शुक्रवार, 3 मई 2019

कांग्रेस को मिली राहत, जयस समर्थित प्रत्याशी ने वापस लिया नामांकन


मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अपने रुठे नेता मानते जा रहे हैं. कांग्रेस के लिए यह राहत देने वाली खबर है. खण्डवा-बुरहानपुर संसदीय क्षेत्र में निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा को मनाने के बाद अब कांग्रेस ने जयस समर्थित धार के उम्मीदवार को मनाने में सफलता हासिल की है. धार से जयस के उम्मीदवार महेन्द्र सिंह कन्नौज ने अपना नामांकन वापस ले लिया है. 
प्रदेश में पहले चरण के हुए मतदान के बाद कांग्रेस अब शेष सीटों पर नाराज लोगों को मनाने में जुट गई है. नाराज नेताओं को मनाने में उसे लगातार सफलता भी हासिल हो रही है. पहले कांग्रेस ने खण्डवा-बुरहानपुर संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा को मनाया और उनकी पत्नी जयश्री का नामांकन वापस कराया. इसके बाद धार संसदीय सीट पर जयस के उम्मीदवार को मनाने की कवायद तेज हुई और कांग्रेस को यहां भी सफलता हासिल हुई, यहां पर जयस समर्थित उम्मीदवार महेन्द्र सिंह कन्नोज के मैदान में उतरने से कांग्रेस को नुकसान होता नजर आ रहा था.  इसे देखते हुए कांग्रेस ने जयस के संरक्षक मनावर के विधायक डा. हीरालाल अलावा से चर्चा की और यह चर्चा सफल रही. चर्चा के बाद कन्नोज ने अपना नामांकन वापस लिया और डा. अलावा ने भी जयस के कांग्रेस के पक्ष में चुनाव मैदान में उतरने की बात कही. 
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव में भी जयस की ओर से धार लोकसभा से टिकट की मांग की जा रही थी, लेकिन कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों से कोई तबज्जो नहीं दी तो जयस समर्थित महेंद्र कन्नौज को उम्मीदवार बनाया गया था. हालांकि अब नामांकन वापसी के अंतिम दिन जयस के प्रत्याशी महेंद्र कन्नौज ने नामांकन वापस लेकर कांग्रेस की राह आसान कर दी है. अब इस सीट पर कांग्रेस और भाजपा का सीधा मुकाबला हो गया है. जयस का समर्थन मिलने से यहां पर कांग्रेस की स्थिति भी मजबूत होने की बात कही जा रही है.
बागी सुखलाल ने भी लिया नामांकन वापस
खरगोन संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी डा. गोविंद मुजाल्दा के नाम की घोषणा के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखलाल परमार बागी हो गए थे. उन्होंने निर्दलीय रुप में अपना नामांकन भर दिया था. इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ से हुई उनकी चर्चा के बाद उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया है. सुखलाल के नामांकन वापस लेने से कांग्रेस को राहत मिली है. अब यहां भी सीधा मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच हो गया है.

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