मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में आवश्यकतानुसार नवीन उपार्जन केन्द्र खोले जाएं. किसानों को भुगतान समय से हो. उपार्जन कार्य की लगातार मानीटरिंग की जाए. उपार्जन के दौरान किसान हितैषी दृष्टिकोण रखा जाए. मुख्यमंत्री चौहान आज यहां वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश में चल रहे गेहूं, चना, मसूर और सरसों के उपार्जन की समीक्षा कर रहे थे. इस अवसर पर वित्त मंत्री जयंत मलैया, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विश्वास सारंग और मुख्य सचिव बीपी सिंह भी उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय से एसएमएस मिले तथा खरीदी केन्द्र पर उपार्जन सुनिश्चित किया जाए. उपार्जन के बाद शीघ्र परिवहन किया जाए. यह सुनिश्चित करें कि किसानों को खरीदी के तीसरे दिन भुगतान मिले. किसी कारण से एसएमएस से सूचना के बाद निर्धारित दिन पर किसान नहीं आ पाता है तो उन्हें दोबारा एसएमएस किया जाए. खरीदी, परिवहन और किसान को भुगतान की लगातार मानीटरिंग की जाए. खरीदी केन्द्रों पर पर्याप्त संसाधन और उपकरण हों. यह सुनिश्चित करें कि बोरे के निर्धारित वजन के बराबर ही कटौती की जाए. उपार्जन केन्द्रों पर छाया और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें. उपार्जन केन्द्रों पर एक प्रशासनिक अधिकारी की ड्यूटी लगाएं. मण्डियों में आवश्यकतानुसार मजदूरी की दरें बढ़ाएं. जिन उपार्जन केन्द्रों पर नाफेड के सर्वेयर नहीं हो, वहां कृषि, खाद्य और सहकारिता की समिति बनाकर एफ.ए.क्यू गुणवत्ता का उपार्जन करें. ओला प्रभावित और सूखे से प्रभावित किसानों को राहत राशि मिलना शेष नहीं रहे. उपार्जित खाद्यान्न के परिवहन में देरी नहीं हो. आवश्यकतानुसार मण्डियों में विद्युत चलित ट्रेडिंग मशीनें लगाएं.
प्रभारी मंत्री भी प्रतिदिन करेंगे उपार्जन की मानीटरिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टर उपार्जन कार्य के साथ भुगतान की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करें. प्रभारी मंत्री भी प्रतिदिन उपार्जन कार्य की मानीटरिंग करेंगे. खरीदी, परिवहन, भुगतान और कैश की प्रतिदिन रिपोर्ट लें. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के तहत वर्ष 2016-17 की प्रोत्साहन राशि अधिकांश किसानों के खातों में पहुंच गई है. वर्ष 2017-18 की प्रोत्साहन राशि 265 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं तथा चना, मसूर और सरसों में 100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से आगामी 10 जून को किसानों के खातों में डाली जाएगी.
किसानों को एसएमएस की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था
बताया गया कि उपार्जन के लिए किसानों को एसएमएस भेजने की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था की गई है. खरीदी केन्द्रों पर तौल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया गया है. प्रदेश में अब तक 45 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है. गेहूं, चना, मसूर, सरसों को मण्डियों में बेचने वाले किसानों को भी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इन किसानों का पंजीयन किया गया है. बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

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