| लालजी टंडन |
मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा कि संविधान में राज्य सरकारों के लिए लक्ष्मण रेखा का प्रावधान है. वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की उन्होंने सनातन परंपरा को बढ़ाने के लिए प्रशंसा भी की.
राज्यपाल ने आज राजभवन में प्रेस प्रकोष्ठ के नवनिर्मित कक्ष के लोकार्पण के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह बात कही. केरल में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे टकराव के अलावा कुछ अन्य राज्यों में इस कानून को लागू न किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि जब कोई भी विधेयक लोकसभा और राज्यसभा में विधिवत पारित होकर राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद राजपत्र में प्रकाशित होकर कानून का स्वरूप ले लेता है, तो उसे इस देश का कोई भी राज्य लागू करने से इंकार कैसे कर सकता है. उन्होंने कहा कि संविधान में राज्य सरकारों के लिए भी लक्ष्मण रेखा है. राज्यों को अपनी लक्ष्मण रेखा को पार नहीं करना चाहिए. अगर वे ऐसा करते हैं तो वह अपने संवैधानिक अधिकारों का पालन करेंगे.
टंडन ने कहा कि राज्यपाल पद पर किसी व्यक्ति के काबिज होने के बाद वह संवैधानिक प्रावधानों के दायरों में रहकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हो जाता है. भले ही वह किसी राजनैतिक पृष्ठभूमि से आता हो. राज्यपाल संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही कार्य करता हैं. टंडन ने कहा कि आज हमारा देश विश्व शक्ति बनने की ओर अग्रसर है, तो सभी को इसकी सराहना करना चाहिए.
मुख्यमंत्री के कामों की तारीफ
राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के कामों की तारीफ भी की. राज्यपाल टंडन ने सरकार के धर्म को लेकर कर रहे कामों की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि कमलनाथ श्रीलंका में सीता माता के मंदिर का निर्माण करा रहे हैं. राम वनगमन पथ को विकसित करा रहे हैं, इसके अलावा हनुमान चालीसा और जाप इत्यादि करा रहे हैं. राज्यपाल ने कहा कि यह सब सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने के कार्य हैं और इसकी वे सराहना करते हैं. उन्होंने इसी से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि इस देश में भगवान राम के अस्तित्व का निर्धारण अदालत से तय हुआ है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेहतर कार्य करती है, तो प्रशंसा करने में कोई हर्ज नहीं है. जब उन्हें (राज्यपाल) कहीं कुछ दिखायी देता है, तो उन्हें संवैधानिक प्रावधानों का उपयोग करने में कोई रोकटोक नहीं है.






























