मंगलवार, 24 अप्रैल 2018

ऐतिहासिक काम करने में शक्ति और समय लगाएं पंचायत जनप्रतिनिधि


प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने पंचायत राज दिवस पर पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए आव्हान किया कि वे अपने गांव के लिए ऐसा काम करें जो ऐतिहासिक साबित हो. उन्होंने कहा कि हर जनप्रतिनिधि के मन में ऐसा काम करने की इच्छा है जो चिरस्थाई बना रहे. यह अवसर इसी इच्छा को पूरी करने का संकल्प लेने का है. 
मोदी ने यह बात आज मध्यप्रदेश के मंडला में  पंचायत राज दिवस पर जनजातीय बहुल मंडला जिले के ऐतिहासिक रामनगर से ग्राम सभाओ को संबोधित कर रहे थे. उन्होने जनजातीय संस्कृति की अभिव्यक्ति को समर्पित आदि उत्सव का शुभारम्भ किया. मोदी ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे देश के सवा सौ करोड़ लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं. मोदी ने कहा कि पंचायत राज प्रतिनिधियों जो पांच साल का  कार्यकाल मिलता है उसमें वे अपनी क्षमतानुसार ऐतिहासिक काम करने में अपनी ऊर्जा और समय लगाये. बजट की चिंता नहीं है. चिंता है केवल प्राथमिकताएं तय करने की है. चिंता केवल बजट का सही समय पर सही काम के लिए ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ उपयोग करने की है. उन्होने कहा कि अब पहले की सरकारो की तरह बजट की कोई कमी नहीं है. कई काम ऐसे है जो थोडी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और जुनून के साथ पूरे किये जा सकते है. उन्होने बच्चों को स्कूल भेजने, पोलियो टीकाकरण कराने, स्वच्छता रखने, जैविक खेती करने जैसे काम गिनाते हुए कहा कि ऐसे कामों के लिये सिर्फ संकल्प जरुरी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि जन-धन, वन-धन, और गोवर्धन के सही और वैज्ञानिक उपयोग से ग्रामीण भारत का कायाकल्प हो सकता है. उन्होंने कहा कि पंचायत जनप्रतिनिधि लोगो के प्रति जवाबदेह होते है. उन्होंने कहा कि एक सरपंच अगर दृढ़ संकल्प ले तो अपने गांव में आधारभूत परिवर्तन कर सकता है. उन्होने कहा कि ग्रामीण भारत मे बड़ा परिवर्तन लाने के लिये छोटे-छोटे कामों को जुनून के साथ करने की आवश्यकता है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पंचायत राज दिवस भारत के कायाकल्प करने के संकल्प लेने का दिवस है. उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि जनता के सेवक हैं और वे अपनी ऊर्जा, शक्ति और दूरदर्शिता से गाँव की जिन्दगी बदल सकते हैं. उन्होंने मण्डला जिले में बांस की खेती को प्रोत्साहन देने का उदाहरण देते हुये कहा कि जनजातीय लोगों के हित में केन्द्र सरकार ने बांस को पेड़ की श्रेणी से हटाकर घास की श्रेणी में रखा है ताकि इसकी खेती आसान की जा सके और इसका अधिकाधिक उपयोग कर आदिवासी किसान अपनी आय में भी वृद्धि कर सके. उन्होंने मधुमक्खी पालन और मनरेगा के अंतर्गत अप्रैल, मई और जून में पानी बचाने के कामों को शुरू करने जैसे उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ा परिवर्तन लाने वाले कुछ छोटे काम बजट के बिना भी पूरे किये जा सकते हैं. इसके लिए पंचायत राज प्रतिनिधियों को संवेदनशील और दूरदर्शी होन की आवश्यकता है. 
राक्षसी कार्य करने वाला लटकेगा फांसी पर
बेटियों के साथ दुराचार के मामलों में फांसी देने के लिए लाये गये अध्यादेश की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियों को सम्मान देना सीखें और बेटों को जिम्मेदारी भी सिखाएं. इससे बेटियों को सुरक्षा देने का काम आसान हो जायेगा. उन्होंने कहा कि जो राक्षसी कार्य करेगा वह फाँसी पर लटकेगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार लोगों के दिल की आवाज सुनती है. बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये सामाजिक आंदोलन चलाने और समाज के लोगों के आगे आने की जरूरत है. 
    मोदी ने कहा कि देश के मान-सम्मान और आजादी के लिये शहीद हुये जनजातीय शहीदों के बलिदान को याद करने के लिये संबंधित जनजातीय बहुल प्रदेश में आधुनिक संग्रहालय बनेगा. इसमें जनजातीय शहीदों की स्मृति का गौरवगान होगा.  मोदी ने कहा कि प्रजातंत्र को मजबूत बनाने के लिये पंचायतों को सक्षम और सशक्त बनाना होगा. इसके लिये ग्राम स्वराज अभियान की शुरूआत की गई है. इसके अंतर्गत आयुषमान भारत और किसान सम्मेलन जैसे आयोजन होंगे. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की. 

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