विवादित बयान का लेकर 72 घंटे नहीं कर सकेंगे प्रचारमध्यप्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा बाबरी मस्जिद गिराए जाने को गर्व बताए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग ने उन पर 72 घंटे (तीन दिनों ) तक प्रचार करने से रोक लगा दी है. आयोग का यह फैसला आज गुरुवार से लागू हो गया है. साध्वी ने इस फैसले के विरोध में आज राजधानी स्थित मां भवानी (कर्फ्यू वाली माता) के मंदिर में बैठकर पूजा-अर्चना की और भजन भी गाए. चुनाव आयोग इस फैसले को कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अभिनंदनीय फैसला करार दिया है.
भोपाल से भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बीते दिनों मीडिया से चर्चा करते हुए कहा था कि 'बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने का अफसोस नहीं है. ढांचा गिराने पर तो हम गर्व करते हैं. हमारे प्रभु राम के मंदिर पर अपशिष्ट पदार्थ थे, उनको हमने हटा दिया.' प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था कि 'हम गर्व करते हैं, इस पर हमारा स्वाभिमान जागा है, प्रभु राम का भव्य मंदिर भी बनाएंगे. ढ़ाचा तोड़कर हिंदुओं के स्वाभिमान को जागृत किया है. वहां भव्य मंदिर बनाकर भगवान की आराधना करेंगे, आनंद पाएंगे.' प्रज्ञा ठाकुर ने इससे पहले मुंबई के एटीएस प्रमुख रहे शहीद हेमंत करकरे पर विवादित बयान दिया था. मामले के तूल पकड़ने पर उन्होंने बयान वापस लेते हुए माफी मांग ली थी.
निर्वाचन आयोग ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर के इन दोनों मामलों में उन्हें नोटिस जारी किए गए थे. प्रज्ञा सिंह द्वारा दिए नोटिस के जवाब से आयोग असंतुष्ट नजर आया, उसके बाद बाबरी मस्जिद के बयान पर थाने में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण भी दर्ज हुआ था.निर्वाचन आयोग ने भोपाल सीट से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को चुनाव आयोग ने नोटिस जारी करते हुए 72 घंटे के लिए बैन लगा दिया है. यह बैन आज गुरुवार सुबह 6 बजे से शुरु हो गया है.
मंदिर पहुंची, पूजा कर गाए भजन
चुनाव आयोग द्वारा साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर बैन लगाया तो वे आज गुरुवार सुबह राजधानी के कफ्यू वाली माता के नाम से पहचाने जाने वाले दुर्गा मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंच गईं. यहां पर उन्होंने पूजा की और साथ-साथ भजन भी गाए. यहां साध्वी लोगों के बीच बैठीं और झाल बजाकर भजन वंदन किया. मंदिर में पूजा के दौरान साध्वी ने 5 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया.
दिग्विजय ने फैसले को बताया अभिनंदनीय
कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया कि 'चुनाव आयोग का यह निर्णय अभिनंदनीय है. भाजपा सांप्रदायिक विद्वेष की राजनीति करने वालों तथा आतंकवाद के आरोपियों को जब उम्मीदवार बनाएगी तब ऐसा होना स्वाभाविक है. आदर्श लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना व संरक्षण हेतु इस प्रकार के प्रत्याशियों का नामांकन रद्द करना श्रेयस्कर होगा.
कमलनाथ ने कहा कार्रवाई करे आयोग
प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने साध्वी प्रज्ञा सिंह द्वारा कर्फ्यू वाली माता मंदिर जाकर पूजा-अर्चना किए जाने पर आपत्ति जताई है. कमलनाथ ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि इस पर कार्रवाई की जाए. वहीं इस मामले को लेकर सांसद ज्योरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह मामला निर्वाचन आयोग के अधीन है, आयोग को इसे देखना है और इस पर कार्रवाई करना है.
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