बुधवार, 25 दिसंबर 2019

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सड़क पर उतरे कांग्रेसी

 गांधी टोपी लगाकर और हाथ में तिरंगा लिए करते रहे कानून का विरोध
नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा निकाले गए शांति मार्च में गैर भाजपा विचारधारा वाले संगठनों ने कहा कि लोकतंत्र और देश को बचाने के लिए आज हमने यह शांति मार्च निकाला है. मार्च में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. कांग्रेस के इस शांति मार्च में गांधी टोपी और तिरंगा लिए लोग कानून का विरोध करते नजर आए.
राजधानी भोपाल के रंगमहल चौराहे से कांग्रेस का शांति मार्च की शुरूआत हुई जो मिंटो हाल तक चला. यहां पर गांधी प्रतिमा के सामने यह मार्च समाप्त हुआ. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए हमें सड़क पर उतरना पड़ा है. संविधान बचाओ न्याय शांति यात्रा निकाल रहे कांग्रेस नेताओं का कहना था कि कांग्रेस के नेता सड़कों पर नहीं उतरे हैं, ये देश की जनता है जो लोकतंत्र और देश की एकता के लिए इस प्रदर्शन में शामिल हुई है. गैर भाजपा विचारधारा वाले संगठन के लोग भी इसमें शामिल हुए हैं. मार्च में सभी लोग सीएए और एनआरसी के खिलाफ हाथों में बैनर लेकर चले. कांग्रेस के शांति मार्च का नेतृत्व प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया. कांग्रेस के प्रदर्शन में निकाले गए इस मार्च में बसपा, कम्युनिस्ट पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी भी शामिल होगी.
धर्मगुरुओं के साथ नजर आया पूरा मंत्रिमंडल
कांग्रेस के शांति मार्च में धर्मगुरुओं के साथ पूरा मंत्रिमंडल शामिल हुआ. सभी धर्मों के धर्मगुरु विधेयक के खिलाफ नजर आए. मुस्लिम और सिख धर्म के गुरु विशेष रुप से इस मार्च में शामिल हुए. धर्मगुरुओं ने यह संदेश दिया कि सभी धर्म इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं. धर्मगुरुओं के अलावा पूरा मंत्रिमंडल भी इस मार्च में शामिल हुआ.
शांति मार्च से पहले मंत्रियों के बंगलों पर रही भीड़
कांग्रेस द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में निकाले गए शांति मार्च के पहले सुबह से ही मंत्रियों के बंगलों पर उनके समर्थकों के साथ कार्यकर्ता जुटने लगे थे. कुछ कार्यकर्ता मंत्रियों के गृह क्षेत्र से आए थे तो कुछ उनके प्रभार वाले जिलों से. मंत्रियों के पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं के लिए मंत्रियों द्वारा व्यवस्थाएं भी की थी. कार्यकर्ताओं में यहां पहुंचकर मंत्री को चेहरा दिखाने की होड़ सी लगी थी, तो पदाधिकारी जिनके नेतृत्व में आए कार्यकर्ता मंत्री को यह दिखाना चाहते थे कि वे भीड़ के साथ मार्च में शामिल होने पहुंचे हैं.
व्यक्तिगत झंडे बैनर पर रही रोक
शांति मार्च में शामिल होने हजारों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं को इस बार सख्त हिदायत दी थी कि वे इस मार्च में इस बात का ध्यान रखें कि व्यक्तिगत झंडे बैनर लेकर नहीं पहुंचे. उनके सिर पर टोपी होगी और हाथ में झंडा. संगठन द्वारा मार्च के लिए केवल एक रंग दिया गया था, व्यक्तिगत नारेबाजी और झंडे बैनर पर रोक लगाई गई थी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा तय की गई गाइड लाइन के मुताबिक ही कार्यकर्ता रैली स्थल रोशनपुरा पहुंचे, जिनके हाथ में झंडे थे जो तय गाइड लाइन के ही थे. सभी कार्यकर्ता व्यक्तिगत नारेबाजी से भी बचते रहे. पार्टी द्वारा तय किए गए तिरंगे और विधेयक के विरोध में लिखे श्लोगन के साथ कार्यकर्ता रैली में शामिल हुए.
अराजकता फैला रहे कांग्रेस और वामपंथी
कांग्रेस द्वारा निकाले गए शांति मार्च को लेकर राजधानी भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी मिलकर देश में अराजकता फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग देश के दुश्मन हो सकते हैं, मगर देशहित के लिए कभी खड़े नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि ये जो भी करना चाहें, करें, देश की सुरक्षा के लिए हमारा हर राष्ट्रभक्त तैयार है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की प्रशंसा और कहा कि मोदी और शाह के हाथ में देश सुरक्षित है.
सेवादल कार्यकर्ता भी शामिल हुए मार्च में 
कांग्रेस के शांति मार्च में सेवादल के लालजी देसाई के नेतृत्व में 1 हजार से ज्यादा कार्याकर्ता शामिल हुए. मार्च में सेवादल के कार्यकर्ता लालजी देसाई एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सत्येन्द्र यादव के नेतृत्व में अनुशासित ढंग से कतारबद्ध होकर रंगमहल चौराहे से मिंटो हाल तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे. कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में पहले लड़े थे गोरो से अब लडेंÞगे चोरों से, देश का झंडा तिरंगा नहीं चलेगा दो रंगा के नारे लगाएं. देसाई के साथ सेवादल के राष्ट्रीय सचिव चन्द्रप्रकाश बाजपेयी पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस प्रवक्ता योगेश यादव भी उपस्थित रहे.
बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
शांति मार्च को देखते हुए पुलिस ने पूरे प्रबंध किए थे. यातायात को दोपहर तीन बजे तक बदल दिया गया था. वहीं न्यू मार्केट क्षेत्र के बाजारों में भी दोपहर तक सन्नाटा पसरा रहा. लोगों को आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा. भीड़ देखकर पुलिस ने जगह-जगह बेरीकेट्स लगाकर वाहन चालकों को रोका और दूसरे रास्ते से जाने को कहा गया,जिसके चलते लोगों को परेशान होना पड़ा.
समर्थन में उतरेगी भाजपा, बनाएगी रणनीति आज
राजधानी में कांग्रेस द्वारा विधेयक के विरोध में निकाले गए शांतिमार्च के बाद अब भाजपा विधेयक के समर्थन में सड़क पर उतर कर लोगों को विधेयक की जानकार देगी. भाजपा के प्रदेश प्रभारी डा. विनय सहस्रत्रबुद्ध, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव सहित संगठन के पदाधिकारी कल प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठकर इसकी रणनीति तय करेंगे. कल होने वाली इस बैठक में भोपाल सहित अन्य शहरों में किस तरह से समर्थन रैली निकाली जाए इसकी रणनीति तय की जाएगी. कल होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए भाजपा ने अपने सांसदों, विधायकों के अलावा नगर निगम महापौरों को भी बुलाया है. 

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