मंगलवार, 17 दिसंबर 2019

10 माह 20 दिन में की 122 किसानों के आत्महत्या



मध्यप्रदेश में 10 माह 20 दिन में 122 किसानों ने आत्महत्या की है. इसमें कर्ज के चलते केवल एक किसान ने मौत को गले लगाया है, जबकि सबसे ज्यादा आत्महत्याएं मानसिक संतुलन खराब होने के कारण की गई है.
यह जानकारी आज राज्य विधानसभा मे गृह मंत्री बाला बच्चन ने विधायक आशीष गोविंद शर्मा के प्रश्न के लिखित जवाब में दी है. गृह मंत्री ने अपने जवाब में बताया कि मध्यप्रदेश में जनवरी 2019 से 20 नवंबर 2019 के बीच की समयावधि में 122 किसानों द्वारा आत्महत्याएं किए जाने के मामले सामने आए हैं. उन्होंने बताया कि इन मामलों में जांच के बाद पता चला कि 31 किसानों ने बीमारी के कारण, 1 ने कर्ज के कारण, पारिवारिक विवाद के चलते 20, मानसिक संतुलन खोने से 41, नशे का आदि होने के कारण 24 और व्यापार में घाटा होने के कारण  1 किसान ने आत्महत्या की है. मंत्री ने बताया कि रायसेन जिले में किसान द्वारा कर्ज को लेकर आत्महत्या किए जाने का कारण उसके परिजनों ने बताया है. उन्होंने बताया कि इन सब मामलों में विधि सम्मत कार्यवाही चल रही है. 
विसर्जन घाट की दुर्घटना की नहीं हुई जांच
राजधानी भोपाल में गणेश विसर्जन के दौरान खटलापुरा घाट पर हुई दुर्घटना में 11 युवाओं की जान चले जाने के मामले की जांच अब तक नहीं हुई है. विधायक रामेश्वर शर्मा के प्रश्न के लिखित जवाब में गृह मंत्री बाला बच्चन ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 13 सितंबर 2019 को गणेश विसर्जन के दौरान भोपाल के खटलापुरा विसर्जन घाट में 11 युवाओं की डूबने से मौत हो गई है, इस मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है. जांच कब तक पूरी होगी, इसकी समयावधि बताना संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि घटना में प्रत्येक मृतक के वैध आश्रित को 13 सितंबर 2019 को 4 लाख रुपए एवं 3 अक्तूबर 2019 को 7 लाख रुपए की सहायता राशि दी गई. मंत्री ने बताया कि इस तरह कुल 1 करोड़ 21 लाख रुपए की राशि का भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से किया गया है.

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