शुक्रवार, 20 दिसंबर 2019

आईएएस अधिकारी के इस्तीफे पर भाजपा ने किया हंगामा

 विपक्ष ने कहा सरकार के दबाव में आकर अधिकारी ने उठाया कदम

राज्य विधानसभा में आज भाजपा ने आईएएस गौरी सिंह द्वारा इस्तीफा दिए जाने को लेकर जमकर हंगामा किया. हंगामा करते हुए विधायक अध्यक्ष की आसंदी पर जा पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते रहे. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि आईएएस अधिकारी ने सरकार के दबाव में आकर ऐसा किया है, जबकि पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आईएएस का इस्तीफा एक सामान्य प्रक्रिया है.
राज्य विधानसभा में आज शून्यकाल में भाजपा ने वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी गौरीसिंह द्वारा वीआरएस लिए जाने का मुद्दा उठाया. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा सहित अन्य विधायक अपने स्थानों पर खड़े हुए और आईएएस के इस्तीफे को लेकर हंगामा करने लगे. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि आईएएस ने सरकार के दबाव के चलते इस्तीफा दिया है. उन्होंने कहा कि पोषण आहार से जुड़े माफिया के दबाव में आकर आईएएस ने यह कदम उठाया है. विपक्षी सदस्यों ने इस दौरान हंगामा करना शुरु कर दिया और विधानसभा अध्यक्ष की आसंदी पर जा पहुंचे और हंगामा करने लगे. इस दौरान अध्यक्ष एन.पी. प्रजापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों को वापस अपने स्थान पर जाने को कहा, मगर वे हंगामा करते रहे. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि जब आईएएस अफसर के ऐसे हालात हैं तो बाकी कर्मचारियों का क्या रहो रहा होगा. वहीं भाजपा के हंगामें के बीच लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि विपक्षी सदस्य जो आरोप लगा रहे हैं, वे गलत हैं. उन्होंने कहा कि असल बात तो यह है कि बिना मुख्यमंत्री से पूछे उन्होंने नगरीय निकाय के आरक्षण का आदेश जारी कर दिया, क्या आईएएस को ऐसा करना चाहिए.
वहीं इस मामले को लेकर पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अधिकारी ने निर्वाचन की आरक्षण प्रक्रिया का आदेश संबंधित विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री से चर्चा किए बिना ही जारी कर दिया, जिसके चलते उन पर कार्रवाई की गई थी. पटेल ने कहा है कि अधिकारी कोई भी हो, उन्हें नियम-कायदों के हिसाब से चलना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि खुद आईएएस ने वीआरएस के लिए आवेदन दिया है.
यह है पूरा मामला
दरअसल पिछले दिनों आईएएस गौरी सिंह का तबादला पंचायत एवं ग्रामीण विकास से प्रशासन अकादमी में महानिदेशक के पद पर किया गया था. यह माना जा रहा था कि वे इससे खफा हैं. सिंह मध्यप्रदेश आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष भी हैं. अपर मुख्य सचिव गौरी सिंह के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की चर्चा भी काफी समय से चल रही थी. उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्र सरकार में सचिव के वे सूचीबद्ध हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसी बीच पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव के मद्देनजर आरक्षण की प्रक्रिया का उन्होंने कार्यक्रम जारी कर दिया. सूत्रों का कहना है कि उन्होंने इसके लिए न तो मुख्यमंत्री कार्यालय को भरोसे में लिया और न ही विभागीय मंत्री को. दोनों को नजरअंदाज करते हुए कार्यक्रम जारी कर दिया. इसकी शिकायत विभागीय मंत्री कमलेश्वर पटेल ने मुख्यमंत्री से की तो उन्होंने भी इसे गलत माना और आनन-फानन में आरक्षण को आदेश निरस्त कराकर उनका तबादला प्रशासन अकादमी में महानिदेशक के पद पर कर लिया. इससे वे आहत थी.  हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र काम करने वाली दुबई स्थित अंतरराष्ट्रीय संस्था में काम करेंगी. वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जो मौका मिला है वो बहुत बड़ा है, इसलिए उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन किया है.
कार्यक्रम का किया विरोध
सरकार ने महात्मा गांधी के जन्म के 150 साल पूरे होने पर विधानसभा भवन में डाक टिकट जारी किया है. इसके साथ ही यहां पर घोषणा की गई कि एक दिन सभी विधायक खादी पहनकर विधानसभा पहुंचेंग. हालांकि इस कार्यक्रम का विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने बहिष्कार किया. यह जानकारी मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, संसदीय कार्यमंत्री डा. गोविंद सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव से मिलने उनके कक्ष में पहुंच गए और उनके साथ संसदीय कार्यमंत्री डॉ गोविंद सिंह भी मौजूद रहे.

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