शुक्रवार, 10 मई 2019

प्रत्याशी से बलात्कार मुक्त भारत बनाने का लें वचन

 जनसंवाद में हिस्सा लेने वाले जनप्रतिनिधियों ने किया आग्रह

नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन ने मध्य प्रदेश में लोकसभा का चुनाव लड़ रहे विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रत्याशियों से बलात्कार मुक्त भारत बनाने का अनुरोध किया. इसके तहत राजधानी में एक जनसंवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया. जनसंवाद में राजनीतिक दलों के अलावा बुद्धिजीवियों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से हिस्सा लिया. जनसंवाद में हिस्सा लेने वालों ने मतदाताओं से आग्रह किया कि वोट लेने वालों से पहले यह वचन लें कि वे बलात्कार मुक्त भारत बनाने का वचन दें.
जनसंवाद में वक्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि देश में मजबूत कानून के बावजूद महिलाएं और बच्चे डर के माहौल में जीने को अभिशप्त हैं और उनकी सुरक्षा की स्थिति गंभीर बनी हुई है. बलात्कार और यौन हिंसा का मुकाबला करने के लिए जितनी राजनीतिक इच्छाशक्ति, जवाबदेही और सामाजिक जिम्मेवारी की जरूरत है, वह अभी भी नजर नहीं आती. इसीलिए हमको वोट की अपेक्षा करने वाले प्रत्याशियों से यह मांग करनी चाहिए कि जिन्हें हमारा वोट चाहिए वे सबसे पहले हमें बलात्कार मुक्त भारत बनाने की गारंटी दें. नया भारत बनाने के प्रति वे हमसे अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करें. 
कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन की सहयोगी संस्था सर्च एण्ड रिसर्च डवलपमेंट सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. मोनिका जैन ने कहा कि हमारे देश में बलात्कार ने सबसे बड़ी सामाजिक समस्या का रूप ले लिया है. इसलिए यह जरूरी है कि राजनीतिक दल इस मुद्दे को प्राथमिकता दें. इस अभियान के शपथ पत्र पर अभी तक 350 से ज्यादा प्रत्याशियों ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर हस्ताक्षर किए हैं.
मध्यप्रदेश में बाल अपराधों की स्थिति
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में बच्चों के खिलाफ अपराधों में पिछले पांच सालों (2012-16) में 165 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. 2016 में आईपीसी और यौन अपराधों के खिलाफ बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) के तहत बच्चों के खिलाफ अपराधों के 13,746 मामलों की रिपोर्टिंग की गई. देशभर में बच्चों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी अपराधों में से 13 प्रतिशत अकेले मध्य प्रदेश से थे. इस तरह से देखें तो देश में 2016 के दौरान दर्ज किए गए बच्चों के खिलाफ अपराधों के कुल घटनाओं के प्रतिशत की हिस्सेदारी के मामले में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद राज्य तीसरे स्थान पर है.

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