रविवार, 29 दिसंबर 2019

गुलाबी डायरी में थे हसीनाओं द्वारा की गई करोड़ों की ब्लैकमेलिंग के राज

 हनिट्रैप, हसीनाओं  के साथ मिले थे बिजनैस मैन और दो मीडियाकर्मी

हनीट्रैप मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने अदालत में चालान पेश कर बताया कि आरोपी आरती दयाल के पास से मिली गुलाबी डायरी में अधिकारियों के तबादले और अंतरंग वीडियो के आधार पर की ब्लैकमेलिंग से करोड़ों की उगाही की जानकारी मिली है. इस मामले में आरोपी हसिनाओं के साथ बिजनेसमैन, दो मीडियाकर्मी भी मिलकर काम करते थे.
राजधानी की जिला अदालत में एसआईटी द्वारा शनिवार को पेश किए गए चालान में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपी मोनिका यादव ने पुलिस को दिए बयानों में बताया है कि उनके साथ कई बिजनेसमैन, पुलिस अधिकारी और दो मीडियाकर्मी भी शािमल हैं. न्यायिक मजिस्ट्रेट रोहित श्रीवास्तव की अदालत में पेश की गई चार्जशीट में इस बात का खुलासा हुआ है कि आदतीदयाल,श्वेता विजय जैन के साथ राजधानी के बिजनैस मैंन अरुण सहलोत, मीडियाकर्मी गौरव शर्मा, वीरेन्द्र शर्मा के साथ मिलकर काम करते थे.
एसआईटी ने चालान में बताया है कि  आरती दयाल की गुलाबी डायरी में सरकारी अधिकारियों के ट्रांसफर संबंधी जानकारी और अंतरंग वीडियो के आधार पर ब्लैकमेलिंग से करोड़ों रुपए की उगाही की जानकारी दर्ज है. मामले में आरोपित आरती दयाल की हस्तलिपि में पांच डायरी मिली हैं, जिसमें गुलाबी डायरी में अंतरंग वीडियो के आधार पर वसूली गई रकम का उल्लेख है. जिन लोगों से यह वसूली की गई है, उनके नाम कोडवर्ड में लिखे हैं. आरती से बरामद अन्य चार डायरियों में सरकारी अफसरों के ट्रांसफर, पोस्टिंग संबंधी जानकारी और करोड़ों की प्रापर्टी के लेन-देन की जानकारी भी दर्ज है. अदालत में पेश किए गए 140 पेज के चालान में बताया गया है कि एक पत्रकार के फ्लैट पर आईएएस अधिकारी ने महिला आरोपियों को रुपए दिए थे.
सहलोत ने किए थे वीडियो वायरल
अदालत में पेश किए चालान में मानव तस्करी मामले में पीड़ित मोनिका यादव ने एसआईटी को दिए अपने बयानों में कहा है कि बिजनेसमैन अरुण सहलोत ने आईएएस पी.सी.मीणा के अश्लील वीडियो वायरल किए थे. इसके बाद श्वेता विजय  जैन और आरती दयाल के बीच दूरियां बन गई थीं. मोनिका के बयानों में यह बात भी सामने आई कि आरोपियों द्वारा ब्लैकमेलिंग के मामलों में मीडियाकर्मी गौरव शर्मा और वीरेन्द्र शर्मा भी शामिल रहे. 
मीणा से 20 लाख, व्यवसायी सीतलानी से 5 लाख रुपए लिए
अदालत में पेश किए गए चालान में इस बात का भी उल्लेख है कि ब्लैकमेलिंग के जरिए आरोपियों ने आईएएस पीसी मीणा से 20 लाख रुपए, व्यवसायी नरेश सीतलानी से 5 लाख रुपए और एक अन्य आईएएस अधिकारी से एक करोड़ रुपए लिए थे. इस मामले में मीडियाकर्मी गौरव शर्मा भी शामिल था, जिसके हिस्से में 33 लाख रुपए आए थे. गौरव ही पूरे पैसों का सेटलमेंट कराता था. इस मामले में अभी एसआईटी पूरक चालान पेश करेगी, जिसमें गौरव और ओमप्रकाश नामक व्यक्ति के खिलाफ भी पूरक चालान पेश किया जा सकता है.
थानाप्रभारी को ब्लैकमेल किए जाने की थी जानकारी
मामले में छतरपुर के एक थाना प्रभारी की भी भूमिका सामने आई है, जिसे आरोपितों द्वारा अश्लील वीडियो बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करने संबंधी सभी बातें मालूम थी. वसूली के साथ ठेके भी हथियाए मोनिका ने बयान में बताया है कि आरती ने छतरपुर में स्थानीय नेता मनोज त्रिवेदी का अश्लील वीडियो बनाया था, जिसे वह ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलना चाहती थी लेकिन उस टीआई ने आरती को बताया कि त्रिवेदी प्रभावशाली नेता है और उसके लोग कुछ भी कर सकते हैं. टीआई की बात सुनकर आरती ने त्रिवेदी को ब्लैकमेल करने का इरादा छोड़ दिया था. मोनिका ने बताया कि आरोपितों ने छतरपुर के कार शोरूम संचालक मनीष अग्रवाल, भोपाल के व्यवसायी नरेश सीतलानी, खुद को सरकारी अफसर बताने वाले अरुण निगम और हरीश खरे को ब्लैकमेल करके मोटी रकम और सरकारी ठेके हासिल किए थे. 
मंत्रियों के ओएसडी भी शिकार हुए हनीट्रैप के
खाद्य मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के ओएसडी हरीश खरे और खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल के ओएसडी अरुण निगम भी हनीट्रैप के शिकार हुए थे. गिरोह ने इनके भी अश्लील वीडियो बनाकर लाखों रुपए की वसूली की थी और तबादले भी कराए थे. बिजनैसमैन नरेश सीतलानी, मनीष अग्रवाल और राजेश गंगेल के भी गिरोह ने वीडियो बनाए और लाखों रुपए की वसूली की थी. चालान में कहा गया है कि गिरोह ने पत्रकारों की मदद से कुछ लोगों से वसूली की है. श्वेता विजय जैन, श्वेता श्वप्निल जैन, अभिषेक भभ इसमें शामिल हैं.

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