सोमवार, 9 दिसंबर 2019

कालाबाजारियों और जमाखोरी करने वालों से सरकार का गठजोड़

नरोत्तम मिश्रा 

मध्यप्रदेश में यूरिया संकट और महंगे प्याज को लेकर सियासत थम नहीं रही है. राज्य सरकार दोनों के लिए केन्द्र को दोषी बता रही है, तो भाजपा नेता सरकार को घेरते नजर आ रहे हैं. यूरिया संकट और प्याज को लेकर आज भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने सरकार पर हमला बोला और कहा कि सरकार का कालाबाजारियों और जमाखोरी करने वालों के साथ गठजोड़ है.
मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि आज प्रदेश में यूरिया संकट गहराया हुआ है. किसानों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी यूरिया नहीं मिल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लैक मार्केटिंग करने वालों और जमाखोरों के साथ सरकार का गठजोड़ होने के चलते यह स्थिति निर्मित हुई है. मिश्रा ने कहा कि मेरा यह मानना है कि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, क्योंकि अगर खाद नहीं होती तो ब्लैक में कैसे मिल रही होती. अगर ब्लैक में खाद मिल रही है, तो इसका साफ मतलब है कि खाद को है, मगर ब्लैकमैंलिंग की जा रही है. उन्होंने कहा कि किसानों को यूरिया तो नहीं मिल रहे हैं, मगर उन्हें कमलनाथ सरकार के डंडे जरुर मिल रहे हैं. मिश्रा ने कहा कि भूखे-प्यासे घंटों लाइन में लगने के बाद भी किसान को आज यूरिया नहीं मिल रहा है. 
पूर्व मंत्री ने कहा कि यही स्थिति आज प्याज को लेकर निर्मित है. उन्होंने कहा कि प्याज सौ रुपए से लेकर डेढ़ सौ रुपए किलो मिल रही है. गरीब वर्ग तो प्याज ले भी नहीं पा  रहा है. सरकार पर उन्होंने आरोप लगाया कि जमाखारों और ब्लैक मार्केटिंग करने वालों को सरकार का संरक्षण मिल रहा है, जिसके चलते यह स्थिति निर्मित हो रही है.मिश्रा ने शिवराज सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि जब राज्य में शिवराज सरकार थी, तब हमने प्याज बुलाकर दो रुपए किलो के भाव से बिकवा दी थी और लोगों को राहत पहुंचाने का काम किया था. हमने तो 8 रुपए किलो में प्याज खरीदी और कई स्थानों पर गरीबों के बीच मुफ्त में प्याज बंटवाई थी. यह सरकार की जिम्मेदारी है कि आपदा की घड़ी में वह लोगों को किस तरह मदद करे. सरकार को ऐसे कामों को आगे बढ़ाना चाहिए.

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