
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है. इस पत्र के जरिेए उन्होंने मनरेगा मजदूरों का लंबित भुगतान पर क्षतिपूर्ति की राशि देने की मांग की है.
उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल को आदिवासी अंचल सहित 51 जिलों में मनरेगा के करीब 500 करोड़ रुपए लंबित रहने की जानकारी मिली थी और पत्र के बाद 23 अप्रैल को आनन फानन में 1 हजार करोड़ मजूजूरों के मनरेगा खाते में आए. उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में 12 वर्षों में मनरेगा के क्रियांवयन में कितनी अनियमितताएं और गड़बड़ी की गई है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के 51 जिलों के ऐसे समस्त मजदूरों जिनको केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की देरी के चलते कई के विलंब से करोड़ों रुपए का मजदूरी का भुगतान किया गया. क्षतिपूर्ति भत्ता मिलने से मजदूरों को मनरेगा एक्ट के तहत न्याय मिलेगा और 100 दिवस रोजगार की गारंटी वाली स्कीम पर भरोसा बना रहेगा. दिग्विजय सिंह ने कहा कि देरी से बजट जारी करने के लिए केन्द्र सरकार स्तर पर कौन कौन अधिकारी दोषी है उन से क्षतिपूर्ति राशि की वसूली की जाए और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.
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