गुरुवार, 19 दिसंबर 2019

कमलनाथ बोले मुंह चलाने और सरकार चलाने में होता है अंतर

 गेहूं की खरीद पर बोनस को लेकर हंगामा, करनी पड़ी कार्रवाई स्थगित

राज्य विधानसभा में आज गेहूं की खरीद पर बोनस को लेकर खूब हंगामा हुआ. हंगामें के कारण प्रश्नकाल को 10 मिनट के लिए भी स्थगित किया गया. इसी दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जब यह कहा कि सरकार चलाने और मुंह चलाने में बड़ा फर्क होता है. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने सरकार चलाई है, मुंह नहीं चलाया.
गेहंू की खरीद पर बोनस को लेकर भाजपा के देवेन्द्र वर्मा ने जब यह पूछा कि क्या सरकार गेहंू की खरीद पर बोनस दे रही है. तब वाद विवाद बढ़ता चला गया. भाजपा सदस्यों का कहना था कि सरकार बोनस को देने या न देने पर हां अथवा न कहे. गेहूं पर बोनस को लेकर बहास के दौरान भाजपा की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा मोर्चा संभाला.  इसी बीच मूल प्रश्न करने वाले देवेन्द्र वर्मा ने भी कहा कि पिछले सरकार की तरफ से कहा गया था कि गेहूं की खरीद पर बोनस देने के लिए 1600 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, पर अब जो जानकारी दी जा रही है कि गेहूं पर बोनस का प्रावधान नहीं है.
 इस पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि अगर सरकार ने पिछले सत्र में गेहूं की खरीद पर बोनस देने की बात कहीं थी तो अब सरकार यह बताए तब तक देगें और कितना देगें. जबाव देते हुए  राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि किसान समृद्धि योजना प्रचलित है. किसानों को 160 रुपए प्रति क्ंिवटल बोनस दिया जाएगा. नरोत्तम मिश्रा ने पिछले बजट और ताजा अनूपूरक बजट के प्रावधानों का अनुपूरक का जिक्र देने का गेहूं पर बोनस देने के लिए किसी धन राशि का प्रावधान नही है. नरोत्तम मिश्रा के यह कहते ही हंगामा खड़ा हो गया और विधानसभा को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया.  10 मिनट के स्थगन  के बाद   जब दोबारा सदन संवेद हुआ तो मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि पिछली बार जब बोनस देने की बात हुई थी, तब केन्द्र सरकार ने पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि अगर बोनस दिया गया तो केन्द्र सरकार 7 लाख टन कम खरीदी करेगी. अगर हम इस बार यह प्रावधान करते तो न जाने कितनी खरीदी होती. इसी दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि मुंह चलाना अलग बात है सरकार चलाना अलग बात है. इस पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सही कह रहे हैं सरकार नहीं मुंह चल रहा है. बोनस देने की बात तो राज्य सरकार के मंत्री ने की थी. बोनस दे रहे तो हां करो नहीं दे रहे हो तो न करो. 
मुख्यमंत्री के तंज पर तिलमिलाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने मुंह नहीं सरकार चलाई. वहीं नरोत्तम मिश्रा यह बताने लगे कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में तो गेहूं की खरीद पर बोनस का वादा किया था. अब आप केन्द्र सरकार की बात कर रहे हैं तो क्या केन्द्र सरकार से पूछकर बोनस का वादा किया था. वाद-विवाद बढ़ते ही फिर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैने मुंह चालने को किसी को टारगेट नहीे किया था आपके दिल मे कुछ अलग बात है तो मै कुछ नही कह सकता.
सदन में हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने तल्ख लहाजे में कहा कि आप लोगों ने माखौल बना दिया है. सदन चलने देंगे कि नहीं. एक साथ 10-10 लोग खड़े हो जाएंगे तो कैसे सदन चलेगा. इसके बाद प्रश्नकाल समाप्त हो गया लेकिन कुछ देर तक हंगामा व शोर शराबा होता रहा.
हमारी प्राथमिकता कृषि क्षेत्र : कमलनाथ
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि कृषि क्षेत्र हमारी प्राथमिकता है. कृषि के लिए जो भी आवश्यक होगा वह हम करेंगे.मुख्यमंत्री कमलनाथ राज्य विधानसभा में भाजपा सदस्य और पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के द्बारा रीवा जिले में कडुंआ रोग से धान की फसल को हुए भारी नुकसान को हो रही चर्चा के दौरान बोल रहे थे कि आपने कहा कि अगर फसल खराब होने को लेकर हुए सर्वे के गलत होने की शिकायत है तो पुन: सर्वे करा लिया जाएगा. हम रीवा में कंडुआ रोग से प्रभावित धान की फसल को दुबारा सर्वे कराने को तैयार है आपने कहा कि गलत सर्वे की परंपरा पुरानी है.  इसी दौरान राजेन्द्र शुक्ल ,नागेन्द्र सिंह आदि विधायकों ने कहा कि कंडो रोग से प्रभावित फसलों का सर्वेक्षण ठीक से नहीं कराया गया है. इस लिए किसान को केन्द्र बिंदु मानकर सर्वे कराया जा सकता है.

तीसरे दिन भी पैदल मार्च कर विधानसभा पहुंचे भाजपा विधायक
विधानसभा के  तीसरे दिन आज मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के सदस्य युवाओं और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर पैदल मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचे.  विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की अगुवायी में भाजपा विधायक विधानसभा परिसर से कुछ दूरी पर एकत्रित हुए और फिर पैदल चलकर विधानसभा पहुंचे. भाजपा विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और नारे लिखे हुए वस्त्र धारण किए हुए थे. भार्गव ने मीडिया से कहा कि सरकार ने रोजगार को लेकर अनेक वादे किए थे. बेरोजगारी भत्ता देने का वादा भी किया था, लेकिन इन्हें पूरा नहीं किया गया है. सरकार युवाओं को छल रही है और इन्हीं मुद्दों की ओर विपक्ष सरकार का ध्यान आकर्षित कर रही है.
कुचलने वाली मानसिकता से डरेंगे नहीं लड़ेंगे
विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार कह रही है कि बोनस देंगे, नहीं दिया. 4 हजार रुपया बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया, नहीं दिया. अतिथि विद्वानों को नियमित करने की बात कही, नहीं किया. केवल इनका मुंह ही चल रहा है, सरकार कहां चल रही है.उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार यह जान गई है कि उनकी असलियत सामने आ गई है, इसलिए अगर कोई मांग करे, आवाज उठाये तो उसे कुचल दो. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि  मुख्यमंत्री कमलनाथ, हम आपकी इस कुचलने वाली मानसिकता से नहीं डरेंगे, डटकर लड़ेंगे. 

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