रविवार, 15 दिसंबर 2019

सांची दूध के टैंकर मिला रहे थे गंदा पानी और यूरिया


राजधानी के निकट सांची दूध में मिलावट करने का मामला सामने आया है. टैंकर से दूध निकालकर उसमें यूरिया निर्मित सिंथेटिक दूध और गंदा पानी मिलावटखोर मिला रहे थे, तभी क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्त में ले लिया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
क्राइम ब्रांच के अनुसार राजधानी के निकट मंडीदीप की सीमा पर एक ढ़ाबे पर बैतूल जिले के मुलताई से दूध से भरा 20 हजार लीटर क्षमता का दूध टैंकर काफी देर से खड़ा था. टेंकर को वहां काफी देर से खड़ा देख देर रात मुखबिर ने  क्राइम ब्रांच को इसकी सूचना दी. इसके बाद क्राइम ब्रांच और खाद्य विभाग की टीम ने भोपाल मंडीदीप हाइवे रोड पर पहुंचकर टैंकर की जांच की, जिसमें पता चला कि इसकी सील पहले ही तोड़ी जा चुकी है. वहीं टैंकर से 36 कैनों में दूध निकाला जा चुका है, एक कैन की क्षमता 50 लीटर है. जिस स्थान पर दूध रखा गया था वहां यूरिया उर्वरक भी मिला है.
क्राइम ब्रांच ने आशंका जताई है कि यूरिया की मदद से सिंथेटिक दूध बनाने के बाद उस टैंकर में भरकर चोरी किए गए हैं और असली दूध की भरपाई की जाती थी. इस मामले में खाद्य विभाग की टीम भी पड़ताल कर रही है. 20 हजार लीटर की क्षमता का ये टैंकर मुलताई- बैतूल से दूध लेकर भोपाल सांची डेयरी के लिए आ रहा था.
पंक्चर की दुकान पर रखा जीपीएस सिस्टम
बताया जा रहा है कि भोपाल दुग्ध संघ के टैंकरों की लोकेशन पता करने के लिए उनमें जीपीएस सिस्टम लगाए गए हैं, लेकिन इस टैंकर के ड्राइवर और मिलावटखोरों ने टैंकर का जीपीएस सिस्टम निकालकर सड़क किनारे एक पंक्चर की दुकान पर रख दिया था, ताकि टैंकर की लोकेशन होशंगाबाद हाइवे पर मिले. क्राइम ब्रांच के अनुसार इस गिरोह से कौन-कौन लोग जुड़े हैं और यह धंधा कब से चल रहा है, इसकी जांच की जाएगी.

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