कांग्रेस ने कहा आनंदी बीन का बयान मर्यादाओं के अनुरूप नहीं
मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एक नए विवाद में फंसती नजर आ रही हैं. वह पहले भी अपनी सक्रियता को लेकर आलोचनाओं के घेरे मैं रही हैं . दरअसल सतना जिले के विमानतल पर लिए गए एक वायरल वीडियो में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बीजेपी नेताओं को वोट लेने के 'टिप्स' बताती नजर आ रही हैं. इसको लेकर कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराइ है. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा की आनंदी बेन पटेल का यह बयान राजयपाल की मर्यादा के है. प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे भारतीय संविधान और लोकतंत्र पर हमला बताया है .
राजयपाल आनंदी बेन पटेल ने सतना जिले के चित्रकूट के दौरे के समय उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी कर भाजपा के लिए वोट लेने का ज्ञान दे दिया.सतना हवाई पट्टी पर में उन्होंने महापौर ममता पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में खुलकर कहा कि अधिकारियों को तो वोट नहीं लेना है लेकिन हमें तो वोट चाहिए.
चित्रकूट के अपने दौरे से लौटते समय राज्यपाल आनंदी बेन हवाई अड्डे पर चिकित्सकों सहित मौजूद भाजपा जनप्रतिनिधियों से मुखातिब होते हुए कहा कि कि मुझे पता चला है कि चित्रकूट, सतना और परसमनिया पठार इलाके में कुपोषण ज्यादा है. यह कुपोषण कैसे दूर करना है कलेक्टर को बता दिया है. उन्होंने वहाँ मौजूद भाजपा जनप्रतिनिधियों से मुखातिब होते हुए कहा कि कुपोषण दूर करने के लिये बच्चों को गोद लीजिए. अभियान चलाइए.इसके बाद उन्होंने भाजपा महापौर ममता पाण्डेय से पूछा कि इस पर क्या हो सकता है, तब महापौर ने बताया कि उन्होंने और अध्यक्ष ने बच्चों को गोद लिया है. तब राज्यपाल ने कहा कि इससे नहीं चलेगा पार्षद को भी इसमें लगाओ. वो भी एक बच्चे को गोद लें. ये हमारा दायित्व है. हम चुने हुए लोग हैं. उन्होंने सतना की भाजपा की महापौर ममता पांडेय से कहा कि ऐसे वोट नहीं मिलेंगे. उन्होंने सीधे तौर पर राजनीतिक इशारा करते हुए कहता हुआ दिखाया जा रहा है कि वोट चाहिए तो एक एक कुपोषित बच्चा गोद लो. उनके घर जाओ और बच्चों के सिर में हाथ फेरो. वरना वोट नहीं मिलेगा. इसके बाद अधिकारियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन्हें तो वोट नहीं लेना है. वोट तो हमें लेना है. इसलिये इसमें जुट जाइए.
- राज्यपाल किसी दाल का नहीं होता है ,उनकी भाजपा नेताओं को सलाह संबैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है.
- नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह
- राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर शोभित होकर वोट माँगना भारतीय संविधान और लोकतंत्र पर हमला है. इनसे प्रदेश और प्रजातंत्र की रक्षा की अपेक्षा भी बेईमानी है.
- जीतू पटवारी ,कार्यकारी अध्यक्ष मध्य प्रदेश कांग्रेस
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