शनिवार, 6 जनवरी 2024

राज्यसभा सदस्यों को लोकसभा चुनाव में उतार सकती है भाजपा

अधिकांश सीटों पर नए चेहरों को मिलेगा मौका


भोपाल। प्रदेश में भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी तलाशने ष्शुरू कर दिया हैं। माना जा रहा है कि इस बार अधिकांश लोकसभा सीटों पर नए चेहरों को मैदान में उतारने की तैयारी की जा रही है। इसके चलते भाजपा कुछ राज्यसभा सदस्यों को भी मैदान में उतारने  का विचार कर रही है। वहीं कुछ दिग्गजों और विधानसभा चुनाव हारे नेताओं को भी भाजपा चुनाव मैदान में उतार सकती है। 

भाजपा ने लोकसभा चुनाव को लेकर बैठकें और मैदानी तैयारियों का सिलसिला तेज कर दिया है। प्रदेश में लगातार इसे लेकर मंथन भी किया जा रहा है। विधानसभा चुनाव में जिस तरह नए चेहरों और कुछ चौंकाने वाले फैसले भाजपा ने लिए, ठीक उसी तर्ज पर भाजपा इस बार लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन के दौरान लेने की तैयारी कर रही है। सूत्रों की माने तो भाजपा ने कुछ राज्यसभा सदस्यों को लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरने को लेकर मन बताया है। बताया जा रहा है कि इनमें केन्द्रीय मंत्री ज्योदारादित्य सिंधिया को ग्वालियर या फिर गुना से, कविता पाटिदार को मालवा अंचल की किसी सीट से और अजय प्रताप सिंह को विंध्य में किसी सीट से भाजपा चुनाव मैदान में उतार सकती है। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल अंचल में पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया पर भी दाव लगाने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि सिंधिया अगर ग्वालियर से चुनाव लड़ते हैं तो गुना से पवैया को मैदान में उतारा जा सकता है। 

भोपाल सुरक्षित सीट पर कईयों की निगाहें

भोपाल लोकसभा सीट को भाजपा के लिए सुरक्षित सीट माना जाता है । इस सीट को लेकर भाजपा में हाल ही में विधानसभा चुनाव हारे दो नेताओं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और पूर्व महापौर आलोक ष्शर्मा की नजरें टिकी है। वहीं पूर्व सांसद आलोक संजर भी दावेदार हैं। माना जा रहा है कि वर्तमान सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के स्थान पर इस बार भाजपा नए चेहरे पर दाव खेलेगी। 

दस फीसदी वोट बढ़ाने होगा मंथन

भाजपा की 11 जनवरी को एक बैठक होने जा रही है। इस बैठक में प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने और 10 प्रतिशत वोट बढ़ाने पर मंथन किया जाएगा। भाजपा नेता बताया जा रहा है कि 10 प्रतिशत अधिक वोट बढ़ाने का लक्ष्य इस बार भाजपा ने तय किया है। पिछले 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 58 फीसदी वोट मिले थे। इसके चलते उसे 28 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इस बार भाजपा ने सभी 29 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा हैं। 


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