रविवार, 29 अप्रैल 2018

गरीब, किसान, मजदूर को केंद्र में रखकर कार्य कर रही है सरकार

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने गुना जिले के सुदूर अंचल बमोरी में असंगठित मजदूर एवं तेंदूपत्ता संग्राहक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि गुना जिले के सुदूर अंचल में पहली बार देश के राष्ट्रपति  कोविंद ने आकर इतिहास रचा है. साथ ही देश की प्रथम महिला मती सविता कोविंद भी साथ है. 
उन्होंने कहा कि आज का दिन गुना जिले के लिए एक अदभुत दिवस है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी वर्गों के साथ किसानों एवं मजदूरों के लिए भी काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच थी, कि जो व्यक्ति समाज की अंतिम पंक्ति पर खड़ा है उसका कल्याण सबसे पहले हो. इसी दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में रहने वाले प्रत्येक गरीब आवासहीन परिवार को भूखंड दिया जाएगा. इसके लिए प्रदेश में कानून बनाया गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना में आने वाले 4 वर्षों के अंदर सभी आवासहीन परिवारों को पक्के आवास दिए जाएंगे.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही जन-कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मकसद गरीबों की जिन्दगी को बदलना है. इस दिशा में राज्य सरकार ने गरीबों के कल्याण एवं भलाई के लिए संचालित योजनाओं में प्रदेश में नया इतिहास रचा है. गरीबों के कल्याण के लिए सर्वाधिक योजनाएं संचालित करने वाला मध्यप्रदेश देश का ही नहीं, बल्कि दुनिया का एकमात्र राज्य है. उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूते-चप्पल, महिलाओं को साड़ी, ठंडा पानी पीने के लिए कुप्पी प्रदाय की जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वर्गों के गरीब छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, मेडिकल, आईआईटी आदि पाठ्यक्रमों में लगने वाली फीस की राशि राज्य सरकार भरेगी. मुख्यमंत्री ने कहा की श्रमिक परिवार की ऐसी गर्भवती महिलाओं को 6 माह से 9 माह तक चार हजार रुपए एवं प्रसव के बाद पौष्टिक आहार के लिए 12 हजार रुपए की राशि महिलाओं के खाते में जमा कराई जा रही है. प्रदेश में इस वर्ष लगभग 17 करोड़ की राशि महिलाओं के खाते में जमा कराई जा रही है.उन्होंने कहा कि ऐसे मजदूर जिसकी आयु 60 वर्ष से कम है उसकी मृत्यु होने पर दो लाख रुपए और दुर्घटना से मृत्यु होने पर चार लाख रुपए की राशि मजदूर के परिवार को देने की व्यवस्था की है. सम्मेलन में राष्ट्रपति की धर्मपत्नि सविता कोविंद, उच्च शिक्षा मंत्री  जयभान सिंह पवैया, मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष  महेश कोरी, म.प्र. असंगठित कर्मकार मंडल के अध्यक्ष  सुलतान सिंह शेखावत, विधायक  महेन्द्रसिंह सिसौदिया भी मौजूद थे.

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