शुक्रवार, 31 जनवरी 2020

सरकारों के लिए है संविधान में लक्ष्मण रेखा

लालजी टंडन
 राज्यपाल लालजी टंडन ने की मुख्यमंत्री कमलनाथ के कामों की प्रशंसा

मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा कि संविधान में राज्य सरकारों के लिए लक्ष्मण रेखा का प्रावधान है. वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की उन्होंने सनातन परंपरा को बढ़ाने के लिए प्रशंसा भी की.
राज्यपाल ने आज राजभवन में प्रेस प्रकोष्ठ के नवनिर्मित कक्ष के लोकार्पण के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह बात कही. केरल में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे टकराव के अलावा कुछ अन्य राज्यों में इस कानून को लागू न किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि  जब कोई भी विधेयक लोकसभा और राज्यसभा में विधिवत पारित होकर राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद राजपत्र में प्रकाशित होकर कानून का स्वरूप ले लेता है, तो उसे इस देश का कोई भी राज्य लागू करने से इंकार कैसे कर सकता है. उन्होंने कहा कि  संविधान में राज्य सरकारों के लिए भी लक्ष्मण रेखा है.  राज्यों को अपनी लक्ष्मण रेखा को पार नहीं करना चाहिए. अगर वे ऐसा करते हैं तो वह अपने संवैधानिक अधिकारों का पालन करेंगे.
टंडन ने कहा कि  राज्यपाल पद पर किसी व्यक्ति के काबिज होने के बाद वह संवैधानिक प्रावधानों के दायरों में रहकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हो जाता है. भले ही वह किसी राजनैतिक पृष्ठभूमि से आता हो. राज्यपाल संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही कार्य करता हैं.  टंडन ने कहा कि आज हमारा देश विश्व शक्ति बनने की ओर अग्रसर है, तो सभी को इसकी सराहना करना चाहिए. 
मुख्यमंत्री के कामों की तारीफ
राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के कामों की तारीफ भी की.  राज्यपाल टंडन ने सरकार के धर्म को लेकर कर रहे कामों की जमकर तारीफ की.  उन्होंने कहा कि कमलनाथ श्रीलंका में सीता माता के मंदिर का निर्माण करा रहे हैं. राम वनगमन पथ को विकसित करा रहे हैं, इसके अलावा हनुमान चालीसा और जाप इत्यादि करा रहे हैं. राज्यपाल ने कहा कि यह सब सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने के कार्य हैं और इसकी वे सराहना करते हैं. उन्होंने इसी से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि इस देश में भगवान राम के अस्तित्व का निर्धारण अदालत से तय हुआ है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेहतर कार्य करती है, तो प्रशंसा करने में कोई हर्ज नहीं है.  जब उन्हें (राज्यपाल) कहीं कुछ दिखायी देता है, तो उन्हें संवैधानिक प्रावधानों का उपयोग करने में कोई रोकटोक नहीं है.

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री स्पष्ट करें गांधी राष्ट्रभक्त या गोडसे

जीतू पटवारी 
 मोदी सरकार और संघ के खिलाफ मंत्रियों ने खोला मोर्चा

मध्यप्रदेश के मंत्रियों ने केंद्र की मोदी सरकार और संघ के खिलाफ मोर्चा खोला है. राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूछा है कि वे स्पष्ट करें कि गांधी राष्ट्रभक्त थे या गोडसे. वहीं जनसंपर्क मंत्री ने केन्द्र पर युवाओं को भड़काने का आरोप लगाया और कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत जितने दिन मध्यप्रदेश में रहे, युवाओं का भड़काने का काम न करें.
प्रदेश की राजनीति में इन दिनों राष्ट्रपति महात्मा गांधी को केन्द्र बनाकर पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर लगातार आरोप लगा रहे हैं. आज राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने गांधी को केन्द्र में रखकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है. पटवारी ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि गांधी राष्ट्रभक्त हैं या गोडसे. उन्होंने बजट को लेकर केंद्र ने  प्रदेश के कोटे के 25 हजार करोड़ रुपए नहीं दिए हैं. केंद्र को पहले पिछला पैसा राज्य को देना चाहिए. पटवारी ने कहा कि देश सहित प्रदेश में बेरोजागारी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन मोदी सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है.  उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में आजादी के बाद से अब तक की बेरोजगारी की सबसे भयावह स्थिति है.बदहाल अर्थव्यवस्था और किसानों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है. सरकार को अपने बजट में इसमें सुधार लाने के लिए उपाय करने चाहिए.
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के हर कालेज मेम्ं महात्मा गांधी की प्रतिमा लगाएगी. प्रदेश के सभी सरकारी और निजी कालेजों में गांधी की प्रतिमांए स्थापित की जाएंगी.  पटवारी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के दौरे को लेकर कहा कि आशा करता हूं कि वो एकता, अखण्डता, भाईचारा बनाए रखने का संदेश देंगे.
मंत्री पटवारी ने केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें गोलियां चलाने के संदेश देने की जगह अपना ध्यान एक अच्छा बजट पेश करने पर लगाना चाहिए. अनुराग ठाकुर छुटभैया कार्यकर्ता जैसा व्यवहार दिखाने के स्थान पर, केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री जैसा व्यवहार दिखाएं और बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे युवाओं को बजट से राहत दें. गौरतलब है कि दिल्ली में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने रैली में आए लोगों को गद्दारों को गोली मारने वाला, भड़काऊ नारा लगाने के लिए उकसाया था.
 संघ प्रमुख युवाओं को भड़काने का काम न करें
संघ प्रमुख मोहन भागवत के मध्यप्रदेश दौरे को लेकर राज्य के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं, मैं उनसे निवेदन करता हूं कि वे जितने दिन भी मध्यप्रदेश में रहना है रहें, पर युवाओं को भड़काने का काम न करें. शर्मा ने देश में हो रही घटनाओं के लिए केंद्र सरकार और संघ को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर आरएसएस से जुड़ा एक युवा गोली चलाकर छात्र को घायल करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार युवाओं को भड़काने का काम कर रही है. 

चीन में फंसे छात्रों की वापसी का मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन


चीन में फैले कोरोना वायरस के चलते भारत के कई छात्र-छात्राएं शियान सिटी में फंस गए हैं. इन छात्रों में मध्यप्रदेश के खरगोन के दो छात्र भी शामिल हैं. इन छात्रों द्वारा मदद की गुहार लगाए जाने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आश्वस्त किया है कि दोनों छात्रों को सुरक्षित भारत वापस का सरकार  प्रयास करेगी.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर खरगौन जिले के दो छात्रों शुभम गुप्ता और मतीन खान के परिजनों को आश्वस्त किया है कि दोनों छात्रों की सुरक्षित वापसी का सरकार हरसंभव प्रयास किए जाएंगे.मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा है कि प्रदेश के खरगोन जिÞले के तीन छात्रों के चीन में फंसे होने व मदद मांगने की जानकारी मिली है.  हम विदेश मंत्रालय से आज ही अनुरोध करेंगे कि तत्काल इन छात्रों की सुरक्षित वापसी के इंतजाम हो. मुख्यमंत्री ने लिखा है कि चीन में कोरोना वाइरस के संक्रमण को देखते हुए इनके अलावा अन्य सभी भारतीयों को भी सुरक्षित वापस लाने के इंतजाम हों. प्रदेश के नागरिक कोरोना वाइरस के संक्रमण को लेकर चिंतित ना हो. 
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि प्रदेश सरकार ने इससे बचाव व रोकथाम को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश पूर्व में ही जारी किए हुए हैं. हमने प्रदेश के सभी अस्पतालों में इसको लेकर विशेष इंतजाम करने के निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री ने लिखा है कि प्रदेश सरकार ने इससे बचाव व रोकथाम को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश पूर्व में ही जारी किये हुए है. हमने प्रदेश के सभी अस्पतालों में इसको लेकर विशेष इंतजाम करने के निर्देश जारी किए है. वहीं इस मामले में राज्य के गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि चीन में फंसे दोनों छात्रों की सकुशल वापसी के लिए सरकार पूरा प्रयास करेगी. इसके साथ ही अन्य जिलों में फंसे बच्चों को भी लाने का काम किया जाएगा.   
उल्लेखनीय है कि खरगोन जिले के दो छात्रों शुभम गुप्ता और मतीन खान ने तेज से बढ़ रहे कोरोना वायरस और उससे होने वाली परेशानियों का जिक्र एक वीडियो जारी कर किया था. छात्रों ने वायरस की वजह से कमरे में कैद होने और खाने-पीने की कमी की बात भी कही थी. दोनों छात्रों ने वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भारत वापसी की गुहार लगाई थी. ये छात्र चीन के वुहान में स्थित शियान सिटी कालेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं. छात्रों के वीडियो जारी होने के बाद से उनका परिवार चिंतित हो गया है. 

बहुसंख्यकों, अल्पसंख्यकों के बीच उन्माद पैदा करना चाहती है कांग्रेस


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कोशिश है कि बहुसंख्यक और अल्पसंख्यकों के बीच उन्माद पैदा हो. कांग्रेस ने घृणित राजनीति की सारी सीमाएं और मर्यादाएं पार कर दी हैं. प्रदेश में जिस प्रकार का वातावरण सरकार द्वारा निर्मित किया गया है प्रदेश के इतिहास में ऐसा वातावरण कभी भी निर्मित नहीं हुआ.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर मुख्यमंत्री कमलनाथ नागरिकता संशोधन कानून पर राजनीति कर प्रदेश के सदभाव का वातावरण नष्ट कर रहे हैं. सिंह ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में जब कानून पारित हुआ तब सदन में कांग्रेस के सांसद भी मौजूद थे, इसलिए अब सीएए पर प्रश्नचिन्ह खड़े करना केवल राजनीतिक रोटियां सेंकना है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ तय नहीं करेंगे कि सीएए को लेकर भाजपा और संघ परिवार का क्या कदम होगा. भाजपा और संघ परिवार को कमलनाथ के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.
सिंह ने कहा कि विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में देश के वातावरण को खराब करने की नाकाम कोशिश में लगे हुए हैं. टुकड़े-टुकड़े गैंग के सदस्य देश के किन-किन राज्यों में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, यह हम सब जानते हैं, लेकिन यह मध्यप्रदेश है, यहां की जनता जागरूक है, देश प्रेमी और राष्ट्र भक्त है. इसलिए प्रदेश की जनता ऐसे तत्वों की जो भारत माता के विरोध में नारे लगाते हों, उन देशद्रोहियों की कोशिशे कामयाब नहीं होने देगी.

गुरुवार, 30 जनवरी 2020

दिग्विजय ने केन्द्र पर बोला हमला, कहा वापस लें सीएए



पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर सीएए को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि महात्मा गांधी के विचारों को शामिल करते हुए मैं मांग करता हूं कि सीएए जो कि महात्मा गांधी के विचारों और संविधान के विपरीत है उसे तत्काल वापस लिया जाए.
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के शहीद दिवस पर हमें इस बात का दुख है कि 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की शारीरिक हत्या की गई थी, लेकिन महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उनके विचारों की हत्या भारतीय जनता पार्टी की सरकार की ओर से की गई है. उन्होंने संघ पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह वे लोग हैं, जिन्होंने हमेशा से महात्मा गांधी के विचारों से असहमत होते हुए हमेशा संविधान का विरोध किया, राष्ट्रीय ध्वज का विरोध किया. इनकी मानसिकता नफरत फैलाने वालों की है और नफरत से हिंसा बढ़ती है. 
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने केन्द्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि वे महात्मा गांधी के प्रति उनके विचारों के प्रति समर्पित है, तो उनको भारत सरकार चश्मे तक सीमित ना रखें, बल्कि अपने आचरण, अपने व्यवहार में, अपनी नीतियों में महात्मा गांधी के विचारों को शामिल करे. उन्होंने कहा कि मैं मांग करता हूं कि सीएए जो महात्मा गांधी के विचारों और संविधान के विपरीत है, उसे तत्काल वापस लिया जाए.

युवाओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है कमलनाथ सरकार

 फिर दिखाया जा रहा है युवाओं को रोजगार का सपना

नेता प्रतिपक्ष  गोपाल भार्गव ने युवाओं के मुद्दे पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा है कि अब तक हर मोर्चे पर विफल रही प्रदेश की कमलनाथ सरकार एक बार फिर से युवाओं की भावनाओं से खिलवाड़ करने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने वचन पत्र में युवाओं को लेकर जो वादे किए थे, वे तो अब तक पूरे नहीं कर सके हैं और अब फिर से युवाओं को रोजगार के सपने दिखाकर उनकी भावनाओं से खेल रहे हैं.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि कांग्रेस सरकार ने एक साल में युवाओं को 100 दिन का रोजगार तो दिया नहीं और अब उन्हें 365 दिन का रोजगार देने का खोखला दावा करने जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं से ज्यादा चिंता नगरीय निकाय चुनाव की है. चुनाव में युवाओं के वोट लेने के लिए उन्हें 365 दिन का रोजगार देने का सपना दिखाया जा रहा है. भार्गव ने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार को युवाओं की इतनी चिंता है तो फिर केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को प्रदेश में क्यों नहीं शुरू किया जा रहा है. जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है तब से अब तक इस योजना के तहत युवाओं को दिए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह से बंद है. देश के अन्य राज्यों में इस योजना से लाखों युवाओं को लाभ हुआ है. यह योजना केंद्र सरकार की है, इसलिए प्रदेश की कमलनाथ सरकार इसको शुरू नहीं कर रही है, जबकि भाजपा शासनकाल में इस योजना के जरिए प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं.
 नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि अब तो प्रदेश के युवा भी सरकार की रीति-नीति को समझ गए हैं. यही कारण है कि वे भी सरकार की योजनाओं में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं, इसीलिए उन्होंने इस योजना के जरिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराए हैं. मध्यप्रदेश में युवाओं की संख्या करीब 60 लाख से ज्यादा है, लेकिन एक साल में अब तक कुल 4 लाख 2 हजार 448 युवाओं ने ही पंजीयन कराया है. इसमें से सरकार रोजगार मेलों में करीब 17 हजार 506 युवाओं को ही नौकरी दे सकी है. इसी तरह अन्य  रोजगार के दावे भी सरकार द्वारा.किए जा रहे हैं, लेकिन ये दावे भी पूरी तरह से खोखले ही हैं.
एक साल में बढ़ गए 7 लाख बेरोजगार
 नेता प्रतिपक्ष भार्गव ने कहा कि जहां प्रदेश में एक साल में ही बेरोजगार युवाओं की संख्या 7 लाख बढ़ गई है, वहीं सरकार अब तक ऐसे युवाओं की ही नियुक्ति नहीं कर सकी है, जो कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए हैं. पटवारी परीक्षा में चयनित हुए उम्मीदवार अब तक अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार बेरोजगार युवा बढ़ रहे हैं और सरकार उनको नए-नए सपने दिखा रही है.

भाजपा विधायक ऊंटवाल का निधन, मुख्यमंत्री सहित नेताओं ने दी श्रद्धांजलि



मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है. आगर से भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल का निधन हो गया है. विधायक मनोहर ऊंटवाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज दिल्ली के मेदांता अस्पताल में चल रहा था. ऊंटवाल के निधन पर मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है.
भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल लंबे समय से बीमार थे.  ऊंटवाल को ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उन्हे इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उन्हें डाक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया था, दिल्ली के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उनका निधन हो गया. 1963 में धार जिले के बदनावर में जन्मे मनोहर ऊंटवाल 5 बार विधायक और 1 बार सांसद रहे. शिवराज मंत्रिमंडल में वे मंत्री भी रहे. उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा हैं. ऊंटवाल वर्ष 1986 में पार्षद के चुनाव से राजनैतिक करियर की शुरूआत की थी.  वर्ष 1988 से 2014 के बीच 4 बार विधायक चुने गए थे. 2014 के संसदीय चुनावों में मनोहर ऊंटवाल देवास निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार सांसद बने थे. 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में मनोहर ऊंटवाल आगर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए थे.
 निधन पर जताया शोक
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा मनोहर ऊंटवाल के निधन पर शोक प्रकट किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के आगर के विधायक मनोहर ऊंटवाल के दु:खद निधन का समाचार प्राप्त हुआ, वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं, ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान व पीछे परिजनों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मनोहर ऊंटवाल के निधन पर शोक प्रकट किया है. उन्होंने कहा कि मनोहर ऊंटवाल  मेरे व्यक्तिगत मित्र थे, भाई थे, निकट सहयोगी थे. भाजपा ने अपने प्रिय कार्यकर्ता को खोया है और मैंने अपने व्यक्तिगत मित्र को. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्वजय सिंह ने ऊंटवाल के निधन पर दुख जताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की है. सिंह ने कहा कि मनोहर ऊंटवाल के देहांत का समाचार मिला है, मुझे इस बात का दुख है. उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवार को अपनी ओर से संवेदना व्यक्त करता हूं. इनके अलावा भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने ऊंटवाल के निधन पर शोक व्यक्त कर अपनी श्रद्धांजलि दी है.

कमलनाथ ने कहा क्या भाजपा ने हिन्दू धर्म की ले रखी है एजेंसी ?

 हम धार्मिक आस्था की बात करते हैं तो उनके पेट में होता है दर्द

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हम मंदिर जाते हैं, धार्मिक आस्था के प्रति कुछ कहते हैं तो उनके (भाजपा नेताओं) पेट में दर्द होता है. उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा ने हिन्दू धर्म की एजेंसी ले रखी है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हिन्दू धर्म का राजनीतिक उपयोग करती है.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह बात आज प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कही. राजधानी में आज मिंटो हाल पर आयोजित हनुमान चालीसा पाठ के शुभारंभ अवसर पर मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब धर्मप्रेमी है, पता नहीं भाजपा के लोगों के पेट में दर्द क्यों होता है. मंदिर जाते हैं, धार्मिक आस्था के प्रति कुछ कहते हैं, उनके पेट में दर्द होता है. क्या उन्होंने हिन्दू धर्म की एजेंसी ले रखी है. उन्होंने कहा कि भाजपा हिन्दू धर्म का राजनीतिक उपयोग करना चाहती है. हम रानजीति और धर्म को एक साथ नहीं जोड़ते. उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह द्वारा दिए बयान को लेकर कहा कि मैं राकेश सिंह के बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकते, राकेश सिंह का मुंह पहले चलता है दिमाग बाद में.
दरअसल महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर आज मिंटो हाल में प्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ  कराया गया. इस अवसर पर स्वयं मुख्यमंत्री कमलनाथ के अलावा अन्य कांग्रेस नेता भी उपस्थित रहे. जिसे लेकर राकेश सिंह ने कांग्रेस पर तंज कसा था. वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह हनुमान चालीसा को भ्रमित करने वाला कहा हैं तो उन्हें धिक्कार है.
यह कहा था राकेश सिंह ने
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा था कि कांग्रेस को यह भ्रम है, उसे लगता है कि देश की बहुसंख्यक आबादी को वो हनुमान चालीसा या इस तरह के पाठ से खुश कर लेंगे तो वह गफलत में है. ये सिर्फ जनता को भ्रमित करने वाला आयोजन है. ऐसा कोई भी कर्मकांड करने की देश में सभी को आजादी है, वो भी ये कर रहे हैं. इसकी उनका स्वतंत्रता है, लेकिन इससे देश का एक बड़ा वर्ग भ्रमित होने वाला नहीं है. 
सीएए कानून लाने की क्यों पड़ी जरुरत?
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के प्रदेश दौरे के दौरान भोपाल आने को लेकर कहा  कि वह भोपाल आने के लिए स्वतंत्र हैं, वे यहां रहें, सही दिशा, देश और प्रदेश को दें. देश में सीएए को लेकर भाजपा और संघ पर मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर देश में सीएए कानून लाने की आवश्यकता क्यों पड़ गई? कोई युद्ध हो रहा है. कोई रिफ्यूजी आ रहे हैं? मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के अहम मुद्दे बेरोजगारी, कमजोर अर्थव्यवस्था से सरकार ध्यान भटका रही है. जनता का ध्यान डायवर्ट करने के लिए ऐसा कानून लाया गया है. अब इस कानून के खिलाफ देश में बगावत हो रही है, तो इनके नेता जगह-जगह घूम कर समझाने में लगे हैं.

बुधवार, 29 जनवरी 2020

फिर बदलेगा प्रदेश का मौसम, ठंड दिखाएगी असर

 तेज होगी ठंड, छाएगा कोहरा, हल्की बारिश के आसार

मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलेगा और ठंड अपना असर दिखाएगी. राज्य में एक बार फिर उत्तरी हवाओं का दौर शुुरु होगा, जिससे ठंड तेज होने के आसार है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाएगा तो कहीं पर हल्की बारिश होने की भी संभावना है.
प्रदेश के मौसम में फिर बदलाव के आसार नजर आ रहे हैं. बीते दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने से तापमान में वृद्धि हुई थी और लोगों को रात के समय गर्मी का अहसास होने लगा था. राजधानी भोपाल सहित राज्य के कई स्थानों पर आज बुधवार को भी सुबह के वक्त आसमान पर बादल छाए रहे और तेज हवाएं भी चली. राजधानी में दोपहर होते-होते आसमान से बादल छट गए और धूप खिली. इससे मौसम सुहावना रहा. इसी तरह का मौसम राज्य के अन्य जिलों में भी रहा. मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकांश स्थानों पर छाए  बादल छट गए हैं, इसके चलते गुरुवार से मौसम में बदलाव के आसार नजर आ रहे हैं. 
 मौसम विभाग के अनुसार राज्य में राजस्थान से झारखंड तक बने ट्रफ (द्रोणिका लाइन) के असर से वातावरण में आ रही नमी के कारण बादल छाने लगे हैं. इससे दिन में जहां मौसम सुहाना बना हुआ है, वहीं रात में फिलहाल ठंड से राहत मिल रही है. वातावरण में नमी आने से प्रदेश के कई स्थानों पर बादल बने हुए हैं. इस सिस्टम के कारण प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी भाग में कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक गुरुवार से हवा का रुख फिर उत्तरी होने के आसार हैं, इससे वातावरण में फिर ठंड में कुछ इजाफा होगा. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से आगे बढ़ रहा है. इसके अलावा उत्तर-पूर्वी राजस्थान से दक्षिण उत्तरप्रदेश से होकर एक ट्रफ झारखंड तक जा रहा है, जिसके प्रभाव से वर्तमान में हवा का रुख दक्षिण-पश्चिमी बना हुआ है.
कहीं होगी बारिश, कहीं छाएगा कोहरा
मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के जबलपुर, ग्वालियर और शहडोल संभागों के जिलों में हल्की बारिश हुई है. वहीं रीवा, शहडोल और सागर संभागों में तापमान में वृद्धि हुई है.राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान बैतूल का 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों के दौरान राज्य के शहडोल और चंबल संभागों के जिलों के अलावा दतिया, ग्वालियर और गुना जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है. वहीं ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों के अलावा टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में घना कोहरा छाने की संभावना है.

शहरी बेरोजगारों को 5 हजार भत्ता देगी सरकार


मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री एवं विधि मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार अब शहरी बेरोजगारों को 4 के स्थान पर 5 हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता देगी. उन्होंने कहा कि पीएससी की भर्ती में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है.
शर्मा ने आज राजधानी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार अब शहरी बेरोजगारों को 5 हजार रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देगी. इसके पहले यह भत्ता 4 हजार रुपए दिया जा रहा था. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के तहत यह राशि दी जाएगी. उन्होंने बताया कि युवाओं को मनरेगा की तर्ज पर अस्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं उच्च शिक्षा विभाग का प्रयास है कि छात्रों को परीक्षा में प्रश्नपत्रों के पूर्नमूल्यांकन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जाएगा ताकि छाओं को दिक्कतों का सामना ना करना पड़े, जिसमें छात्र आरटीआई के जरिए अपनी उत्तर पुस्तिका चेक कर सकेंगे इसके लिए स्वशासी महाविद्यालय के छात्रों को 7 दिन और विश्वविद्यालय के नियमित छात्रों को 15 दिन के अंदर आवेदन करना होगा. शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार का ध्यान बेरोजगारी पर नहीं है. वह मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए दूसरे मुद्दों को लेकर जनता को भ्रमित कर रही है.
जनसंपर्क मंत्री शर्मा के मुताबिक पीएससी की भर्ती में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए सरकार प्रयासरत है. विधि विशेषज्ञ से इसके लिए राय ली जा रही है. गौरतलब है कि ओबीसी आरक्षण के खिलाफ याचिका पर हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. मामले में सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आने पर कोर्ट ने  पीएससी में 27 फीसदी आरक्षण पर रोक लगा दी है. मामले की अगली सुनवाई अब 12 फरवरी को होगी.  मंत्री ने बताया कि इस साल 2020 में राज्य में 7 लोक अदालतें लगेंगी. पूर्व में 5 लोक अदालतें लगती रही हैं. 

भारत बंद का दिखा मिला-जुला असर


सीएए और एनआरसी के विरोध में भारत बंद का आज राजधानी भोपाल में मिला-जुला असर दिखाई दिया. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था.पुलिस ने ड्रोन के सहारे बंद के दौरान शहर के मोहल्लों में निगरानी रखी.
सीएए और एनआरसी के विरोध में आज भारत बंद के तहत राजधानी में बंद का मिला-जुला असर दिखाई दिया. पुराने शहर में इसका खासा असर रहा, तो नये शहर में बंद का असर नजर नहीं आया. राजधानी के पुराने भोपाल में बुधवारा, इतवारा, सुल्तानिया रोड, जहांगीराबाद, शाहजहानाबाद, काजी कैंप आदि पुराने शहर के इलाके पूरी तरह से बंद खासा असर दिखाई दिया. वहीं पीर गेट इलाके में बंद का मिला जुला असर है.
बंद के दौरान पुलिस पुराने शहर में ड्रोन से रख रही नजर. शहरभर में बेरिगेट्स लगाकर पुलिस कर रही वाहनों की चेकिंग की जाती रही.  पूरे शहर में बंद के चलते आरएएफ एसटीएफ समेत करीब 3 हजार से ज्यादा पुलिस बल तैनात. जबकि पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखे रही. इब्राहिमपुरा, जुमेरती पीर गेट चौराहे स्थित आसपास के मार्केट बंद नजर आए. पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया था. संवेदनशील इलाकों में जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस के आला अधिकारी मैदान में तैनात रहे पुराने शहर में बंद का असर ज्यादा देखा जा गया, यहां पर इकबाल मैदान में पिछले लंबे समय से सीएए और एनआरसी के विरोध में एक धरना भी दिया जा रहा है. बंद के दौरान पूरे समय पुराने शहर में पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग की जाती रही और अफवाह फैलाने वालों को नसीहद दी जाती रही. पुलिस के आला अधिकारी भी पूरे शहर पर नजर रखे रहे.
आटो में मिली तलवारें और बेसबाल के डंडे
राजधानी भोपाल में बंद के दौरान जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, वहीं  शहर के महाराणा प्रताप नगर में एक आटो पलटने पर उसमें तलवार और बेसबाल के डंडे बरामद हुए हैं, जो कहीं न कहीं पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है. दोनों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है कि वे तलवार और बेसबाल का डंडा लेकर कहां जा रहे थे. पुलिस ने दोनों को महाराणा प्रताप नगर थाने में रखा है. सीएए और एनआरसी के विरोध में विपक्षी पार्टियों के आज भारत बंद का आह्वान किया है.

झूठ की राजनीति कर भ्रम फैला रही भाजपा

 देश की एकता और अखंडता को तोड़ना का किया जा रहा प्रयास

राजनीतिक स्वार्थपूर्ति के लिए भाजपा देश की एकता और अखंडता को तोड़ने का प्रयास कर रही है. सागा में धनप्रसाद अहिरवार की मौत को लेकर भाजपा द्वारा झूठा प्रचार किया जा रहा है. जबकि सरकार की ओर से धनप्रसाद के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई थी, साथ ही आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है. भाजपा दलितों के नाम पर झूठ की राजनीति कर भ्रम फैलाने का काम कर रही है.
यह बाज आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा और मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कही. ओझा ने कहा कि प्रदेश के सागर जिले में घटी अप्रत्याशित दु:खद घटना में एक अनुसूचित जाति परिवार के व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री  कमलनाथ ने पीड़ित के समुचित इलाज की व्यवस्था के साथ ही पर्याप्त आर्थिक सहायता देना भी सुनिश्चित कर दिया था, लेकिन हर घटना में अपनी राजनैतिक स्वार्थपूर्ति का अवसर देखने वाली भारतीय जनता पार्टी ने इसे राजनैतिक मुद्दा बनाकर, घटना को सांप्रदायिक रूप देने का घृणित प्रयास किया है. उन्होंने घटना को लेकर कहा कि यह बात साफ हो गई है कि सागर में हुई घटना पड़ोसी परिवारों के आपसी विवाद की दु:खद परिणति है.  ओझा ने कहा कि इस घटना में जहां एक ओर सरकार और प्रशासन द्वारा सभी दोषियों को गिरफ्तार कर जेल में डालने के साथ ही, दंडित करने की कार्यवाही शुरू की जा चुकी है, वहीं मृतक युवक के परिवारजनों को 8.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी, मकान के साथ ही सभी आवश्यक सुविधाएं और सुरक्षा की व्यवस्था मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा की गई है. 
उन्होंने कहा कि इस सबके बावजूद प्रदेश में जिम्मेदार पद पर रह चुके पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पार्टी के लोग उक्त दु:खद घटना को लेकर लगातार झूठ परोसने का काम कर रहे हैं. सागर में उनके द्वारा दोषियों को गिरफ्तार न करने संबंधी दिया गया भाषण पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा था, जबकि हकीकत यह है कि मृतक के परिवार के द्वारा अब तक दिए अपने बयानों में जिन लोगों का जिक्र किया गया है, उन्हें पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. इस तरह भाजपा और उसके नेता झूठ की राजनीति कर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यही नहीं घटना के दोषियों को सजा दिलाने तथा पीड़ित पक्ष को राहत और मदद पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री  कमलनाथ के निर्देशन में सरकार द्वारा कानूनी प्रावधानों के तहत पीड़ित के परिवारजनों को अधिकतम आर्थिक सहायता एवं अन्य मददें दी जा चुकी हैं, लेकिन यह शर्मनाक है कि इस मुददे पर ओछी राजनीति कर रही भाजपा और उसके सांसदों व विधायकों द्वारा पीड़ित परिवार को अपने स्वेच्छानुदान से अब तक एक रुपए की भी मदद नहीं दी गई है, साफ है कि भाजपा इस मुददे पर पीड़ित परिवार की कोई वास्तविक सहायता करने की बजाय केवल मुंह चलाने की राजनीति कर रही है.
शिवराज शासन की घटनाओं पर मौन क्यों भाजपा
शोभा ओझा ने कहा कि भाजपा को दलितों की भावनाओं और संवेदनाओं से अधिक अपनी राजनीति चमकाने की चिंता है. यदि ऐसा नहीं है तो दलितों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे, भाजपा नेताओं को पहले यह बताना चाहिए कि मध्यप्रदेश में भाजपा के 15 वर्षीय कार्यकाल में घटित हुई अन्याय, अत्याचार, उत्पीड़न और शोषण की हजारों घटनाओं पर भाजपा के लोग चुप्पी क्यों साधे रहे. तत्कालीन भाजपा सांसद वीरेन्द्र कुमार के सांसद दरबार में कलेक्टर परिसर पर स्वर्गीय बाबा शिवकुमार चौधरी के साथ घटित घटना में हुई मौत का मामला हो, भाजपा के विधायक राहुल लोधी जो उमा भारती के भतीजे हैं, उन्होंने अपनी गाड़ी से तीन दलितों को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था.

मंगलवार, 28 जनवरी 2020

दलित विरोधी है कमलनाथ सरकार: शिवराज

 भाजपा का सागर में प्रदर्शन
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वयं को दलितों के हितैषी कहने वाले कांग्रेस की सरकार वास्तव में दलितविरोधी हैं, जनता भी यह जान गई है. दलितों की आवाज सरकार तक नहीं पहुंच पा रही है.
 राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने आज सागर में आग से जिंदा जलाए गए धनप्रसाद अहिरवार को न्याय दिलाने किए गए प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही. सभा स्थल पर स्वर्गीय धनप्रसाद की पत्नी पूजा अहिरवार भी उपस्थित रही और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक ज्ञापन भी उन्होंने सौंपा. सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय धनप्रसाद अहिरवार की धर्मपत्नी व बेटी पूजा की कसम खाकर कहता हूं कि इस दलित परिवार को न्याय दिलाकर ही दम लूंगा. उन्होंने कहा कि मैं अपनी इस बेटी की असीम पीड़ा को समझता हूं और उसे विश्वास दिलाता हूं कि उसे न्याय अवश्य मिलेगा.
उन्होंने कहा कि बेरहमी से धनप्रसाद अहिरवार की हत्या असामाजिक तत्वों ने की और सरकार ने इसकी अनदेखी की.  यह बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि स्वयं को दलितों के हितैषी कहने वाले कांग्रेस की सरकार वास्तव में दलितविरोधी हैं, जनता भी यह जान गई है.  उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ से पूछता हूं कि क्या धनप्रसाद अहिरवार के हत्यारों पर इसलिए हाथ नहीं डाला गया, क्योंकि वे एक समुदाय विशेष के लोग थे? आखिर क्यों आपकी सरकार तक इन गरीब दलितों की आवाज नहीं पहुंची. 
उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ का ेसंबोधित करते हुए कहा कि दलित बेटी पूजा अहिरवार को न्याय नहीं मिला तो धिक्कार है, आपको विधवा की हाय लगेगी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सरकार के निकम्मेपन की वजह से समाज के दानवों ने इस दलित परिवार को शिकार बनाया और धनप्रसाद अहिरवार को जिंदा जला दिया. यह बेटी उसी परिवार की बहू और धनप्रसाद की विधवा पूजा अहिरवार है, उसी बेटी की जुबानी उसकी व्यथा सुनिए और न्याय दीजिए. 
दलित, शोषितों के साथ अन्याय कर रही सरकार
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि  दलित, शोषित और पीड़ित वर्गों के साथ कमलनाथ सरकार अन्याय कर रही है. दलित धनप्रसाद अहिरवार की मौत इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश में दलित किस तरह जिंदा जला दिया जाता है और उसकी सुनवाई नहीं होती. उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र में दलितों पर हो रहे अत्याचार से मैंने  सरकार को अवगत कराया था, लेकिन कमलनाथ सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसके परिणाम स्वरूप सागर जैसी दुखद घटनाएं प्रदेश में घट रही है. उन्होंने सभा में मौजूद मृतक की धर्मपत्नि को न्याय दिलाने की बात कही.

भाजपा विधायक ने फिर बदले सुर, सीएए का किया विरोध

नारायण त्रिपाठी 
मध्यप्रदेश के मैहर से भाजपा के विधायक नारायण त्रिपाठी ने एक बार फिर सुर बदले हैं. उन्होंने सीएए का विरोध करते हुए कहा कि इससे देश का माहौल खराब हो रहा है. लोग एक-दूसरे को देखना पसंद नहीं कर रहे हैं.
सीएए को लेकर भाजपा जहां जागरुकता अभियान चलाए हुए हैं, वहीं आज उसकी चिंता भाजपा के मैहर से विधायक नारायण त्रिपाठी ने बढ़ा दी है. उन्होंने सीएए का विरोध करते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी पर बात करने की जरुरत है. सीएए से देश का माहौल खराब हो रहा है. मीडिया से चर्चा करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि यह मेरे दिल की आवाज है और मैं अपनी अंतर्रात्मा से सीएए का विरोध कर रहा हूं. सीएए से भाईचारा खत्म हो रहा है. उन्होंने कहा कि देश में गृह क्लेश बढ़ रहा है. लोग एक-दूसरे को देखना नहीं चाह रहे हैं. त्रिपाठी ने कहा कि धर्म के नाम पर देश का बंटवारा नहीं किया जा सकता या तो आप संविधान के साथ में हैं या विरोध में हैं. यदि संविधान के हिसाब से नहीं चलना है, तो उसे फाड़ कर फेंक देना चाहिए. विधायक त्रिपाठी ने कहा कि वो गांव से आते हैं और आज उसी गांव में आधार कार्ड तक नहीं बन रहे हैं, तो बाकी दस्तावेज कहां से लाएंगे. साथ ही उन्होंने अपनी ही पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में वसुधैव कुटुम्बकम की बात होती है, लेकिन धर्म के नाम पर बंटवारा किया जा रहा है, जो गलत है. 

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी नारायण त्रिपाठी ने विधानसभा में एक विधेयक को लेकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था. वे क्रास वोटिंग करके चर्चा में आए थे. इस दौरान उन्होंने खुलकर कांग्रेस का समर्थन किया, हालांकि बाद में वे यह कहते नजर आए कि वे भाजपा में है, कांग्रेस में शामिल नहीं हुए हैं. इसके अलावा कई अवसरों पर वे अपने विवादित बयानों के कारण पार्टी के लिए मुसीबत भी खड़ी करते रहे हैं. त्रिपाठी का नाम हनीट्रैप में पुलिस द्वारा जारी की गई चार्जशीट में भी है. 

मंदिरों में लाउड स्पीकर पर लगाया प्रतिबंध, भाजपा ने दी चेतावनी

शिवराज सिंंह चौहान 
 शिवराज ने कहा दूसरे धार्मिक स्थलों पर भी लागू करवाएं आदेश

मध्यप्रदेश के आष्टा में मंदिरों में लाउड स्पीकर पर प्रतिबंध लगाए जाने के आदेश के बाद राज्य की सियासत गर्मा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान सहित भाजपा नेताओं ने इस आदेश को लेकर नाराजगी जताई है. पूर्व मुख्यमंत्री ने तो मुख्यमंत्री कमलनाथ को चुनौती तक दे डाली और कहा कि क्या वे दूसरे धार्मिक स्थलों पर भी ये आदेश लागू करवाएंगे.
दरअसल राज्य के आष्टा में प्रशासन द्वारा रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच मंदिरों में लाउड स्पीकर पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं. बताया जाता है कि आष्टा के प्राचीन शंकर मंदिर से प्रशासन ने लाउड स्पीकर हटाने का आदेश दिया था, मंदिर समिति का आरोप है कि प्रशासन की ओर से ये आदेश दिया गया है कि अगर प्रतिबंधित अवधि में लाउड स्पीकर मंदिर में बजा, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा.
प्रशासन के इस आदेश के जारी होते ही भाजपा नेताओं की नाराजगी भी सामने आई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने ट्वीट कर आदेश को शर्मनाक बताया और कहा कि यह तुष्टिकर है. उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ, कोलाहल नियंत्रण के नाम पर मंदिर से स्पीकर हटाने का जो आदेश जारी हुआ है, क्या रात 10 से सुबह 6 के बीच स्पीकर का उपयोग करने वाले दूसरे धार्मिक स्थलों पर भी आप यह लागू करवा पाएंगे? प्रदेश के मुखिया की दृष्टि में तो सभी धर्म समान होने चाहिए, या नहीं? वहीं भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने मुख्यमंत्री कमलनाथ तंज कसते हुए ट्वीट कर कहा कि यदि कोलाहल नियंत्रण कानून है तो वह केवल मंदिरों के लिए नहीं हो सकता. आपके जीवन में यदि कोई पारदर्शिता बची है तो रात के 10 से सुबह के 6 बजे तक इसे सभी धार्मिक स्थलों पर लागू कराइए, वरना न आष्टा के मंदिर से स्पीकर हटेंगे, न किसी और मंदिर से. 
हिन्दू उत्सव समिति ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र
हिंदू उत्सव समिति द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक पत्र लिखा गया है. इसमें कहा गया है कि प्रशासन ने प्राचीन शंकर मंदिर आष्टा के पंडित हेमंत गिरी और समिति सदस्यों को तहसील कार्यालय बुलाकर चेतावनी दी है. हमसे कहा गया कि हमें ऊपर से शासन का आदेश आया है कि मंदिर में लाऊड स्पीकर नहीं बजेगा, अन्यथा उसे जब्त कर लिया जाएगा. समिति की ओर से कहा गया है कि मंदिर में सुबह के वक्त भस्म आरती बरसों से होती आ रही है. इस प्रकार अचानक शासन के आदेश की बात कहकर उस परंपरा को बंद कराना कहां तक ठीक है. समिति ने मुख्यमंत्री ने मांग की है कि  प्रशासन के इस आदेश को निरस्त कराया जाए.
सरकार ने जारी नहीं किए आदेश, झूठ बोल रहे शिवराज
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र आहूजा ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने किसी भी धार्मिक स्थल से लाउड स्पीकर हटाने का कोई आदेश जारी नहीं किया है.उच्चतम न्यायालय व कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के अंतर्गत ध्वनि विस्तारक यंत्रों को निश्चित निर्धारित अवधि व ध्वनि की निर्धारित मात्रा में उपयोग के पूर्व के दिशा-निर्देशों को ही जारी किया है.  उन्होंने कहा कि झूठ फैलाने में माहिर भाजपा व पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने झूठ बोलना शुरू कर दिया है कि सरकार ने मंदिरों से लाउड स्पीकर हटाने का आदेश जारी कर दिया है, जबकि आदेश में कही भी किसी भी धार्मिक स्थल का जिÞक्र तक नहीं है.  उन्होंने कहा कि इन फुरसती भाजपाईयो को झूठ बोलने के सिवा कोई काम नहीं.

बेरोजगारी के मुद्दे को भटका रही है केन्द्र सरकार: चौधरी



मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि देश को एनआरसी नहीं, बल्कि एनआरयू (राष्ट्रीय बेरोजगारी रजिस्टर) की जरुरत है. उन्होंने आरोप लगाया कि  बेरोजगारी और युवाओं की आत्महत्या से ध्यान भटकाने के लिए मोदी सरकार सीएए और एनआरसी जैसे मुद्दों को उछाल रही है.
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने  आज राजधानी में युवा कांग्रेस द्वारा बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर एनआरयू (राष्ट्रीय बेरोजगारी रजिस्टर) बनाने की मांग को लेकर चलाए गए अभियान के लिए मिस्ड काल नंबर जारी करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस के देशव्यापी इस अभियान के तहत प्रदेश में भी अधिक से अधिक लोगों को हम जोड़ेंगे. चौधरी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि, बेरोजगारी और युवाओं की आत्महत्या से ध्यान भटकाने के लिए मोदी सरकार सीएए और एनआरसी जैसे मुद्दों को उछाल रही है. उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी पिछले 45 सालों में सबसे ज्यादा है, आर्थिक मंदी का माहौल है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में यह मंदी वैश्विक कारणों से नहीं, बल्कि मोदी सरकार ने पैदा की है. चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार ने दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन उनके पास कोई आंकड़ा नहीं है. नौकरी की बात करने पर प्रधानमंत्री पकौड़ा तलने की सलाह देते हैं. इसलिए उन्होंने मांग की है कि, देश को एनआरसी की जरूरत नहीं है, बल्कि एनआरयू की जरूरत है. साथ ही कहा कि सरकार ने 6 सालों में कितने युवाओं को नौकरी दी है और आगे कैसे बेरोजगारी के दूर करेंगे.
जारी किया मिस्ड काल नबंर
 युवा कांग्रेस के अध्यक्ष कुणाल चौधरी  ने युवा कांग्रेस ने मिस्ड काल नबंर 8151994411 जारी किया है. जिससे युवा अभियान को समर्थन दे सकते हैं. उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक मिस्ड काल कर अभियान का समर्थन करें. साथ ही कार्यकर्ताओं से कहा कि वे नंबर को बड़ी संख्या में बेरोजगारों तक पहुंचाए.

उमा ने कहा अधिकारी कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता की तरह कार्य

उमा भारती 
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के चौरई में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम द्वारा भाजपा के पूर्व विधायक रमेश दुबे को सीएए पर बोलने से रोकने के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अधिकारियों पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारी कांग्रेस कार्यकर्ता की तरह कार्य कर रहे है.
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक बार एक लगातार ट्वीट कर राज्य के अधिकारियों पर हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि  एक बार फिर छिंदवाड़ा जिले में राजगढ़ जिले की जैसी घटना हो गई, जिसमें एक प्रशासनिक अधिकारी ने कांग्रेस के कार्यकर्ता की तरह बर्ताव किया एवं संविधान की मर्यादा का उल्लंघन किया. उन्होंने दूसरे ट्वीट में कहा कि चौरई के पूर्व भाजपा विधायक गणतंत्र दिवस समारोह में आयोजित कार्यक्रम में सीएए के बारे में कुछ सकारात्मक बातें कह रहे थे तो वहां की एक एसडीएम ने खड़े होकर कहा कि यह विवादास्पद विषय है तथा  रमेश दुबे  को बोलने से रोक दिया. उन्होंने कहा कि सीएए का विधेयक संसद के दोनों सदनों में पास हो चुका है, ऐसे में कोई सरकारी अधिकारी यदि इसको विवादास्पद विषय मानता है तो वह भी भारतीय संविधान की अवमानना करता है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लगता है मध्यप्रदेश में प्रशासनिक अधिकारी यह भूल गए हैं कि यहां पर कांग्रेस की सरकार है, किंतु यहां के सरकारी अधिकारी कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं है. उमा भारती ने कहा कि चापलूसी की सारी मर्यादाएं पार करते हुए संवैधानिक दायित्व का ही स्मरण न रहना देश एवं मध्यप्रदेश राज्य के लिए यह घातक होगा.
छिंदवाड़ा क्या पाकिस्तान में है?
नरोत्तम मिश्रा 

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि क्या छिंदवाड़ा पाकिस्तान में है, जो सीएए पर बात नहीं की जा सकती है ? अपने बयान में उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान का दिन है. छिंदवाड़ा में हमारे पूर्व विधायक संविधान के बारे में चर्चा कर रहे थे. सीएए कानून की बात कर रहे थे, लेकिन वहां की एसडीएम ने रोक दिया. पूर्व मंत्री ने कहा कि क्या हिन्दूस्तान के अंदर गणतंत्र दिवस के दिन गणतंत्र पर चर्चा नहीं होगी तो किस पर होगी. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के अधिकारी जिस तरह का व्यवहार वर्तमान में कर रहे हैं, वास्तव में दुखद और चिंतनीय है. इसके लिए उन्हें भी चिंता करनी चाहिए और भी चिंंतर कर रहे हैं.

सोमवार, 27 जनवरी 2020

श्रीलंका में सीता माता के मंदिर का निर्माण होगा


मुख्यमंत्री कमल नाथ ने श्रीलंका में भव्य सीता माता के मंदिर का निर्माण किया जाएगा. इसके निर्माण के संबंध में मध्यप्रदेश और श्रीलंका के अधिकारियों की एक समिति भी बनायी जाएगी. उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण और सांची में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बौद्ध संग्रहालय, अध्ययन एवं प्रशिक्षण केन्द्र बनाने के लिए शीघ्र ही योजना बनाए और उसका क्रियान्वयन करें. 
नाथ आज मंत्रालय में जनसंपर्क मंत्री  पी.सी. शर्मा के नेतृत्व में आएं प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में चर्चा कर रहे थे. बैठक में महाबौद्धी सोसायटी अध्यक्ष बनागला उपतिसा भी उपस्थित थे.  मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि श्रीलंका में सीता मंदिर के भव्य निर्माण के लिए शीघ्र ही एक समिति बनाए जिसमें मध्यप्रदेश एवं श्रीलंका सरकार के अधिकारियों के साथ महाबौद्धी सोसायटी के सदस्य भी शामिल हो. यह समिति मंदिर निर्माण कार्यों पर सतत् निगरानी रखेगी जिससे समय सीमा में मंदिर का निर्माण हो सके. उन्होंने कहा कि मंदिर के डिजाइन को अंतिम रूप दिया जाए और इसी वित्तीय वर्ष में आवश्यक धन राशि भी उपलब्ध करवाई जाए जिससे मंदिर का निर्माण शीघ्र हो सके.
मुख्यमंत्री ने   सांची में बौद्ध संग्रहालय, अध्ययन एवं प्रशिक्षण केन्द्र बनाने के लिए आवश्यक भूमि आवंटित करने के साथ ही यहां पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनाने को कहा. इसके लिए शीघ्र ही कार्ययोजना बनायी जाए. मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान की कई कंपनियों और अन्य संस्थाओं में साँची में विभिन्न संरचनाओं के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देने की पेशकश की है. 
जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने हाल ही में श्रीलंका यात्रा के दौरान सीता मंदिर के निर्माण के संबंध में वहाँ की सरकार से हुई चर्चा की जानकारी दी शर्मा ने कहा कि अगर बेहतर वायु सेवाएं उपलब्ध हो तो श्रीलंका के सहित अन्य बौद्ध धर्म को मानने वाले विभिन्न देशों में रह रहे श्रद्धालुओं को सांची आने में सुविधा होगी इसी तरह मध्यप्रदेश के लोगों को भी सीता मंदिर के दर्शन करने में आसानी होगी.

वर्चस्व की लड़ाई खराब कर रही पार्टी की छवि


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने कहा कि पार्टी ने अनुशासनहीनता की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण है और मेरा मानना है कि यह वर्चस्व की लड़ाई है और इसके चलते पार्टी की छवि भी खराब हो रही है.
कांग्रेस नेता अजय सिंह ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जो फूट नजर आ रही है, यह कांग्रेस का दुर्भाग्य है. वर्चसव की लड़ाई ही इस फूट का कारण है, जिसके चलते कांग्रेस की छवि खराब हो रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों की लड़ाई सिर्फ वर्चस्व को बनाए रखने के लिए हो रही है. आकाओं को नजदीक दिखाने की होड़ में इस तरह के परिणाम सामने आ रहे हैं. 
कांग्रेस नेता अजय सिंह  ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर  कहा है कि यह सिर्फ  प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया और मुख्यमंत्री कमलनाथ बता सकते हैं कि नियुक्ति में देर क्यों हो रही है. उन्होंने कहा कि जितने लोग हैं, वो खुद बनने के लिए लाइन में लगे हैं और बनाने वाले सिर्फ दो लोग हैं. यह आपस में सूची बना लें तो कोई बात हो. वहीं निगम मंडलों में नियुक्ति पर कहा कि मंडल और निगम में हो रही नियुक्ति की देर का जवाब मुख्यमंत्री कमलनाथ ही दे सकते है, क्योंकि इन पदों के लिए लाइन लंबी है.
यहां उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में आए दिन कांग्रेस नेताओं की अनुशासनहीनता के मामले सामने आ रहे हैं. रविवार को ही गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंदौर में कांग्रेस नेताओं के बीच जमकर हाथापाई हो गई थी. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, इसके पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के भोपाल प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं ने धक्का-मुक्की की थी. यहां तक की प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का द्वार ही तोड़ दिया था.इसके अलावा कई अवसरों पर कांग्रेस नेताओं के बीच अनुशासनहीनता और गुटबाजी साफ नजर आई है.

हर हाल में किसानों को मिलेगी 10 घंटे बिजली


मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि राज्य के किसानों को हर हाल में 10 घंटे बिजली दी जाएगी. इस आशय के निर्देश मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह को दिए हैं. 
जनसंपर्क मंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ का हाल ही में हुआ दाबोस दौरान सफल रहा है. हजारों करोड़ों का निवेश अब मध्यप्रदेश में आएगा. इस दौरे में मुख्यमंत्री ने वहां पहुंचे उद्योगपतियों से चर्चा की है. उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों का ेहर हाल में खेती के लिए 10 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. इस आशय के निर्देश मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह को दिए हैं. शर्मा ने बताया कि आंगनबाड़ी सहायिकाओं को किसी अन्य विभाग के कामों में नहीं लगाया जाएगा. शिक्षा और स्वास्थ्य मािफया पर अब सरकार की नजर है.
जनसंपर्क मंत्री शर्मा ने गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल लालजी टंडन द्वारा दिए भाषण पर कहा कि राज्यपाल हमारे मुखिया है. उन्होंने मध्यप्रदेश के विकास कार्यों को संज्ञान मेंं लिया है. यह सरकारी की सफलता के बारे में बताती है. वहीं  उन्होंने कहा कि होम डिलिवरी सर्विस शुरु की गई है. फूड प्रोडक्ट होम डिलिवरी मिलेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नेतृत्व में सरकार तेजी से काम कर रही है. शर्मा ने कहा कि इस साल हमारी सरकार 20-20 स्टाइल में काम करेगी. जनसंपर्क मंत्री ने सागर मामले में दलित धन प्रसाद अहिरवार की मौत पर भाजपा की सभा और जंगी प्रदर्शन करने पर कहा कि दो परिवारों की आपस की लड़ाई थी. इस मामले में भाजपा  बेमलतब सियासत कर रही है. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा.

युवक को जिंदा जलाए जाने के मामले में भाजपा का प्रदर्शन आज


मध्यप्रदेश के सागर में अनुसूचित जाति वर्ग के एक युवक धनप्रसाद अहिरवार को जलाए जाने  को लेकर सियासत थम नहीं रही है. भाजपा ने इसे लेकर कल मंगलवार को सागर में जंगी प्रदर्शन और सभा करने की बात कही है. इस सभा में बड़ी संख्या में लोगों से पहुंचने की अपील पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की है.
राज्य में अनुसूचित जाति के युवक धनप्रसाद अहिरवार को जिंदा जलाए जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है.धनप्रसाद की बीते दिनों दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई. इसके बाद से भाजपा सरकार पर हमलावर है. अब भाजपा ने कल मंगलवार 28 जनवरी को सागर में एक जंगी सभा का आयोजन किया है. यहां पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की बात भाजपा ने कही है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने खुद सभा में लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है.  
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर आरोप लगाए कि सरकार ने ढंग से  ईलाज की व्यवस्था नहीं की. भाजपा के दबाव में सरकार धनप्रसाद को इलाज के लिए भोपाल लाई और फिर अनुसूचित जनजाति आयोग के दबाव में उसे इलाज के लिए दिल्ली ले गई.  उन्होंने कहा कि इस  सरकार में सुरक्षा नहीं, इलाज की व्यवस्था नहीं. घटना को दबाने की कोशिश में धनप्रसाद की जिंदगी चली गई. इस सरकार में ऐसे कई धनप्रसाद अहिरवार प्रताड़ित किए जा रहे हैं. अन्याय की अति और जुर्म की पराकाष्ठा हो गई है, इसलिए भाजपा ने 28 जनवरी को सागर में जंगी प्रदर्शन करने का फैसला लिया है.

सांकेतिक रूप से फांसी के फंदे पर लटके अतिथि विद्वान

 कांग्रेस नेताओं ने किया मांगों का समर्थन

नियमितीकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठे अतिथि विद्वानों ने  सांकेतिक रुप से फांसी के फंदे पर लटक कर विरोध प्रदर्शन किया. अतिथि विद्वानों के धरना प्रदर्शन पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने उनकी मांग का समर्थन किया और मुख्यमंत्री कमलनाथ से चर्चा करने का आश्वासन दिया.
राजधानी भोपाल स्थित यादगार ए शाहजहांनी पार्क में अपनी मांगों को लेकर अतिथि विद्वानों का धरना जारी है. अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रभारी डा. जेपीएस चौहान एवं डा. आशीष पांडेय के अनुसार जहां 26 जनवरी राष्ट्रीय पर्व में सुअवसर पर सरकार कैदियों से भी अच्छा व्यवहार करके उनकी सजा कम करती है, किन्तु इस सरकार ने अतिथि विद्वानों के साथ अपराधियों से भी बदतर सलूक किया है. जो सजा कांग्रेस की सरकार ने अतिथि विद्वानों को दी है वह अमानवीय एवं असहनीय है. हम लगातार  इस पार्क में खुले आसमान तले समय काट रहे है, किन्तु अब तक मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं मंत्री जीतू पटवारी को हमारी दुर्दशा पर तरस नही आया है. लगता है नेता अतिथि विद्वानों की मृत्यु की प्रतीक्षा में है.  गणतंत्र दिवस की पावन बेला पर कई कांग्रेस नेता अतिथि विद्वानों के पंडाल में पहुंच कर अतिथि विद्वानों की मांगों का समर्थं किया. कांग्रेस नेताओं में प्रमुख रूप से फूल सिंह बरैया के अलावा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव जसवीर गुर्जर तथा सिद्धार्थ मोरे शामिल हैं.
अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजक डा. सुरजीत भदौरिया ने बताया कि गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर शाहजहानी पार्क में अतिथि विद्वानों के पंडाल में  एनजीओ गांधीआलय विचार सेवा संघ के अध्यक्ष व समाजसेवी चंद्रशेखर सिंह राणा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया इसके पश्चात राष्ट्रगान व संविधान की उद्देशिका का वाचन किया गया. इस अवसर पर संघ के पदाधिकारी व लगभग 2 हजार  अतिथि विद्वानों ने उक्त कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
शाहीन बाग की चर्चा लेकिन शाहजहांनी पार्क को भूली कांग्रेस
अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता डा. मंसूर अली के अनुसार कांग्रेस पार्टी की ये अस्पष्ट नीति का ही परिणाम है कि आज देश मे शाहीन बाग के साथ-साथ मध्यप्रदेश के शाहजहानी पार्क की चर्चा है. कांग्रेस पार्टी को शाहीन बाग के लिए समय है, लेकिन शाहजहांनी पार्क को कांग्रेस पार्टी द्वारा भुला दिया गया है. यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि संविधान रक्षा का नारा देने वाली पार्टी आज स्वयं अतिथि विद्वानों के अधिकारों और अपने कर्तव्यों को नजरअंदाज कर रही है. जबकि स्पष्ट रूप से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अतिथि विद्वानों को नियमित करने का वचन विधानसभा चुनाव पूर्व कांग्रेस के वचनपत्र में दिया था.

शुक्रवार, 24 जनवरी 2020

अमानवीयता की हदें पार कर दी कांग्रेस सरकार ने



मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अमानवीयता के सभी हदें पार कर दी. मध्यप्रदेश में स्थिति अंग्रेजी शासनकाल से बद्दतर हो गई है.
पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने सागर में आग से जले युवक धर्मप्रसाद के अंतिम संस्कार में जनप्रतिनिधियों को शामिल होने से प्रशासन द्वारा रोके जाने की निंदा करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा जिंदा जलाए गए  धर्मप्रसाद अहिरवार की अंतिम यात्रा में भाजपा के जनप्रतिनिधियों को प्रशासन ने शामिल होने से रोका गया. क्या शासन-प्रशासन की तानाशाही इस हद तक बढ़ गई है कि जनप्रतिनिधियों को अंतिम यात्रा तक में शामिल होने से रोका जाएगा. चौहान ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब हमें सांस लेने के लिए भी सरकार से इजाजत लेनी होगी. उन्होंने कहा कि मैं कमलनाथ सरकार से पूछना चाहता हूं कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों से आपको इतना डर लगने लगा है कि आप नागरिकों का दु:ख बांटने से भी रोकेंगे?
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशासन के लोग तब कहां थे जब एक दलित नागरिक को सरेआम जिंदा जलाया जा रहा था. तब वे हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठे रहे, जब दोषियों पर मामला दर्ज करने की बारी आई. उन्होंने कहा कि अपराधियों पर शिकंजा कसने की जगह शासन-प्रशासन द्वारा हमेशा भाजपा के कार्यकर्ताओं को ही दबाया जाता है. चौहान ने कहा कि  प्रशासन के लोग कांग्रेस सरकार के दमनकारी आदेशों का पालन करने में तो हमेशा तत्पर रहते हैं, परंतु जब जनता के अधिकारों की रक्षा की बात आती है तो सभी बगलें झांकने लगते हैं. स्थिति अंग्रेजों के शासनकाल से भी बदतर हो गई है. शोषण, दमन, अत्याचार की पराकाष्ठा हो गई है. 
चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी हैं. अंतिम संस्कार में शामिल होना और नागरिकों का दु:ख बांटना भी अब इनके हिसाब से अपराध है. उन्होंने कहा कि जितनी लाठी-डंडे चलाना हो चलाओ, भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के हितों के लिए आखिरी सांस तक लड़ेगा. 

भाजपा के 15 साल में पनपा माफिया राज, 11 प्रकार के माफियाचिंहित

 राजधानी भोपाल भी हुई माफिया गढ़ में तब्दील

मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने कहा कि भाजपा के 15 साल में प्रदेश में माफिया राज पनपा है. हमने 11 प्रकार के माफियाओं को चिंहित किया है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने माफिया मुक्ति का संकल्प लिया है, किसी भी माफिया को छोड़ा नहीं जाएगा.
जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने यह बात आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, जो कभी देश की कला और संस्कृति की राजधानी माना जाता था, उसे 15 सालों की भाजपा राज की सरपरस्ती में अपराधों और माफिया के गढ़ में तब्दील कर दिया गया था. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संकल्प लिया है कि प्रदेश के कोने-कोने से चुन-चुन कर माफियाओं का सफाया किया जाएगा और कानून का राज स्थापित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में  वसूली माफिया आम जनता और व्यापारियों का जीना दूभर किये हुए थे. व्यापारियों से प्रोटेक्षन मनी और हफ्ता वसूला जाता था. माफिया मुक्त अभियान के तहत समूचे प्रदेश में ऐसे वसूली माफियाओं को चिन्हित किया गया है. हर जिले में पुलिस द्वारा लोगों को सूचना दी जा रही है कि वे ऐसे अपराधियों की जानकारी पुलिस को दें. 
11 प्रकार के माफिया चिंहित
उन्होंने बताया कि  प्राथमिक रूप से 11 प्रकार के माफियाओं को चिन्हित किया गया है, ड्रग माफिया, भू-माफिया, वसूली/फिरोती माफिया, शराब माफिया, मिलावट माफिया, चिटफंड माफिया, अवैध कालोनी माफिया, ब्लैकमेल माफिया, माइनिंग माफिया, ट्रांसपोर्ट माफिया और सहकारी माफिया, जिनके खिलाफ समूचे प्रदेश में व्यापक रूप से कार्यवाही की जा रही है. शर्मा ने बताया कि अब तक की कार्यवाही में 615 भू-माफियाओं पर, 694 शराब माफिया, 150 मिलावट माफिया, 65 सहकारी माफिया, 149 वसूली माफिया तथा ट्रांसपोर्ट माफियाओं के 1053 वाहनों पर कार्यवाही की गई है अर्थात समूचे प्रदेश में माफियाओं पर कहर बनकर कमलनाथ सरकार टूट पड़ी है और उन्हें सलाखों के पीछे डाला गया है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 149 ऐसे माफियाओं के खिलाफ रासुका और जिलाबदर की कार्यवाही की गई है.
कहां कितनी हुई कार्रवाई
* माफिया मुक्त अभियान की शुरूआत इंदौर शहर से की थी, जहां वर्षों से मीडिया संस्थान की आड़ में अवैध डांस बार और ब्लैकमेलिंग का कारोबार चलाया जा रहा था. न सिर्फ ब्लैकमेलिंग करने वालों पर शिकंजा कसा, अपितु 67 महिलाओं को इस माफिया के चंगुल से मुक्त भी कराया. इसी प्रकार इंदौर में बड़े-बड़े माफियाओं के अवैध निर्माण रातों-रात ध्वस्त कर उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया गया.
* मंदसौर में अंतरर्राष्ट्रीय फरार अफीम तस्कर मोहम्मद शफी और उसके भाई मोहम्मद अयूब के करोड़ों रुपयों की आलीशान हवेलियों को ध्वस्त कर दिया गया. साथ ही भगवान पशुपतिनाथ की 250 करोड़ रुपए की भूमि, जो इन दोनों ड्रग माफियाओं ने कब्जा कर रखी थी, उसे भी मुक्त कराकर पशुपतिनाथ मन्दिर ट्रस्ट को सौंप दी गई.
* भोपाल में कई रेस्टोरेंट में अवैध रूप से शराब एवं नशीली दवाओं का सेवन करवाया जा रहा था. ऐसे 9 ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया गया. कई बड़े सूचीबद्ध माफियाओं के घरों को नेस्तनाबूत कर दिया गया. भोपाल जिले में 19 स्थानों पर माफियाओं ने 53.46 एकड़ शासकीय भूमि पर कब्जा कर लिया था, जिसे मुक्त कराया गया.
* जबलपुर में भी व्यापक रूप से माफियाओं पर कार्यवाही की गई.  अवैध वसूली और फिरोती माफिया, जैसे राहुल कोरी, मंजू चक्रवर्ती, बल्लू केवट, अनिराज नायडू इत्यादि कई माफिया जिन पर 30 से 40 अपराध पंजीबद्ध हैं, उन्हें पकड़कर सलाखों के पीछे डाल दिया गया.
* ग्वालियर में भी भू-माफियाओं से 139 बीघा शासकीय भूमि, जो लगभग 500 करोड़ रुपए की है, को मुक्त कराया गया. इसी प्रकार समूचे मध्यप्रदेश में लगभग 15 सौ करोड़ की शासकीय भूमियों को माफियाओं से मुक्त कराया गया है.

धरने में शामिल हुए भाजपा के दिग्गज



प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा द्वारा आज दिए गए धरने में भाजपा के दिग्गज नेताओं ने शिरकत की. राजधानी भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान के नेतृत्व में यह धरना दिया गया तो इंदौर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह और उज्जैन में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के नेतृत्व में भाजपा ने धरना देकर ज्ञापन सौंपा.
मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा ने प्रदर्शन किया.  धरने के दौरान भाजपा द्वारा प्रदेश सरकार द्वारा माफिया अभियान पर सवाल उठाए गए, जिसमें कमजोर लोगों को निशाना बनाकर, रसूखदारों से वसूली करने का आरोप लगाया गया. इसके साथ ही भाजपा नेताओं ने कहा कि हमारी सरकार के दौरान प्रदेश में ट्रांसफर उद्योग नहीं चलता था. इस दौरान बड़ी संख्या में यहां पुलिस बल तैनात रहा. राजधानी भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के नेतृत्व में यह धरना दिया गया. धरने के लिए दोपहर से ही कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरु हो गया था. इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि माफिया और अतिक्रमण के नाम पर सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई कर रही है. कांग्रेस सरकार द्वारा यह भेदभाव किया जा रहा है, जो अनुचित है. उन्होंने कहा कि भाजपा पार्टी हित और कार्यकर्ता के हित में लड़ाई जारी रखेगी. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अतिक्रमण के नाम पर आमजन और भाजपा कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है. भाजपा के इस धरना प्रदर्शन में इंदौर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह,  जबलपुर में नरोत्तम मिश्रा,  उज्जैन में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और ग्वालियर में सांसद  विवेक शेजवलकर के नेतृत्व में धरना देकर कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारियां दी. 
हम सरकार के हर अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शराब माफिया, भू माफिया, परिवहन माफिया सक्रिय है. इन पर कार्रवाई नहीं हो रही है,  लेकिन गरीबों पर अतिक्रमण के नाम पर जुल्म ढ़ाया जा रहा है. हम सरकार के हर अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि जब हम सिसकते हैं, तो आसमां सिसकता है और जब हम बदलते हैं, तो इतिहास बदल जाता है, इसलिए हमें छेड़ो मत. हम जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं पर जुल्म नहीं करने देंगे. सरकार के हर जुल्म के खिलाफ लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार माफियाओं के नाम पर गरीब नागरिकों को परेशान कर रही है. बड़े तालाब पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है, क्योंकि उन्होंने सरकार को धमकी दे रखी है कि इधर देख मत लेना, नहीं तो...

गुरुवार, 23 जनवरी 2020

सरकार के कहने पर काम न करें, बल्कि नियमों का पालन करें

शिवराज सिंह चौहान 

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर कानून का दुरुपयोग किया तो हम सरकार की र्इंट से र्इंट बजा देंगे. उन्होंने अधिकारियों को साफ कहा कि वे सरकार के कहने पर काम न करें, बल्कि नियमों का पालन करें.
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज नसरुल्लागंज में तहसील कार्यालय के घेराव के दौरान कही. वे आज दोपहर को नसरुल्लागंज पहुंचे. उन्होंने अत्याचार के खिलाफ नसरुल्लागंज में तहसील कार्यालय का घेराव किया. इस अवसर पर उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि  अन्याय की अति हो गई है. जनता को धमकी दी जा रही है कि केस करवा देंगे, घर तोड़वा देंगे. उन्होंने कहा कि मैं अफसरों से कहना चाहता हूं कि सरकार के कहने पर डराने-धमकाने की कोशिश मत करो, ये सरकारें तो आती-जाती रहती हैं, इसलिए नियमों का पालन करो. चौहान ने कहा कि जनता जब अपनी पर आती है, तो सिंहासन पांव के नीचे रौंदकर माटी में मिला देती है, ताज उखाड़ देती है, धूल में मिला देती है. यह अहंकार नहीं चलता है. उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई धर्म है और बचपन से मैंने इस धर्म का पालन किया है. हर जुल्म के खिलाफ हम लड़ेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सरकार को चेतावनी देने आये हैं कि कानून का दुरुपयोग कर लोगों को डराने की कोशिश की तो हम सरकार की र्इंट से र्इंट बजा देंगे.

कमलनाथ को बताया कृष्ण, शिवराज को शकुनी

पी.सी.शर्मा 
 एक-दूसरे को कोस रहे भाजपा और कांग्रेस नेता

मध्यप्रदेश के राजगढ़ कलेक्टर के थप्पड़ के बाद अब नेताओं के विवादित बयानों पर सियासत तेज हो गई है. भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने एक-दूसरे को कोसना शुरु कर दिया है. इतना ही नहीं राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा तो मुख्यमत्री कमलनाथ को कृष्ण बताने से भी नहीं चूके. उन्होंने कहा कि महिलाओं की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ कृष्ण के रुप में पीछे खड़े हैं. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को वे शकुनी बता गए.
राजगढ़ कलेक्टर द्वारा तिरंगा यात्रा के दौरान प्रदर्शन कर रहे युवक को थप्पड़ मारने के मामले में जब भाजपा सड़क पर उतरी तो कांग्रेस नेता भी भाजपा नेताओं पर आक्रामक हो गए. कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री बद्रीलाल यादव, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव द्वारा दिए बयानों पर हमला बोलना शुरु कर दिया. इसके बाद अब भाजपा ने भी मोर्चा खोला है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मोर्चा संभाला है. वहीं कांग्रेस की ओर से नेताओं के अलावा जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने मोर्चा संभाला और भाजपा नेताओं के बयानों की निंदा की. 
भाजपा के राष्ट्रीय कैलाश विजयवर्गीय ने कलेक्टर को जेएनयू का वायरस बताने के बयान पर जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि महिलाओं में जेनएयू का वायरस नहीं रानी लक्ष्मीबाई और इंदिरा गांधी का वायरस है. मुख्यमंत्री कमलनाथ को भगवान कृष्ण बताते हुए मंत्री  शर्मा ने कहा महिलाओं की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री कृष्ण के रूप पीछे खड़े रहेंगे. शर्मा ने कहा कि महिला अधिकारियों को लेकर जिस तरह के शब्दों का उपयोग किया गया वो दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने पूर्व राज्यमंत्री बद्रीलाल यादव के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को शकुनी मामा तक बता दिया.
पूर्वाग्रह से पीड़ित होकर कभी नहीं बोलते यादव
नरोत्तम मिश्रा 

पूर्व राज्य मंत्री बद्रीलाल यादव के बयान का समर्थन करते हुए पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पूर्वाग्रह से पीड़ित होकर कभी बद्रीलाल यादव नहीं बोलते है. बद्रीलाल बेहद सरल स्वभाव के हैं. उन्होंने जो बोला उसका भाव मुझे वैसा नहीं लगा जैसा लिया जा रहा है. उनका बयान मातृत्व के भाव से जुड़ा है. उनके भाव को गलत रूप में नहीं लिया जाना चहिए. इसके साथ की शिवराज सिंह चौहान के सुर्पनखा कहने के बयान पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि शिवराज सिंह ने किसी व्यक्ति विशेष को लेकर ऐसा नहीं कहा था.
आईएएस एसोसिएशन ने  जताया विरोध
आईएएस एसोसिशन ने भी पूर्व मंत्री बद्रीलाल यादव की टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए उनकी आलोचना की है. आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष आईसीपी केशरी ने मुख्य सचिव एसआर मोहंती को चिट्ठी लिख कलेक्टर पर की गई टिप्पणी पर विरोध दर्ज कराया.  एसोसिएशन ने चिट्ठी में लिखा है कि राजगढ़ में सार्वजनिक मंच से सभा के दौरान कलेक्टर पर की गई टिप्पणी की एसोसिएशन कड़ी निंदा करता है. इस तरह के बयान से न केवल अधिकारियों का मनोबल गिरेगा, बल्कि महिला अधिकारी के सम्मान को भी ठेस पहुंचेगी. ला एंड आर्डर की स्थिति को बनाए रखना प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है. एसोसिएशन ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर की गई टिप्पणी का विरोध करता है.
पूर्व मंत्री ने बयान के लिए मांगी माफी
राजगढ़ कलेक्टर के बहाने राज्य की कमलनाथ सरकार को घेरने की कोशिश भाजपा को महंगी पड़ती नजर आ रही है. नेताओं द्वारा की गई बयानबाजी को लेकर जब भाजपा घिरती नजर आई तो पूर्व मंत्री बाबूलाल यादव ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली. उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि मेरे बात को अन्यथा न लें. फिर अगर किसी को ठेस पहुंची है तो मैं अपने बयान पर खेद व्यक्त करता हूं. मेरे कहने का आशय गलत नहीं था. उन्होंने कहा कि वे महिलाओं का सम्मान करते हैं, मगर उनके बयान को गलत लिया गया. 

धन प्रसाद की मौत के लिए जिम्मेदार है सरकार: भार्गव

गोपाल भार्गव 

मध्यप्रदेश के सागर जिले में आपसी विवाद के चलते मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाए गए धन प्रसाद अहिरवार की उपचार के दौरान गुरुवार को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई. धनप्रसाद की मौत के लिए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्य की कमलनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. 
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि आखिरकार मध्यप्रदेश में शासन प्रशासन की लापरवाही ने सागर के दलित युवक धन प्रसाद अहिरवार की जान ले ली.  उन्होंने कहा कि समय रहते कमलनाथ सरकार अगर दलित युवक की सुध ले लेती तो आज उस युवक की जान बचाई जा सकती थी. नेता प्रतिपक्ष भार्गव ने कहा प्रदेश सरकार द्वारा वोटों के संतुष्टि करण और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण वर्ग विशेष पर कार्रवाई न करना दु:खद है. उन्होंने मृतक युवक के परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नोकरी और आर्थिक सहायता देने की मांग की. 
सांप्रदायिक तुष्टिकरण की नीति ने ली धनप्रसाद की जान
राकेश सिंह 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि सरकार ने उसे ठीक से इलाज नहीं मुहैया कराया. ये बेहद दुखद और शर्मनाक है. सरकार की सांप्रदायिक तुष्टिकरण की नीति ने धनप्रसाद की जान ले ली. उन्होंने कहा कि यदि सागर के धनप्रसाद हिंदू नहीं होते, तो कमलनाथ सरकार एक पैर पर खड़े होकर उनके इलाज व सेवा में लगी होती, लेकिन दुर्भाग्य से इस सरकार के रहते अपराध व मानवता को भी सांप्रदायिक चश्मे से देखा जाता है. सरकार की सांप्रदायिक नीति हमारे अनुसूचितजाति के बंधु के जीवन पर भारी पड़ गई. 
कमलनाथ 
मुख्यमंत्री ने कहा परिवार को दी जाएगी हरसंभव मदद
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सागर निवासी युवक धनप्रसाद अहिरवार की दिल्ली में इलाज के दौरान दु:खद मृत्यु का समाचार प्राप्त हुआ. परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं.  दु:ख की इस घड़ी में परिवार के साथ सरकार खड़ी है. उन्होंने परिवार की हर संभव मदद के निर्देश दिए हैं. वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पीड़ित को पहले सागर से भोपाल और बाद में एयर एम्बुलेंस से बेहतर इलाज के लिए दिल्ली शिफ्ट किया गया. सारा इलाज सरकारी खर्च पर. तत्काल आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई. उन्होंने कहा कि बड़ा ही शर्मनाक है कि इस युवक की मौत जैसे संवेदनशील मामले में भी भाजपा राजनीति कर झूठ बोल, क्षेत्र का माहौल खराब करने में लगी हुई है. भाजपा के पास अब कुछ बचा नहीं है इसलिए अब इस तरह की घटिया राजनीति पर उतर आयी है.
घर का चिराग चला गया, सरकार गिना रही एहसान
शिवराज सिंह चौहान 

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से पूछा है कि घटना के समय आपकी सरकार और पुलिस कहा थी? उन्होंने कहा कि अब ट्वीट कर एहसान जता रहे हैं कि हमारी सरकार ने मेडिकल सुविधा उपलब्ध करा दी, एयरलिफ्ट करा कर दिल्ली भेज दिया. घर का चिराग चला गया और सरकार एहसान गिना रही है. शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व भी धन प्रसाद के भाई की पत्नी के साथ इन्ही दबंगों ने मारपीट की तब भी यह सरकार मौन थी. उसी समय पुलिस ने जरूरी कदम उठाये होते, तो शायद आज मध्यप्रदेश को अपने एक नागरिक के जीवन से हाथ नहीं धोना पड़ता. कांग्रेस सीधे तौर पर अपराधियों को बचा रही है. 

मुस्लिमों को डराने के लिए लाए सीएए: दिग्विजय



मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि मोदी और शाह मुस्लिमों को डराने के लिए सीएए लाए हैं. अभी इसे लाने की कोई आवश्यकता ही नहीं थी.
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि देश में इस वक्त सीएए, एनआरसी, एनपीए पर चर्चा चल रही है. भारत के संविधान की मूल भावना सामाजिक न्याय, हर व्यक्ति को समान अधिकार देना और यह हर धर्म एवं जाति के लिए है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को किसे नागरिकता देना था, जो सीएए की जरुरत पड़ी. ये कानून इसलिए लाया गया क्योंकि भाजपा को देश के मुसलमानों को डराना था. सिंह ने कहा कि सीएए की अभी कोई जरूरत नहीं थी, लेकिन देश के मुस्लिमों को डराने के लिए मोदी सरकार ने यह हथकंडा अपनाया है. भारत में हर धर्म और जाति के लोगों को समान अधिकार है. दिग्विजय ने कहा कि सीएए को लेकर केंद्र सरकार खुद कन्फ्यूजन में है. 
दिग्विजय ने आरोप लगाया कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई वाले देश में सिर्फ एक समाज का भयभीत होना भविष्य के लिए चिंता की बात है. उन्होंने कहा कि एनआरसी को असम में लागू करके गलती हुई, फिर भी इसे देश मे लागू करने की बात हो रही है. सिंह ने कहा कि मैं दावे के साथ कह रहा हूं कि प्रधानमंत्री मोदी इस मामले पर खूद झूठ बोल रहे हैं. देश के हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई राष्ट्रभक्त हैं. दिग्विजय सिंह ने आरएसएस पर लोगों को बहकाने का आरोप भी लगाया. वहीं प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में घटित घटना पर कहा कि भाजपा कार्यकर्ता ने कलेक्टर को गाली दी थी, जिसके बाद ये मामला बढ़ा था.

सरकारी स्कूलों में होगा संविधान की प्रस्तावना का वाचन



नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे सामाजिक वाद विवाद के बीच कमलनाथ सरकार ने फैसला किया है कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में भारतीय संविधान की बेसिक जानकारी दी जाएगी. सरकार के इस आदेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इसे सरकार द्वारा उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताया और मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रशंसा की. 
मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिए हैं. सभी शासकीय स्कूलों में प्रति सप्ताह शनिवार को संविधान की उद्देशिका का वाचन किया जाएगा. संविधान की उद्देशिका का वाचन हर सप्ताह शनिवार को प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों के जरिए  प्रार्थना के बाद तथा हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्राचार्य बाल-सभा के दौरान बच्चों को संविधान की उद्देशिका का वाचन कराएंगे. आपको बता दे कि कांग्रेस का दावा है कि नागरिकता संशोधन कानून भारत के संविधान की मूल भावना के खिलाफ बनाया गया है.
दिग्विजय ने की प्रशंसा
प्रदेश सरकार के हर शनिवार को सरकारी स्कूलों में संविधान की प्रस्तावना पढ़ाए जाने के फैसले को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ऐतिहासिक कदम बताया है. उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को देश के संविधान की जानकारी होना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस निर्णय के लिए बधाई देना चाहता हूं, ये सच में एक बहुत ही अच्छा निर्णय लिया गया है. संविधान की जरूरी जानकारी और महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज इस बात की बेहद जरूरत है कि, हम अपने युवाओं को देश के संविधान के बारे में समझाएं और कमलनाथ सरकार ने ऐसा कर एक सकारात्मक पहल की है.

बुधवार, 22 जनवरी 2020

सुन लो कमलनाथ, तुम्हारी लंका को जलाकर राख कर देंगे

 भाजपा कार्यकर्ता को हल्के में न लें, नहीं तो कीमत चुकानी पड़ेगी: शिवराज

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि  सुन लो कमलनाथ, तुम्हारी लंका को हम जलाकर राख कर देंगे. उन्होंने कहा अपनी तरफ से भाजपा के कार्यकर्ता किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन जब कोई हमें छेड़ देता है, तो हम छोड़ते नहीं हैं.
तिरंगा यात्रा के दौरान ब्यावरा में कलेक्टर और एसडीएम द्वारा प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ की मारपीट के मामले के विरोध  में आज भाजपा ने यहां सभाकर कलेक्टर और एसडीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की. भाजपा द्वारा इस आयोजित इस सभा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव सहित अन्य नेता पहुंचे थे. सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मैडम, आपको थप्पड़ मारने का किसने अधिकार दिया था, प्रशासनिक अधिकारी आप हैं, क्या आपको संविधान अधिकार देता है कि जब चाहें किसी को भी थप्पड़ जड़ दें? क्या कानून आपको इसकी इजाजत देता है? उन्होंने कहा कि क्या सोचा था मैडम, आप कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दोगे और हम चुप-चाप घरों में बैठकर भूल जाएंगे. क्या भारत माता की जय बोलने पर थप्पड़ मारे जाएंगे और हम आंख बंद करके बैठ जाएंगे. ये भूल है मैडम.
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को मंच से चेतावनी देते हुए कहा कि सुन लो कमलनाथ, तुम्हारी लंका को हम जलाकर राख कर देंगे. उन्होंने कहा अपनी तरफ से भाजपा के कार्यकर्ता किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन जब कोई हमें छेड़ देता है, तो हम छोड़ते नहीं हैं. उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वे भाजपा कार्यकर्ताओं को हल्के में नहीं लें, अन्यथा उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. पूर्व मुख्यमंत्री ने सभा मंच से कहा कि अगर यहां आकर शिकायत पत्र ले लेंगे तो ठीक, वरना हम थाने पहुंचेंगे. इसके बाद पुलिस के अधिकारी मंच पर पहुंचे और उन्होंने कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ एफआइआर कराने का शिकायती पत्र लिया.
भाजपा का कार्यकर्ता हिसाब-किताब चुकता करके रहेगा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंंह से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह आप तो राजगढ़ को अपना कहते हो, आज मध्यप्रदेश की जनता यह पूछना चाहती है कि यहां भारत मां और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हो रहा है और आपको लगता है ऐसा करके कांग्रेस मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंंह आप यहां से निकलकर भोपाल गए, भोपाल की जनता ने भोपाल में सबक सीखा दिया. आप मध्यप्रदेश की धरती पर कहीं भी चले जाओ यह भाजपा का कार्यकर्ता है हिसाब-किताब चुकता करके रहेगा, चुनाव मैदान में चुकता करके रहेगा. हम पीछे हटने वाले नहीं हैं.
मध्यप्रदेश आ रहा जेएनयू का वायरस
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वे भाजपा कार्यकर्ताओं को हल्के में नहीं लें, अन्यथा उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. विजयवर्गीय ने राजगढ़ कलेक्टर पर हमला करते हुए कहा कि जेएनयू का वायरस  यहां भी आ गया है. उन्होंने कहा कि देश विरोधी नारे लगने की घटनाएं जेएनयू में प्रकाश में आती हैं. वहां पर तिरंगा का विरोध भी किया जाता है. अब पता चला है कि जेएनयू से पढ़ी महिला ही इस जिले की कलेक्टर है. उन्होंने कहा कि जेएनयू का वायरस यहां भी आ गया है और यहां की जनता जानती है कि वायरस को समाप्त करने के लिए क्या करना पड़ता है.
प्रदेश में आपातकाल लगा रही कांग्रेस
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि संविधान का अंग बन चुके सीएए कानून के समर्थन में राष्ट्रीय ध्वज लेकर निकले लोगों को मारना, पीटना उन पर लाठीचार्ज करना अशोभनीय है. राजगढ़ ब्यावरा की घटना मध्यप्रदेश में इमरजेंसी की आहट है. क्या मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय ध्वज लेकर निकलना भी अब अपराध है. उन्होंने कहा कि  प्रदेश सरकार के इशारे पर अधिकारी भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे है. कलेक्टर और  एसडीएम ही अगर लाठी और डंडे लेकर निकलने लगेंगे तो प्रदेश के छोटे अधिकारियों में क्या संदेश जाएगा. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि  1 साल में प्रदेश में अराजकता की स्थिति निर्मित हो गई है. कांग्रेस की कमलनाथ सरकार प्रदेश में आपातकाल लगा रही है.

पानी की टंकी पर चढ़ा छात्र, खुदकुशी की दी धमकी



राजधानी में आज बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर में बनी पानी की टंगी पर एक छात्र चढ़ गया और उसकी शिकायत का समाधान न होने पर टंकी से गिरकर खुदकुशी करने की धमकी देता रहा. नगर निगम कर्मचारियों ने मशक्कत के बाद छात्र को नीचे उतारा.
बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में विदिशा निवासी छात्र पंकज भार्गव ने पीएचडी में हुए फजीर्वाड़े की शिकायत अनेकों बार पिछले 40-50 दिन से लिखित एवं मौखिक रूप से कुलपति एवं कुलसचिव को की जा चुकी है, लेकिन कुलपति, कुलसचिव एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अनेकों बार शिकायत को अनसुना किए जाने से नाराज होकर पंकज आज सुबह विश्वविद्यालय परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गया है. जानकारी मिलने पर विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी वहां पहुंचे और छात्र को समझाइश देते रहे, मगर समझाइश का छात्र पर कोई असर नहीं पड़ा. छात्र बार-बार टंकी से गिर जाने की बात कहता रहा. बाद में छात्र को नीचे उतारने के लिए नगर निगम को सूचना दी. नगर निगम कर्मचारियों ने वहां पहुंचकर रेसक्यू कर छात्र को टंकी से नीचे उतारा.  छात्र पंकज का आरोप था  कि बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी में पीएचडी में एडमिशन लेना चाहता है, इसके लिए उसने एंट्रेस टेस्ट भी दिया, रिजल्ट आने के बाद उसका नाम रैंकिंग में 10 नंबर पर आया है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसका नाम नीचे डाल दिया, जिससे उसका पीएचडी में एडमिशन नहीं हो पाया.
शिक्षा मंत्री की भी नहीं मानी बात
एनएसयूआई नेता विवेक त्रिपाठी ने छात्र की बात उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी से कराई है, बावजूद इसके छात्र पानी की टंकी से उतरने को तैयार नहीं है. बता दें कि छात्र ने धमकी दी है कि अगर प्रबंधन कार्रवाई नहीं करता तो वह खुदकुशी कर लेगा.

भाजपा कार्यकर्ता की आवाज को कुचलना चाहती है कमलनाथ सरकार

राकेश सिंह
 भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा सरकार चलाना होगा मुश्किल

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में तिरंगा यात्रा के दौरान प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को मारे गए थप्पड़ को लेकर सियासत थम नहीं रही है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने आज आरोप लगाया कि राज्य की कमलनाथ सरकार कार्यकर्ता की आवाज को कुचलना चाहती है. उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर कार्यकर्ता की आवाज इस तरह कुचली गई तो भाजपा प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ को सरकार चलाना मुश्किल होगा.
राजगढ़ जिले के ब्यावरा में बीते दिनों दिनों तिरंगा यात्रा के दौरान प्रदर्शनकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच हुए विवाद के बाद मारे गए थप्पड़ को लेकर राजनीति तेज थम नहीं रही है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव कलेक्टर के खिलाफ एफआईआर की मांग को लेकर आज राजगढ़ पहुंचे और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को अनुचित बताया. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ जिस बर्बरता पूर्ण तरीके से राजगढ़ प्रशासन ने व्यवहार किया, उनके साथ मारपीट की और सबसे बड़ी बात ऐसी मारपीट की घटनाओं में वहां के कलेक्टर और एसडीएम जैसे अधिकारी खुद शामिल हो जाएं तो इससे यह साबित होता है कि उनको ऊपर से निर्देश क्या है. उन्होंने कहा कि जुल्मों-सितम करने वालों हम बर्दाश्त नही करेंगे.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ से कहना चाहता हूं कि यह भाजपा की चेतावनी है, इस तरह की चीजें अगर नहीं रुकी तो आने वाले समय में आपको सरकार चलाना बहुत मुश्किल होगा. उन्होंने कहा कि किस तरह से मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार भाजपा के कार्यकर्ताओं को दबाना और कुचलना चाहती है, लेकिन यह भारतीय जनता पार्टी है, यहां के कार्यकर्ता डरने, पीछे हटने या घबराने वाले नहीं हैं. भाजपा पूरी तरह से एकजुट है. उन्होंने कहा कि हम मांग कर रहे हैं कलेक्टर व एसडीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना चाहिए, ताकि आने वाले समय में कोई अधिकारी यह करने की हिम्मत ना करें. सिंह ने कहा कि गर्व से भारत माता की जय का उद्घोष होगा, हम अपने तिरंगे का सम्मान भी अक्षुण्ण रखेंगे और साथ ही हमारे कार्यकर्ता का अपमान करने वाले अत्याचारियों को उनका स्थान भी जरूर याद दिलाएंगे.
शिवराज सिंह चौहान 
कलेक्टर, एसडीएम का कृत्य दंडनीय अपराध
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजगढ़ के लिए रवाना होने से पहले राजधानी में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि एसडीएम और कलेक्टर के कृत्य को दंडनीय अपराध माना जाना चाहिए और कलेक्टर को निलंबित कर अपराधिक प्रकरण भी दर्ज होना चाहिए. सिंह ने कहा कि हम नियमों के तहत कार्रवाई चाहते है. उनका कहना है कि आज हम राजगढ़ जा रहे है और महिला अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करवाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के इशारे पर अधिकारी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने पर उतर आए हैं.