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| प्रदीप जायसवाल |
खनिज साधन मंत्री प्रदीप जायसवाल ने एक वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया है कि प्रदेश में नई रेत नीति लागू होने से खनिज राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. केवल 36 जिलों में रेत नीलामी में प्राप्त निविदाओं में कुल 1234 करोड़ के आफर प्राप्त हुए हैं. इसी तरह, ई-नीलामी में छतरपुर जिले की 364 हेक्टेयर की बंदर हीरा खदान को आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी मेसर्स ऐस्सल माइनिंग एण्ड इण्डस्ट्रीज लिमिटेड, मुंबई को 30.05 प्रतिशत अधिक बोली लगाने पर पट्टे पर दी गई है. बंदर हीरा खदान से सम्पूर्ण पट्टा अवधि में राज्य सरकार को 23 हजार 506 करोड़ राजस्व मिलेगा.
मंत्री जायसवाल ने बताया कि नये रेत नियम-2019 अंतर्गत प्रदेश के रेत उपलब्ध कुल 43 जिला समूह के लिए रेत खदानों के संचालन के लिए निविदाएं जारी की गई थीं. इसका सरकारी आरक्षित मूल्य लगभग 475 करोड़ रुपए रखा गया था जिसके, विरुद्ध मात्र 36 जिलों के लिए खोले गये प्राप्त वित्तीय प्रस्तावों में कुल 1234 करोड़ रुपए के आॅफर प्राप्त हुए हैं. मुख्य खनिज की सफलतापूर्वक नीलामी प्रक्रिया पूर्ण होने पर प्रदेश को लगभग 6,331 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त होना अनुमानित है. कुछ जिला समूह के लिए नियत आॅफसेट प्राइज की तुलना में 6 गुना से भी अधिक के वित्तीय प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. होशंगाबाद जिले के लिए आॅफसेट प्राइज में 100 करोड़ रुपए के विरुद्ध 217 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रस्ताव प्राप्त हुआ है. नई नीति में निविदाकार रेत खदानों की नीलामी में कार्यवाही को आॅनलाइन लाइव देख पा रहे हैं.
एक साल में 2226 करोड़ 85 लाख खनिज राजस्व
मंत्री जायसवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में अभी तक 2226 करोड़ 85 लाख का राजस्व संग्रहण किया गया है. पिछले साल वर्ष इसी अवधि में संग्रहित खनिज राजस्व की तुलना में यह 34 करोड़ 35 लाख अधिक है. उन्होंने बताया कि जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम-2016 डीएमएफ में इस वित्तीय वर्ष में नवम्बर तक 495 करोड़ 2 लाख और राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण न्यास में 34 करोड़ 12 लाख रुपए राजस्व प्राप्त हुआ. जायसवाल ने बताया कि इस दौरान खनिजों के अवैध उत्खनन के 1330, अवैध परिवहन के 8294 और अवैध भण्डारण के 531 प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई. अवैध उत्खनन से 5 करोड़ 27 लाख 51 हजार रुपए, अवैध परिवहन से 24 करोड़ 12 लाख 20 हजार रुपए और अवैध भंडारण से एक करोड़ 36 लाख 55 हजार रुपए के अर्थदण्ड की वसूली की गई.
नई रेत नीति में ई-टेंडर प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश रेत नियम-2019 में रेत खनिज के निवर्तन के लिये जिलेवार रेत खदानों के समूह बनाकर ई-टेण्डर की प्रक्रिया लागू की गई है. इससे निविदाओं के माध्यम से रेत खदानों के संचालन का प्रावधान किया गया है. इस प्रक्रिया से राज्य शासन को अधिकतम राजस्व की प्राप्ति होगी. मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम में संशोधन किये गये हैं. विधि विभाग से परीक्षण के बाद नए नियमों को अधिसूचित कर दिया जाएगा.
नर्मदा नदी में मशीनों से रेत उत्खनन पर रोक
मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम-2019 के प्रावधानों में नर्मदा नदी में रेत खनिज का उत्खनन मशीनों से नहीं किया जा सकेगा. अन्य नदियों में रेत खनिज उत्खनन में मशीन का उपयोग करने की अनुमति पर्यावरण स्वीकृति के आधार पर दिये जाने का प्रावधान किया गया है. संबंधित ग्राम पंचायतों को इससे प्राप्त होने वाली राशि में भी वृद्धि के प्रावधान किये गये हैं.

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