मध्यप्रदेश के धार जिला मुख्यालय पर आरक्षक भर्ती की चयन प्रक्रिया के दौरान सीने पर एससी, एसटी लिखे जाने के मामले की जांच के आदेश गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने दिए हैं.
धार जिले में बीते दिनों आरक्षक भर्ती की चयन प्रक्रिया के दौरान आवेदकों के सीने पर एससी, एसटी लिखे जाने के मामले को गर्माते देख गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. वहीं अधिकारियों का तर्क है कि चयन प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ न हो इसके लिए अभ्यर्थियों के सीने पर उनका वर्ग लिखा था.इसके पीछे किसी तरह की गलत भावना नहीं थी. यह मामला जब गर्माया तो गृह मंत्री ने जांच के आदेश देकर मामले को शांत करने का प्रयास किया.
वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी मांग की इस चयन प्रक्रिया को तुरुन्त रोका जाना चाहिए. माकपा ने 28 अप्रैल की घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ दलित उत्पीड़न कानून के तहत मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि भाजपा के राज में मनुवादी हरकतों की यह पराकष्ठा है. भाजपा और संघ परिवार अक्सर आरक्षण को खत्म करने की मांग करते रहते हैं.
उल्लेखनीय है कि वन आरक्षक की भर्ती के लिए आवेदन करने वाले युवकों का जब मेडिकल टेस्ट हो रहा था तो अनुसूचित जाति से संबंधित युवकों की छाती पर स्कैच पैन से अंग्रेजी में एससी और आदिवासी युवकों की छाती पर एससी, एसटी लिख दिया गया.
धार जिले में बीते दिनों आरक्षक भर्ती की चयन प्रक्रिया के दौरान आवेदकों के सीने पर एससी, एसटी लिखे जाने के मामले को गर्माते देख गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. वहीं अधिकारियों का तर्क है कि चयन प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ न हो इसके लिए अभ्यर्थियों के सीने पर उनका वर्ग लिखा था.इसके पीछे किसी तरह की गलत भावना नहीं थी. यह मामला जब गर्माया तो गृह मंत्री ने जांच के आदेश देकर मामले को शांत करने का प्रयास किया.
वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी मांग की इस चयन प्रक्रिया को तुरुन्त रोका जाना चाहिए. माकपा ने 28 अप्रैल की घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ दलित उत्पीड़न कानून के तहत मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि भाजपा के राज में मनुवादी हरकतों की यह पराकष्ठा है. भाजपा और संघ परिवार अक्सर आरक्षण को खत्म करने की मांग करते रहते हैं.
उल्लेखनीय है कि वन आरक्षक की भर्ती के लिए आवेदन करने वाले युवकों का जब मेडिकल टेस्ट हो रहा था तो अनुसूचित जाति से संबंधित युवकों की छाती पर स्कैच पैन से अंग्रेजी में एससी और आदिवासी युवकों की छाती पर एससी, एसटी लिख दिया गया.
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