उज्जैन में तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय गुरूकुल सम्मेलन का शुभारम्भ 28 अप्रैल को महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेदविद्या प्रतिष्ठान में होगा. मुख्य अतिथि केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. प्रकाश जावड़ेकर होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे. मुख्य वक्ता डॉ. मोहन भागवत होंगे. विशेष अतिथि के रूप में केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावरचन्द गेहलोत, केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह, संस्कृति राज्य मंत्री सुरेन्द्र पटवा और सांसद सत्यनारायण जटिया उपस्थित रहेंगे. कार्यक्रम में स्वामी संवित सोमगिरि, आचार्य गोविन्ददेव गिरि, स्वामी राजकुमार दास का पावन सान्निध्य मिलेगा. सम्मेलन में विविध गुरूकुलों द्वारा मंचीय प्रस्तुति होंगी. इनमें गुरूकुल में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं ने जो सीखा है, उन कलाओं का प्रदर्शन होगा. इनमें प्रमुख रूप से वेद पठन, संस्कृत पठन, संस्कृत नाटिका आदि प्रस्तुत किये जायेंगे. सम्मेलन में गुरूकुल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी.
पहले दिन के कार्यक्रम
सान्दीपनि वेदविद्या प्रतिष्ठान में सुबह 9 बजे सोमयाग-षोडशी यज्ञ की पूणार्हुति होगी. इसके बाद अपराह्न में प्रदर्शनी का उदघाटन होगा. शाम 4.30 बजे गुरूकुल सम्मेलन का शुभारम्भ समारोह आयोजित होगा. समारोह के बाद शाम 7 बजे से रात 8.30 बजे तक विविध गुरूकुलों द्वारा मंचीय प्रस्तुति दी जायेगी.
29 अप्रैल के कार्यक्रम
सुबह 4 बजे जागरण, 5 बजे से योग-प्राणायाम-सूर्य उपासना, 8 बजे से शारीरिक प्रस्तुति अश्वारोहण, 9.30 से समानांतर सत्र आहुति-1, गुरूकुल शिक्षा के 5 संकाय, ज्ञान निधि विज्ञान, कृषि, कला एवं योग पर सत्र, पूर्वान्ह 11.15 बजे से ज्ञान यज्ञ-1, गुरूकुल शिक्षण व्यवस्था, गौरवशाली इतिहास, वर्तमान स्थिति, मुख्य तत्व पर सत्र होंगे. इसी तरह दोपहर 2.30 बजे से आहुति-2, गुरूकुल के स्तंभ तथा गुरूकुल संचालकों, अभिभावकों की परिचर्चा, शाम 4.30 बजे से ज्ञान यज्ञ-2, गुरूकुल शिक्षण विधि तथा विज्ञान सुसंगत अध्ययन केन्द्रित चर्चा होगी. शाम 6.30 बजे से विभिन्न गुरूकुलों द्वारा मंचीय प्रस्तुति दी जायेगी.
30 अप्रैल के कार्यक्रम
सुबह 4 बजे जागरण, 5 बजे से योग-प्राणायाम, सूर्य उपासना, 8 बजे से शारीरिक प्रस्तुति अश्वारोहण, 9.30 बजे से समानांतरण सत्र आहुति-3, भौगोलिक क्षेत्रानुसार आगामी नियोजन तथा उत्तरी क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र, पश्चिमी क्षेत्र पर चर्चा, दोपहर 1.15 बजे ज्ञान यज्ञ-3, गुरूकुल मुख्यधारा की शिक्षा और आगामी योजना पर विस्तृत चर्चा की जायेगी. अपरान्ह 3.30 बजे से समापन समारोह प्रारम्भ होगा.
पहले दिन के कार्यक्रम
सान्दीपनि वेदविद्या प्रतिष्ठान में सुबह 9 बजे सोमयाग-षोडशी यज्ञ की पूणार्हुति होगी. इसके बाद अपराह्न में प्रदर्शनी का उदघाटन होगा. शाम 4.30 बजे गुरूकुल सम्मेलन का शुभारम्भ समारोह आयोजित होगा. समारोह के बाद शाम 7 बजे से रात 8.30 बजे तक विविध गुरूकुलों द्वारा मंचीय प्रस्तुति दी जायेगी.
29 अप्रैल के कार्यक्रम
सुबह 4 बजे जागरण, 5 बजे से योग-प्राणायाम-सूर्य उपासना, 8 बजे से शारीरिक प्रस्तुति अश्वारोहण, 9.30 से समानांतर सत्र आहुति-1, गुरूकुल शिक्षा के 5 संकाय, ज्ञान निधि विज्ञान, कृषि, कला एवं योग पर सत्र, पूर्वान्ह 11.15 बजे से ज्ञान यज्ञ-1, गुरूकुल शिक्षण व्यवस्था, गौरवशाली इतिहास, वर्तमान स्थिति, मुख्य तत्व पर सत्र होंगे. इसी तरह दोपहर 2.30 बजे से आहुति-2, गुरूकुल के स्तंभ तथा गुरूकुल संचालकों, अभिभावकों की परिचर्चा, शाम 4.30 बजे से ज्ञान यज्ञ-2, गुरूकुल शिक्षण विधि तथा विज्ञान सुसंगत अध्ययन केन्द्रित चर्चा होगी. शाम 6.30 बजे से विभिन्न गुरूकुलों द्वारा मंचीय प्रस्तुति दी जायेगी.
30 अप्रैल के कार्यक्रम
सुबह 4 बजे जागरण, 5 बजे से योग-प्राणायाम, सूर्य उपासना, 8 बजे से शारीरिक प्रस्तुति अश्वारोहण, 9.30 बजे से समानांतरण सत्र आहुति-3, भौगोलिक क्षेत्रानुसार आगामी नियोजन तथा उत्तरी क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र, पश्चिमी क्षेत्र पर चर्चा, दोपहर 1.15 बजे ज्ञान यज्ञ-3, गुरूकुल मुख्यधारा की शिक्षा और आगामी योजना पर विस्तृत चर्चा की जायेगी. अपरान्ह 3.30 बजे से समापन समारोह प्रारम्भ होगा.
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