पूर्व अध्यक्षों ने भी बढ़ाई सक्रियता, करेंगे दावेदारीमध्यप्रदेश में कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब प्रदेश संगठन में बदलाव को लेकर घमासान मच गया है. इस पद के लिए मंत्री, नेता और कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेताओं के सामने मुखर होकर अपनी बात रखनी शुरु कर दी है. बदलाव की आहट को देखते हुए इस पद के लिए दावेदारों ने भी सक्रियता दिखानी तेज कर दी है. वहीं सिंधिया समर्थक मंत्री इमरती देवी के अलावा राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी भी यह मांग कर रहे हैं कि ज्योतिरादित्य सिंंधिया को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी जाए.
कांग्रेस की हार को लेकर जहां मंथन तेज हुआ है, वहीं यह बात भी उठने लगी है कि प्रदेश अध्यक्ष को बदला जाए. हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं, इस बात को प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने स्वीकार भी किया है. वहीं इसका खंडन भी खुद मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा शनिवार की रात को किया गया, मगर यह बात तय है कि संगठन को संगठित रखने और मजबूती देने के लिए बदलाव के लिए अब नेता, कार्यकर्ता मुखर हो रहे हैं. इस बदलाव के लिए वैसे तो कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल, चाचौड़ा के विधायक लक्ष्मण सिंंह ने दो दिनों से सोशल मीडिया अपनी बात रखी भी. इसके बाद राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने भी यह मांग की कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश की कमान सौंपी जानी चाहिए. वहीं राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने भी बदलाव को लेकर कहा है कि वक्त के साथ संगठन में बदलाव होना जरुरी है. पटवारी ने कहा कि वैसे यह मामला हाईकमान के ऊपर है, वह बदलाव करे या नहीं, मगर वे इस पद के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया को सही व्यक्ति मानते हैं. सिंधिया इस पद पर रहकर प्रदेश संगठन को मजबूती दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस पद पर वैसे युवा को मौका मिलना चाहिए, ताकि संगठन को मजबूती मिल सके.
दावेदारों ने बढ़ाई सक्रियता
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदले जाने की संभावना को देखते हुए कुछ दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं. दो पूर्व अध्यक्ष सुरेश पचौरी और अरुण यादव भी इस पद के लिए सक्रियता बढ़ाए हुए हैं. वहीं उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी की नजर भी इस पद पर टिकी हुई है. हालांकि उन्होंने मीडिया से कहा कि उनका नाम इस पद के लिए रेस में नहीं है. वहीं सिंधिया के विश्वस्त और मुरैना से चुनाव हारे रामनिवास रावत और दिग्विजय सिंह समर्थक अजय सिंह का नाम भी इस पद के लिए चर्चा में है.
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