मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है. मौसम विभाग के अनुसार नये साल में प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ ओले पड़ने की संभावना है. प्रदेश में बादलों के कारण रात के तापमान में कुछ बढ़ोत्तरी जरुर होगी, मगर ठंड का असर कम नहीं होगा.
राज्य में ठंड का असर जारी है. मौसम विभाग के अनुसार नये साल के पहले पखवाड़े में भी तेज ठंड का असर इसी तरह दिखाई देगा. मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के कई जिलों में नये साल में बारिश के साथ ओले गिरेंगे. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान के ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है, जिसके चलते रविवार से हवा का रुख बदलकर उत्तरी से दक्षिण-पूर्वी हो गया था. इस वज से वातावरण में नमी का सिलसिला शुरु हुआ. इससे आसमान पर ऊंचाई पर और मध्यम स्तर पर बादल छाने लगे हैं. बादलों के कारण रात के न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने लगेगी. बादलों के कारण दिन का तापमान कुछ नीचे लुढ़केगा.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में दाखिल होने से इसका प्रभाव मंगलवार से राजधानी सहित प्रदेश के कई स्थानों पर दिखाई देगा. इस वजह से राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं. बारिश का दौर कर बुधवार-गुरुवार को भी जारी रह सकता है, इसके बाद मौसम साफ होने पर पूरा प्रदेश फिर कड़ाके की ठंड की चपेट में आ जाएगा. मौसम विभाग के अनुसार राज्य में बीते 24 घंटों के दौरान उमरिया, ग्वालियर और दतिया में सबसे कम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं भोपाल और उज्जैन संभाग के जिलों में कई स्थानों पर कोल्ड डे रहा तो रीवा, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में शीतलहर का असर जारी रहा.
कई जिलों में दिखेगा शीतलहर का असर
मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में शीतलहर का असर दिखाई देगा. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और भोपाल संभाग के जिलों में शीतलहर रहेगी. वहीं सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में कई स्थानों पर कोल्ड डे भी रहेगा. इसके अलावा सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल संभत्तग के जिलों में घना कोहरा भी छाया रहेगा.
रेल यातायात पर दिखा कोहरे का असर
मध्यप्रदेश में कोहरे के असर के चलते ट्रेनें विलंब से चल रही है. खासकर उत्तरप्रदेश से सटे हुए इलाके से होते हुए भोपाल आने वाली 12 से ज्यादा ट्रेनें देरी से चल रही है. ये ट्रेनें 6 से 8 घंटे देरी से चल रही है, जिससे यात्री काफी परेशान हो रहे है. कोहरे के कारण रेल यातायात भी प्रभावित रहा. उत्तर भारत की ओर से आने वाली ट्रेनें घंटों की देरी से आई. ये ट्रेनें वापसी के समय भी लेट हुर्इं. इससे रेल यात्रियों को स्टेशनों पर तेज सर्दी में इंतजार करना पड़ रहा है.
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