मंगलवार, 17 दिसंबर 2019

हमने खाली तिजोरी नहीं, बोझ के साथ शुरु किया काम

पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने जारी किया कमलनाथ सरकार का विजन दस्तावेज

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि पिछली सरकार ने झूठी घोषणाएं कर जनता को खूब छला. पिछली सरकार की घोषणाओं को हम पर थोपा गया. हमने सिर्फ खाली तिजोरी से काम शुरु नहीं किया, बल्कि बोझ के साथ काम शुरु किया. उन्होंने कहा कि हम विज्ञापन से काम नहीं चलाना चाहते, बल्कि व्यवस्था में परिवर्तन लाना चाहते हैं.
मुख्यमंत्री ने यह बात आज राजधानी के मिंटो हाल में अपनी सरकार के एक साल पूरा होने पर आयोजित समारोह में सरकार का विजन दस्तावेज 'मध्य प्रदेश विजन-टू-डिलीवरी रोडमैप 2020-2025’ जारी करते हुए कहा. इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी उपस्थित रहे. समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिम्मेदार सरकार घोषणाएं कर देती है, लेकिन बजट में उसका कोई प्रावधान नहीं. उन्होंने कहा मक्के का बोनस देने की घोषणा की गई लेकिन बजट में उसका कोई प्रावधान नही. यह चीजें पिछली सरकार ने झूठी घोषणा करके खूब छलावा किया. पिछली सरकार की घोषणाओं का बोझ हम पर थोपा गया. हमने सिर्फ खाली तिजोरी से काम शुरू नही किया बल्कि बोझ के साथ काम शुरू किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 365 दिन में 365 वचन पत्र के मुद्दे पूरे किए. हमारी घोषणा थी कि हम किसानों का कर्जा माफ करेंगे, एक साल में हमने किसानों का दो साल तक का कर्जा माफ किया. सिर्फ उन किसानों का कर्ज माफ नही किया जिनके दो खाते थे, जिनके आधार कार्ड के नंबर सही नहीं थे, जो पात्र नहीं थे. अब हम दूसरी किश्त शुरू करने जा रहे हैं, जिनका 50 हजार तक का कर्जा माफ हुआ अब उनका 1 लाख तक का कर्जा माफ किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजदूरी दरों में हमने वृद्धि की, तेुदूपत्ता संग्राहकों को इसका लाभ मिल रहा है, हमने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का वादा किया था उसे पूरा किया. हमने बहुत सारे नियमों को सरल किया, नई पीढ़ी के भविष्य के लिए उसे काम के लिए निवेश लाने का प्रयास किया. मध्यप्रदेश में इन्वेसटर्स विश्वास जगाया. उन्होंने कहा हम केवल विज्ञापन से नहीं काम नहीं चलाना चाहते, हम व्यवस्था में परिवर्तन लाना चाहते हैं, आज जनता की क्या अपेक्षाएं है इसे पूरा करना हमारे लिए बड़ी चुनौती है. सीएम ने कहा कि यह विजन डाक्यूमेंट हमने बहुत सोचकर बनाया है, जिसे हम पूरा करेंगे, एक हाथ में वचन पत्र और दूसरे हाथ में विजन डाक्यूमेंट होगा.
कमलनाथ ने कहा कि हमने 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली दी है. 85 लाख लोगों को इंदिरा गृह ज्योति योजना से फायदा हो रहा है. रेत खनन के लिए नीति बनाकर गलत काम रोका. इन्वेस्टर्स का विश्वास बनाने का प्रयास हमारी सरकार ने किया. हम विज्ञापन से नहीं प्रचार से आगे बढ़ेंगे.
टेलीविजन नहीं विजन की है सरकार
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हमारी विजन की सरकार है, ये टेलीविजन की सरकार नहीं है. हमने 365 दिन में 365 वचनों को पूरा करने का काम किया है. उन्होंने कहा कि पोस्टरबाजी और टेलीविजन के बजाय मध्यप्रदेश के लिए जो विजन को लेकर चले हैं, उसे पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं. प्रदेश का खजाना खाली था. इसके बाद भी हमने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने की दिशा में काम किया है. सरकार के सभी फैसले लोगों की अपेक्षाओं पर आधारित हैं. हमें लोगों की बुद्धिमत्ता पर विश्वास है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जिन किसानों के कर्जमाफ किए हैं उनके नंबर और पते दोनों हमारे पास हैं.
स्वर्गीय जब्बार को मरणोपरांत इंदिरा गांधी समाज सेवा पुरस्कार
पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह  ने भोपाल गैस कांड पीड़ितों के हक की लड़ाई लड़ने वाले अब्दुल जब्बार को मरणोपरांत इंदिरा गांधी समाज सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया. ये सम्मान उनकी पत्नी सायरा बानो को दिया गया. राजधानी भोपाल में यूनियन कार्बाइड नामक कंपनी के कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव हुआ था, जिसके चलते करीब 15 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई थी. इसके अलावा कई लोग अनेक तरह की शारीरिक अपंगता और अंधेपन का शिकार हो गए थे. अब्दुल जब्बार पिछले 33 सालों से लगातार इन्हीं पीड़ितों के आवाज उठा रहे थे. काफी लंबे समय से बीमार अब्दुल जब्बार का पिछले महीने ही निधन हो गया.
विजन दस्तावेज के मुख्य बिन्दु
* रोडमैप दस्तावेज का निर्माण लोगों की सामाजिक-आर्थिक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं और कम, मध्यम और लंबे समय के उद्देश्यों को ध्यान में रख लोक-केंद्रित विकास प्रक्रिया के तहत किया गया है. इसमें सभी नागरिकों विशेषकर महिलाओं, बच्चों, किसानों और अन्य हाशिए वाले समूहों का विकास सुनिश्चित करने पर फोकस किया गया है.
* पांच साल के रोडमैप की कल्पना प्राथमिक (नागरिकों और संबंधित विभागों) के साथ-साथ द्वितीय (राजनीतिक नेतृत्व, फैसला लेने वाले लोगों, अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थानों) हितधारकों के साथ एक बढ़ी और विचार-विमर्श प्रक्रिया थी. यह रोडमैप विभिन्न सामाजिक-आर्थिक समूहों की जरूरतों के मुताबिक विकास संबंधी प्राथमिकताओं को व्यवस्थित तरीके से शामिल करते हुए विभिन्न स्तरों पर चरणबद्ध तरीके से उनके क्रियान्वयन के लिए तैयार किया गया है.
* मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनकी सरकार चिन्हित क्षेत्रों पर वास्तविक रूप में कार्य करने के लिये प्रतिबद्ध है. रोडमैप में चिन्हित मानव विकास संकेतकों और सम्बंधित लक्ष्यों में मध्यप्रदेश का वर्ष 2025 तक शीर्ष प्रदर्शन करने वालों प्रदेशों में से एक के रूप में बनने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है. यह पिछले एक साल में सरकार द्वारा की गई पहलों और अभिनव कार्यक्रमों को पूरक बनाएगा, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों विशेष रूप से किसानों, महिलाओं, बच्चों के लिए, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
* रोडमैप में मध्य प्रदेश को विकास समृद्ध और खुशहाल राज्य बनाने पर बल दिया गया है. इसके लिए, राज्य की कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर और लोगों के अनुकूल बनाने और अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए एक सुविधाजनक वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता रोडमैप में है.
* इस रोडमैप में आर्थिक समृद्धि, सामाजिक समानता, सांस्कृतिक समरसता, पर्यावरणीय स्थिरता, बुनियादी ढांचे के विकास और सुशासन के 6 मानव विकास विषयों को शामिल किया गया है. इन 6 क्षेत्रों को पुन: 11 सेक्टरों में बाँटा गया है, जो क्रमश: औद्योगिक विकास, कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य और पोषण, समावेशी विकास, संस्कृति, विरासत और पर्यटन, युवा कल्याण और खेल, सिंचाई, ऊर्जा और पर्यावरण, शहरी विकास, ग्रामीण विकास और सुशासन हैं.
* रोडमैप दस्तावेज में मध्य प्रदेश के विश्लेषण में प्रदेश की शक्तियों, कमजोरियों, अवसरों का आंकलन किया गया है. इसके बाद दस्तावेज बनाने के लिए अपनाये गये सिद्धांतों का उल्लेख किया गया है. रोडमैप के निर्माण में अपनाई गई क्रिया जैसे पृष्ठभूमि, विकास की रूप-रेखा, चहुँमुखी एजेंडा और प्रमुख क्षेत्रों और मुख्य विषयों की पहचान, प्रत्येक क्षेत्र की आकांक्षाएँ तथा आकांक्षाओं का प्राथमिकता निर्धारण इत्यादि है. सेक्टोरल प्राथमिकताएं तय करने एवं दस्तावेज को बनाने में हितधारकों से बातचीत, विभागों से बातचीत तथा डेस्क अनुसंधान को विकसित करने के लिये अपनाये गये तरीकों का उल्लेख है. दस्तावेज के मुख्य अंग पृष्ठभूमि, दृष्टि, मिशन और लक्ष्य, निगरानी योजना और प्रमुख प्रदर्शन संकेतक एवं सूचकांक हैं.
* इस रोडमैप के आधार पर प्रत्येक क्षेत्र और विभाग के लिए व्यापक प्रमुख प्रदर्शन संकेतक  का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे प्रगति को मापने योग्य बनाने के साथ-साथ जहां भी जरूरी हो, सुधारात्मक कार्रवाईयों को सुनिश्चित किया जा सके.

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