माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में चल रहे विवाद को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसएस शैक्षणिक संस्थाओं पर कब्जा जमाना चाहता है. नए कुलपति पिछले 15 साल के बिगड़े विश्वविद्यालय में अच्छा शैक्षणिक वातावरण तैयार कर रहे थे, इस प्रायोजित उत्पात से उस पर कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए.
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के संविदा प्रोफेसर दिलीप मंडल और मुकेश कुमार द्वार समाज विशेष को लेकर की गई टिप्पणी का विरोध करना छात्रों को भारी पड़ गया. प्रबंधन ने 23 छात्रों को निष्कासित करने का फरमान जारी किया है, हालांकि 3 छात्रों द्वारा माफी मांगने के बाद उनका निलंबन समाप्त कर दिया था. प्रबंधन के इस फरमान को लेकर छात्र संगठनों में बवाल मच गया है और वे लगातार प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने छात्रों के खिलाफ लिए गए एक्शन का समर्थन किया है.
दिग्विजय सिंह ने अपने अधिकारिक ट्विटर पर लिखा है कि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हाल का घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण है, जिस तरह से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लोगों ने प्रायोजित उत्पात मचाया, उससे मेरी यह बात साबित हुई की आरएसएस शिक्षण संस्थाओं पर जबरन कब्जा जमाना चाहता है. अपने दूसरे ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि शैक्षणिक संस्थाओं में अनुशासनहीनता का कोई स्थान नहीं हो सकता. नए कुलपति पिछले 15 साल के बिगड़े विश्वविद्यालय में अच्छा शैक्षणिक वातावरण तैयार कर रहे थे, इस प्रायोजित उत्पात से उस पर कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए. विश्वविद्यालय को सुधारने के प्रयासों में कुलपति को मेरा पूरा समर्थन है.
गौरतलब है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय के संविदा प्रोफेसर दिलीप मंडल और मुकेश कुमार ने समाज विशेष को लेकर विवादित ट्वीट किया था. इस पर हंगामा करने के आरोप में मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने 23 छात्रों को निष्कासित कर दिया था.साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है.

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