सपाक्स पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता करुणा शर्मा ने कहा कि आज बेरोजगारी का मुद्दा हर राष्ट्रीय दल उठाता है, मगर यह नहीं मानता कि इसके पीछे बढ़ा कारण आरक्षण ही है. देश में ऐसा माहौल बना दिया गया है कि वर्तमान आरक्षण प्रणाली को लेकर कोई बात करता है या विरोध करता है तो उसका अपराधी की नजर से देखा जाता है.
राष्ट्रीय प्रवक्ता करुणा शर्मा ने कहा कि भोपाल लोकसभा सीट से सपाक्स की उम्मीदवार सपाक्स की राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष वीणा घाणेकर ने अपना नामांकन भर एक प्रकार से भोपाल की जनता के लिए बंद दरवाजों की मजबूरी को समाप्त कर उनको खुला आसमान दे दिया है. अभी तक भोपाल की जनता के पास दो राष्ट्रीय दलों के उम्मीदवारों को छोड़कर कोई तीसरा विकल्प नहीं था, जो धर्म, भाषा, जाति, आरोप - प्रत्यारोप की राजनीति छोड़ सिर्फ जनता के हित की बात करे.
उन्होंने कहा कि आज देश की जनता देख रही है देश के दोनों प्रमुख दल किस प्रकार की राजनीति कर रहे हैं. दोनों दलों में कोई धार्मिक उन्माद को अपना हथियार बनाने पर तुला है तो कोई जानता कि भावनाओं को. दोनों दलों द्वारा बड़ी-बड़ी बातें, बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं, लेकिन अगर पिछले दिनों का हिसाब मांगों तो उत्तर तो नहीं मिलता अपितु आरोप - प्रत्यारोप की राजनीति आवश्य प्रारम्भ हो जाती है.
करुणा शर्मा ने कहा कि जनता की वास्तविक समस्याओं के कई यक्ष प्रश्न जस के तस खड़े हैं. बेरोजगारी के प्रश्न हर दल उठा रहा है, लेकिन बेरोजगारी बढ़ाने के एक बहुत बड़े कारण आरक्षण के मुद्दे पर कोई राजनीतिक दल बात करने तैयार नहीं है. देश में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ऐसा माहौल बना दिया है कि अगर वर्तमान आरक्षण प्रणाली के विरोध में कोई बात करना चाहे तो उसे ऐसा महसूस करवाया जाता है मानो वो कोई पाप कर रहा हो या फिर देशद्रोह जैसे किसी महा-अपराध में संलिप्त होने जा रहा हो.

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