीं क्यों कांग्रेस ऐसा सोचती है. उन्होंने ये भी कहा कि सपने में भी कांग्रेस को शिवराज नजर आता है, कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेसियों का भाषण मेरे बिना पूरा नहीं होता हैं.
वहीं कांग्रेस ने आज फिर रोहित के हिन्दी हस्ताक्षर वाले दस्तावेज आज जारी किए हैं. ये दस्तावेज सर्वधर्म गृह निर्माण सहकारी समिति के हैं. इस समिति के वे अध्यक्ष हैं. समिति के दस्तावेजों में रोहित के हिन्दी में हस्ताक्षर हैं. इसके लेकर प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि कल गुरुवार को ही रोहित चौहान ने कहा था कि मैं कभी हिंदी में हस्ताक्षर नहीं करता हूं.  उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आज सर्व धर्म गृह निर्माण सहकारी समिति , भोपाल का रोहित चौहान का सदस्यता आवेदन जारी किया, जिसमें उनके हिन्दी में हस्ताक्षर है. इससे समझा सकता है कि वे झूठ बोल रहे है और अलग- अलग हस्ताक्षर करते रहते है.

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