मध्यप्रदेश में वर्ष 2004-05 के मुकाबले वर्ष 2017-18 तक प्रति व्यक्ति आय में 5 गुना और सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 6 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है. वर्ष 2004-05 में प्रति व्यक्ति आय 15 हजार 442 रुपये थी, जो वर्ष 2017-18 में 79 हजार 907 रुपये अनुमानित है.
प्रदेश में पाँचवीं आर्थिक गणना वर्ष 2005 से छठवीं आर्थिक गणना वर्ष 2013 में उद्यमों में 27.04 और उद्यमों में कार्यरत व्यक्तियों में 24.07 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. पाँचवीं आर्थिक गणना वर्ष 2005 में ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमों की संख्या 8 लाख 90 हजार 452 और कार्यरत व्यक्तियों की संख्या 17 लाख 16 हजार 367 थी, जो छठवीं आर्थिक गणना वर्ष 2013 में क्रमशः 11 लाख 36 हजार 104 और 21 लाख 22 हजार 257 पहुँच गई.इसी अवधि में नगरीय क्षेत्र में उद्यमों की संख्या 8 लाख 3 हजार 959 से बढ़कर 10 लाख 16 हजार 555 और कार्यरत व्यक्तियों की संख्या 19 लाख 49 हजार 29 से बढ़कर 24 लाख 25 हजार 366 हो गई.
प्रदेश में पाँचवीं आर्थिक गणना वर्ष 2005 से छठवीं आर्थिक गणना वर्ष 2013 में उद्यमों में 27.04 और उद्यमों में कार्यरत व्यक्तियों में 24.07 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. पाँचवीं आर्थिक गणना वर्ष 2005 में ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमों की संख्या 8 लाख 90 हजार 452 और कार्यरत व्यक्तियों की संख्या 17 लाख 16 हजार 367 थी, जो छठवीं आर्थिक गणना वर्ष 2013 में क्रमशः 11 लाख 36 हजार 104 और 21 लाख 22 हजार 257 पहुँच गई.इसी अवधि में नगरीय क्षेत्र में उद्यमों की संख्या 8 लाख 3 हजार 959 से बढ़कर 10 लाख 16 हजार 555 और कार्यरत व्यक्तियों की संख्या 19 लाख 49 हजार 29 से बढ़कर 24 लाख 25 हजार 366 हो गई.
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