शुक्रवार, 13 दिसंबर 2019

वर्चस्व बनाए रखने निम्नस्तरीय हथकंडे अपना रहे शिवराज

 सागर में महिला के गले में बिजली बिलों की माला पहनाने का मामला
शोभा ओझा 

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्ष  शोभा ओझा ने  कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा में  वर्चस्व बनाने और जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए निम्नस्तरीय हथकंडों का सहारा ले रहे हैं. इसके चलते उन्होंने सागर में एक बुजुर्ग महिला को विकलांगता प्रमाण-पत्र बनाने के नाम पर रैली में बुलाया और उसके गले में बिजली के बिलों की माला डालकर कांग्रेस की उस जनहितैषी सरकार के विरुद्ध झूठा और अनर्गल प्रचार करने की निंदनीय और घृणित कोशिश की. 
ओझा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान मीडिया में बने रहने के अपने निम्नस्तरीय हथकंडों के लिए पूरे प्रदेश में जाने जाते हैं, लेकिन एक विकलांग और बुजुर्ग महिला को भी अपनी स्वार्थ सिद्धि का माध्यम बना लेना पूरी तरह से निंदनीय, अनैतिक और भर्त्सना योग्य कदम है.  अपने बयान में प्रदेश के पूर्व घोषणावीर भाजपाई मुख्यमंत्री चौहान पर आरोप लगाते हुए ओझा ने कहा कि अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़ चुके शिवराज सिंह चौहान का भाजपा के अन्य प्रादेशिक नेताओं राकेश सिंह, गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, कैलाश विजयवर्गीय, प्रभात झा आदि से वर्चस्व को लेकर कड़ा संघर्ष चल रहा है, जिसके कारण उन्हें अब नैतिकता और राजनीतिक मयार्दाओं का भी बिल्कुल ख्याल नहीं है और वो येन-केन-प्रकारेण प्रदेश की राजनीति में प्रासंगिक बने रहने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.
ओझा ने कहा कि केवल बिजली बिलों में कटौती ही नहीं, कमलनाथ सरकार ने किसान कर्जमाफी, पिछड़ा वर्ग को आरक्षण, सामान्य वर्ग को आरक्षण, इंदिरा गृह ज्योति योजना, पुलिसकर्मियों के लिए सप्ताह में एक दिन अवकाश की घोषणा, देश के अन्नदाताओं को तमाम तरह की रियायतें और प्रदेश में निवेश और रोजगार को लेकर जो ठोस कदम उठाए हैं, उससे शिवराज सिंह सहित पूरी भाजपा बौखलाई हुई है और आज प्रदेश की जनता शिवराज सिंह के पूरे 15 सालों की तुलना में कमलनाथ सरकार के केवल एक वर्ष को बेहतर मानने लगी है. अच्छा होगा कि शिवराज सिंह सहित भाजपा के अन्य नेता ऐसी नौटंकियों का सहारा लेकर कमलनाथ सरकार के ठोस जनहितैषी कदमों को रोकने के प्रयासों की बजाय, जनता के हित में सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएं, जिसका की जिम्मा प्रदेश की जनता ने उन्हें सौंपा है.

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