प्रदेश के कमलनाथ मंत्रिमंडल की मंत्री इमरती देवी ने अधिकारियों से परेशान होकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि जिला प्रशासन अनुमति के बाद भी रेत खदानों को चलने नहीं दे रहा है. इमरती देवी ग्वालियर जिला प्रशासन से नाराज हैं. सिंधिया समर्थक मंत्री के इस पत्र की जानकारी जब अधिकारियों को लगी तो मंत्रालय में हड़कंप मच गया है.
प्रदेश के मंत्री और विधायकों द्वारा लगातार अधिकारियों की शिकायतें मुख्यमंत्री कमलनाथ तक की जा रही है. इन शिकायतों में सिर्फ यही बात होती है कि उनकी अधिकारी सुन नहीं रहे हैं. इन्हीं शिकायतों के क्रम में अब राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक पत्र लिखकर शिकायत की है कि ग्वालियर जिला प्रशासन द्वारा अनुमति के बाद भी रेत खदानों को चलने नहीं दिया जा रहा है. मंत्री इमरती देवी ने पत्र में लिखा है कि ‘मेरे विधानसभा क्षेत्र डबरा जिला ग्वालियर में खनिज विभाग द्वारा 6 खदानों के संचालन की स्वीकृति दी गई थी, किन्तु जिला प्रशासन द्वारा उक्त खदानों के संचालन पर रोक लगाई गई है, जिससे रेत आपूर्ति में अवरोध पैदा हो रहा है साथ ही शासन को राजस्व आय का भी नुकसान हो रहा है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि जिन ग्राम पंचायतों दवारा संचालन की स्वीकृति ली गई है उनके द्वारा भी रास्तों के निर्माण इत्यादि में व्यय किए जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. जिला प्रशासन द्वारा आधारहीन कारण बताकर उक्त खदानों का संचालन रोका गया है.’
मंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में अनुरोध किया है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में शासन द्वारा स्वीकृत सभी 6 रेत खदानों पर जिला प्रशासन ग्वालियर द्वारा लगाई रोक तत्काल हटाने हेतु संबंधितों को निर्देशित करें. इमरती के पत्र से मंत्रालय में हड़कंप मच गया है, क्योंकि सिंधिया की खास मानी जाने वाली इमरती अपने सख्त तेवरों के चलते पहले भी चर्चा में रही हैं.
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