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| प्रज्ञा सिंह |
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार दो छात्राओं ने प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और परीक्षा में भी नहीं बैठने दिया जा रहा है. दोनों छात्राओं को कम अटेंडेंस होने के चलते परीक्षा देने से रोक दिया गया है. इसका विरोध करते हुए छात्राएं कड़कड़ाती ठंड में रात भर धरने पर बैठी रही. छात्राओं के धरने का सांसद प्रज्ञा सिंह ने समर्थन किया और वे जब आज धरना स्थल पर पहुंची तो उनका विरोध एनएसयूआई ने किया और गो बैक कहते हुए जमकर नारेबाजी की.
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार दो छात्राओं ने प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और परीक्षा में भी नहीं बैठने दिया जा रहा है. दोनों छात्राओं को कम अटेंडेंस होने के चलते परीक्षा देने से रोक दिया गया है. छात्राओं का कहना है कि उनकी तबीयत खराब थी. इसी वजह से वो कालेज नहीं आ पार्इं. वे मेडिकल सर्टिफिकेट भी जमा करने गई थी, लेकिन प्रबंधन ने जमा करने से मना कर दिया है. छात्राओं का आरोप है कि सिर्फ उन्हें छोड़कर बाकी स्टूडेंट्स जिनकी शार्ट अटेंडेंस थी, उन्हें फिर से रीएडमिशन दे दिया गया. इतना सब होने के बाद इन दोनों छात्राओं का एडमिशन शार्ट अटेंडेंस के नाम पर काट दिया गया है, जिसकी सूचना भी उन्हें नहीं दी गई. एक छात्रा ने अपने डिपार्टमेंट के एचओडी संजीव गुप्ता पर निजी सवाल पूछने का आरोप भी लगाया है. धरने पर बैठी छात्राओं में एक राजधानी भोपाल की है, तो दूसरी लखनऊ की है.
सांसद प्रज्ञा ठाकुर का किया विरोध
छात्राओं के धरने पर बैठने की बात जब सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को चली तो वे आज दोपहर को छात्राओं से मिलने विश्वविद्यालय पहुंची. इस बात की जानकारी एनएसयूआई के छात्रों और कार्यकर्ताओं को लगी. वे भी विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे और जब सांसद प्रज्ञा वहां पहुंची तो उन्होंने सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए गो बैक के नारे लगाए. इसी दौरान अभाविप से जुड़े छात्र भी वहां आ गए और एनएसयूआई छात्रों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. हालांकि सांसद इस दौरान विश्वविद्यालय के रेक्टर श्रीकांत सिंह से चर्चा करती रही. उन्होंने रैक्टर से कहां कि वे कुलपति से मिलना चाहती है. इसके बाद रैक्टर सिंह उन्हें कुलपति दीपक तिवारी के पास ले गए. सांसद ने कुलपति से चर्चा करते हुए कहा कि वे सिर्फ ये चाहती हैं कि बच्चियों को परीक्षा दिला दी जाए. रातभर से वे यहां बैठी हुई हैं, जो भी कार्रवाई एमसीयू को करना है वो बाद में करती रहे. बाद में विश्वविद्यालय से सांसद सीधे राजभवन पहुंची और राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की.

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