शुक्रवार, 13 दिसंबर 2019

महिला मुंडन रोकने सामने आए सामाजिक संगठन

महिला अतिथि विद्वानों ने अपना आंचल जलाकर जताकर किया विरोध

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे अतिथि विद्वानों के आमरण अनशन पर आज महिला अतिथि विद्वानों ने अपना आंचल जलाकर विरोध जताया. महिला अतिथि विद्वानों द्वारा आज कराए जाने वाले मुंडन को रोकने के लिए करणी सेना सहित अन्य सामाजिक संगठन भी सामने आए. सामाजिक संगठनों के कहने पर महिला अतिथि विद्वानों ने आज महिला मुंडन नहीं कराया.
राजधानी भोपाल के यादगारे शाहजहानी पार्क में चल रहे अतिथि विद्वानों के आमरण अनशन पर आज महिला अतिथि विद्वानों द्वारा मुंडन कराया जाना था, मगर इसकी खबर जब सामाजिक संगठनों को लगी तो धरना स्थल पर  पहुंचे और महिला मुंडन को रुकवाया.  अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के प्रान्तीय प्रवक्ता डा. मंसूर अली ने कहा है कि कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी और असंवेदनशीलता की यह पराकाष्ठा है कि सरकार की वादाखिलाफी और नौकरी से बाहर किये जाने के विरोध में विभिन्न समाजों से संबंधित महिला अतिथिविद्वानों ने अपने केश तक त्यागने की घोषणा की थी. जिन महिलाओं ने अपने केश त्यागने की घोषणा की थी, उनमें छत्रिय, ब्राह्मण, मुस्लिम और दलित समाज की महिला अतिथि विद्वान शामिल हैं. डॉ अली ने कहा कि श्री राजपूत करनी सेना मूल, ब्राह्मण महासभा, अजाक्स सपाक्स एवं मुस्लिम समाज के प्रमुख व्यक्तियों सहित अन्य कई सामाजिक संगठनों द्वारा महिला अतिथि विद्वानों से मुंडन न कराने का निवेदन किया, जिसके फलस्वरूप मुंडन को आगामी निर्णय लेने तक रोक गया है.
महिलाओं ने जलाया अपना आँचल और दुपट्टा 


अतिथि विद्वानों के धरना स्थल पर आज शुक्रवार को महिला अतिथि विद्वानों ने सरकार की असंवेदनशीलता के विरोध में अपनी अस्मिता के प्रतीक अपने आंचल और दुपट्टे की होली जलाकर सरकार के विरुद्ध नारे लगाए. धरना स्थल पर उपस्थित महिला अतिथिविद्वानों ने एक सुर में कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगाने वाली ये कांग्रेस सरकार इस प्रदेश में उच्च शिक्षित बेटियों की भी रक्षा नही कर पा रही है. बेटियां कड़ाके की ठंड में बच्चों के साथ पंडालों में भीग रही है और कांग्रेस सरकार के नुमाइंदे अपने बंगलो में चैन की नींद सो रहे हैं.
 बारिश में भी डटी रही महिलाएं और बच्चे 
सरकार द्वारा सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के तथाकथित चयनितों की नियुक्ति पत्र जारी करने से पूरे प्रदेश के अतिथि विद्वान तनावग्रस्त हैं। चिंता और तनाव का आलम यह है कि महिलाएं अपना घर छोड़ कर बच्चों सहित इस कड़ाके की ठंड में शाहजहानी पार्क में आंदोलन कर रही है. मोर्चा के डा. आशीष पांडेय के अनुसार अनशन कर रही कुछ महिलाएं बेहद नाजुक स्थिति में पहुंच चुकी है. अपने साथ बच्चों को लेकर धरने पर पहुंची महिलाओं ने कहा कि ये सरकार महिलाओं और बच्चों के प्रति भी इतनी निर्दयी हो गई है कि अब तक सरकार ने हमारी सुध लेने की कोई कोशिश नही की है.

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