पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने आज गिर रही राजनीतिक भाषा पर चिंता जताई और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जिम्मेदारी बताया. उन्होंने कहा कि गिरती राजनीतिक भाषा के कारण देश में आज असहिष्णुता का माहौल बनता जा रहा है.सिन्हा ने यह बात आज प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में कही. राजधानी पहुंचे सिन्हा ने इस कार्यक्रम में कहा कि इस चुनाव में राजनीतिक विमर्श की भाषा गिर गई है, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिम्मेदार है
सिन्हा ने कहा कि सरकार ने जल्दबाजी में सारे नियम लागू किए. यूपीए के कार्यकाल में जो ग्रोथ रेट हुआ है, वो काफी ज्यादा हुआ. मोदी सरकार के 4 साल के जो आंकड़े हैं, वे फर्जी है. नोटबंूदी और जीएसटी के कारण छोटे उद्योग प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा किदेश में आज किसानों की स्थिति खराब है. इस चुनाव में पाकिस्तान को मुद्दा बनाया है और चीन का जिक्र भी नहीं आया. चीन में इतनी छाती कम हो जाती है. उन्होंने कहा कि पहले चीन के आंकड़ों पर संदेह होता था, लेकिन अब भारत के आंकड़ों पर भरोसा नहीं होता. चीन डोकलाम में क्या कर रहा है, इसकी कोई जानकारी नहीं आ रही है. रुस के साथ हमारे व्यापारिक संबंध खराब हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि भोपाल का लोकसभा चुनाव देश का चुनाव है. इसी से यह तय होगा कि देश आगे कहां जाएगा. उन्होंने कहा कि नई सरकार को नई जांच शुरु करनी होगी. अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र लाना होगा. उन्होंने कहा कि नोटबंदी, पुलवामा और उरी की भी जांच कराई जानी चाहिए.
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