गुरुवार, 19 दिसंबर 2019

छिंदवाड़ा को संभाग बनाने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन

 जबलपुर कलेक्टर से भी बुलवाया अभिमत

छिंदवाड़ा जिले को संभाग बनाने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है. इसके लिए जबलपुर कलेक्टर से अभिमत बुलाया गया है.
यह जानकारी आज राज्य विधानसभा में राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विधायक सोहनलाल वाल्मिकी के प्रश्न के लिखित जवाब में दी. उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा को संभाग बनाने के संबंध में  करीब 2 वर्षों से कार्यवाही प्रचलित है. कलेक्टर छिंदवाड़ा से प्राप्त प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है. छिंदवाड़ा जिला जबलपुर संभाग में आता है इसलिए जबलपुर कलेक्टर से भी इसका अभिमत बुलाया गया है. छिंदवाड़ा को संभाग बनाने के प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है.
वैध पात्रता पर्ची पर राशन वितरण का प्रावधान
विधायक डा.योगेश पंडाग्रे के प्रश्न के लिखित जवाब में खाद्य मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में राशन वितरण की आनलाईन व्यवस्था चालू है. 1881 उचित मूल्य की दुकानों पर नेट कनेक्टिविटी उपलब्ध न होने पर आंशिक आफलाईन वितरण  व्यवस्था लागू की गई है. उन्होंने बताया कि बैतूल जिले में आधार आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था लागू है. मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा भारत सरकार द्वारा निर्धारित सीमा में ही वैध पात्रता पर्ची परिवारों को ही राशन वितरण किए जाने का प्रावधान है.
 आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाने की आवश्यकता
विधायक सोहनलाल कुशवाह के प्रश्न के लिखित जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने बताया कि नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विधानसभा परासिया की एकीकृत बाल विकास परियोजना परासिया क्रमांक 1 में 13 एवं एकीकृत बाल विकास परियोजना क्रमांक 2 में 9 आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाने की आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा जिले से प्राप्त नवीन आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने के प्रस्ताव को अन्य जिलों से प्राप्त प्रस्तावों के साथ भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा.
45 आंगनबाड़ी केन्द्र चल रहे किराए के भवन में
महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने विधायक अर्जुन सिंह के प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि बरघाट विधानसभा क्षेत्र में 45 आंगबाड़ी केन्द्र ऐसे हैं, जो किराए के भवनों में चल रहे हैं. इन आंगनबाड़ी केन्द्रों के स्वयं के भवन नहीं है. उन्होंने बताया कि जल्द ही किराए के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केन्द्रों को अन्य शासकीय भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा.

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