केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा प्रशासन को देनी होगी अनुमतिमध्यप्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भाजपा जागरुकता अभियान चलाना की रणनीति बना चुकी है. यह अभियान 1 जनवरी से चलाया जाएग. इस अभियान के तहत भाजपा को मार्च निकालने, सभाएं और गोष्ठी करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा धारा 144 लगने कहा हवाला देकर अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे भाजपा नेता नाराज हैं. केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इसे लेकर नाराजगी जताई और कहा कि प्रशासन को अनुमति देनी होगी.
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस द्वारा बुधवार को राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में निकाले गए शांति मार्च के बाद अब भाजपा ने प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाने की रणनीति तय की है. यह अभियान 1 से 15 जनवरी तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा. इसकी रणनीति के लिए आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में कोर ग्रुप की बैठक हुई. बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह, प्रदेश भाजपा प्रभारी डा. विनय सहस्त्रबुद्धे, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित हुए. बैठक में जनजागरण अभियान को चलाने की रणनीति पर चर्चा हुई. वरिष्ठ नेताओं को जिलों में अभियान के लिए जिला प्रशासन द्वारा अनुमति न दिए जाने की बात पता चली तो भाजपा नेता कमलनाथ सरकार से नाराज नजर आए. केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जनजागरण के अंतर्गत मार्च और प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने को लोकतंत्र के लिए गलत बताया और कहा कि सरकार को अनुमति देना होगी. सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि नागरिका संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस जहां खुद भ्रम की स्थिति निर्मित करने के लिए धरना, आंदोलन कर रही है वहीं प्रशासन को भाजपा के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है. प्रशासन न सम्मेलन करने दे रहा है और न ही गोष्ठी और न ही मार्च निकालने की अनुमति दे रहा है. उल्टा होर्डिंग के नाम पर जुर्माना लगाने की कार्यवाही की जा रही है. बैठक शुरू होने पर अल्पसंख्यकों पर हुए अत्याचार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इंटरव्यू की वीडियो रिकार्डिंग दिखाई गई.
कोर ग्रुप की बैठक में सभी सांसदों, विधायकों, जिला अध्यक्षों, मोर्चा व प्रकोष्ठ पदाधिकारियों और प्रदेश व राष्ट्रीय कार्यसमिति के पदाधिकारियों व कोर ग्रुप के सदस्यों की मौजूदगी में इस बात पर जोर दिया गया कि कांग्रेस ने जिस तरह से भोपाल में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शांति मार्च किया है, भाजपा के जिला अध्यक्ष जिलों में उससे अधिक लोगों के साथ नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में मार्च निकालें.
अघोषित आपातकाल की ओर बढ़ रहा प्रदेश
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रदेश अघोषित आपात काल की स्थिति की ओर बढ़ रहा है. कांग्रेस के लोगों के लिए सुविधाएं देकर धारा 144 हटाई जाती है और भाजपा के सीएए के जनजागरण के लिए ज्ञापन तक देने की अनुमति नहीं दी जा रही है. यह लोकतंत्र के लिए अच्छा कदम नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रशासन अनुमति के नाम पर भाजपा के अभियान को चलने नहीं देना चाहता है, कांग्रेस के इस मंसूबे को भाजपा का कार्यकर्ता पूरा नहीं होने देगा.
कुलस्ते के बयान से भाजपा में बढ़ी चिंता
कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होने आए केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए अपना दावा एक बार फिर ठोक दिया है. उन्होंने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वे भी इस पद की दौड़ में है. इसके बाद भाजपा नेताओं में चिंता बढ़ गई है. भाजपा चाह रही है कि इस पद के लिए सामंजस्य से किसी एक नाम पर फैसला कर लिया जाए, मगर कुलस्ते के बयान के बाद स्थिति चुनाव होने की निर्मित हो रही है. कुलस्ते ने कहा कि इस पद को लेकर जल्द ही फैसला होगा. उन्होंने कहा कि मैं ही नहीं कई और भी इस पद के लिए दावेदार है और सभी को अधिकार है कि वे दावेदारी करें.
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