गुरुवार, 26 अप्रैल 2018

प्रदेश की जनता से झूठ बोलने पर माफी मांगे शिवराज

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि नीति आयोग के सी.ई.ओ. ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के झूठ की पोल खोल दी है. नैतिकता क्या कहती है मुख्यमंत्री को तत्काल इस प्रदेश की जनता से अपने झूठ और धोखाधड़ी देने के लिए माफी मांगनी चाहिए. क्योंकि नीति आयोग की साफगोई से पूरे देश में मध्यप्रदेश की छवि में विपरीत असर पड़ा है.   नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि पिछले 14 साल से भाजपा का राज प्रदेश में है. 12 साल से एक ही मुख्यमंत्री का शासन है तब 2003 से तुलना करने वाले नीति आयोग के सी.ई.ओ. को जवाब दें कि उनके कारण देश का विकास क्यों पिछड़ा है. सिंह ने कहा कि मैं पहले ही कह  चुका हूं कि यह सरकार पैसा, प्रचार, प्रपंच और पाखंड की सरकार है. जमीनी हकीकत क्या है नीति आयोग ने बता दिया है. सिंह ने कहा कि स्वर्णिम मध्यप्रदेश, कृषि विकास दर, दुनिया में सबसे ज्यादा कृषि कर्मण अवार्ड, प्रदेश की विकास दर बढ़ने के साथ ही बीमारू राज्य से बाहर निकालने का दावा शिवराज सरकार करती रही है. हजारों करोड़ रूपए उसने इस झूठे प्रचार पर खर्च किए हैं .  सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में किसी भी सत्तारूढ़ दल ने इतनी बड़ी धोखाधड़ी प्रदेश की जनता के साथ नहीं की है.  नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आज पेयजल के मामले में प्रदेश की बदतर हालत है. कुपोषण, शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर के मामले में भी प्रदेश अभी तक अव्वल है. महिला अपराध में नं. 1 है. ये आंकड़े पहले से ही प्रदेश की बदतर हालत बता रहे थे लेकिन शिवराज सरकार प्रचार की चमक-दमक से अपने काले चेहरे को छुपाए हुए थे.मध्यप्रदेश पिछले 14 साल में व्यापम महाघोटाला, अवैध रेत उत्खनन माफिया और भ्रष्टाचार के कारण तो पूरे देश में बदनाम था ही अब इस तमगे के बाद इसकी छवि पूरी तरह धूमिल हो गई है. इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने झूठ की कलई खुलने पर इस असफलता के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. उन्हें इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है क्योंकि जनता उन्हें अगले चुनाव में पूरे दलबल के साथ सत्ता से बाहर कर देगी.

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