राज्य में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही अब फिर से अधिकारियों की पदस्थापना का सिलसिला शुरु होगा. यह सिलसिला मंत्रालय से शुरु होने की बात सामने आ रही है. मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने पसंद के अधिकारियों को मैदान में भेजने की तैयारी कर चुके हैं.
राज्य में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते अधिकारियों की पदस्थापना का सिलसिला रुक गया था. लोकसभा चुनाव के बाद रविवार को विधायकों की बैठक में फिर यह मुद्दा सामने आया कि अधिकांश विधायक अधिकारियों की कार्यशैली से खफा हैं. इसकी शिकायत भी मुख्यमंत्री से कल बैठक के दौरान विधायकों ने की. इन शिकायतों को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गंभीरता से लिया और इस बात के संकेत दिए कि विधायकों की पसंद को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों की पदस्थापना की जाएगी. इन पदस्थापनाओं का सिललिसा मंत्रालय से शुरु होगा. सूत्रों की माने तो मंत्रालय में मुख्यमंत्री अपनी पसंद के अधिकारियों की पदस्थापना करेंगे इसके बाद वे मैदान में भी अपनी पसंद के हिसाब से ही अधिकारियों की पदस्थापना करेंगे, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक तरह से किया जा सके.
सूत्रों की माने तो मंत्रालय स्तर पर कृषि विभाग के प्रमुख सचिव राजेश राजौरा को कृषि विभाग से हटाकर उद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है. इसके अलावा नर्मदा विकास प्राधिकरण में पदस्थ पंकज अग्रवाल की भी अच्छी पदस्थापना होने की बात सामने आ रही है. वहीं प्रमुख सचिव सहकारिता अजीत केसरी को पद से हटाने को लेकर भी मुख्यमंत्री गंभीर बताए जा रहे हैं. अजीत केसरी को कृषि विभाग का प्रमुख सचिव बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री कृषि विभाग में कर्ज माफी को लेकर गंभीर हैं और वे चाहते हैं कि समय सीमा में किसानों का कर्ज माफ हो सके. ताकि भाजपा के पास यह मुद्दा न रहे.
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